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महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करने पर 35 जनता की हत्या, बेरहम ईरान सरकार सेना का ले रही सहारा

Nilmani Pal
6 Jan 2026 8:04 AM IST
महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करने पर 35 जनता की हत्या, बेरहम ईरान सरकार सेना का ले रही सहारा
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ईरान। ईरान में बढ़ती महंगाई और डांवाडोल अर्थव्यवस्था के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसे लेकर वहां की जनता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामिक शासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है. बीते कई हफ्तों से देश की राजधानी तेहरान, इस्फहान, मशहद, शिराज, कोम जैसे प्रमुख शहरों में लोग इस्लामिक शासन से मुक्ति के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी ‘डेथ टू खामेनेई’ और 'मुल्लाओं को छोड़ना होगा देश' जैसे नारे लगा रहे हैं.

ईरान की मौजूदा सरकार ने अपने खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक जनआंदोलन मानने से इनकार किया है और इसे विदेशी साजिश बताया है. खामनेई के नेतृत्व वाले शासन की ओर से इस जनविद्रोह को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने दो दिन पहले चेतावनी देते हुए कहा था कि 'दंगाइयों को उनकी जगह दिखाएंगे'. न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने स्थानीय एक्टिविस्ट के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 35 हो गई है और 1200 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं. इन प्रदर्शनों के रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 29 प्रदर्शनकारी, 4 बच्चे और ईरान के सुरक्षा बलों के 2 जवान मारे गए हैं. ईरान के 31 प्रांतों में से 27 प्रांतों में 250 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन हुए हैं. ये आंकड़े अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी से आया है. यह समूह, जो अपनी रिपोर्टिंग के लिए ईरान के भीतर सक्रिय कार्यकर्ताओं के नेटवर्क पर निर्भर करता है, अतीत में हुए अशांति के दौरों में सटीक जानकारी देता रहा है. ईरान के अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के करीबी मानी जाने वाली समाचार एजेंसी फार्स (Fars) ने सोमवार देर रात रिपोर्ट किया कि प्रदर्शनों में लगभग 250 पुलिस अधिकारी और आईआरजीसी के बासिज फोर्स के 45 सदस्य घायल हुए हैं. ईरान में इस्लामिक शासन विरोधी प्रदर्शनों में बढ़ती मौतें अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना को बढ़ा रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर तेहरान 'शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हिंसक हत्याएं' करता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा. हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप हस्तक्षेप करेंगे या नहीं, लेकिन उनकी टिप्पणियों ने तुरंत ही तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया. ईरानी अधिकारियों ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी. अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद इन टिप्पणियों का महत्व और भी बढ़ गया. बता दें कि मादुरो लंबे समय से तेहरान के सहयोगी रहे हैं.

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