
Sri Lanka श्रीलंका : तुलनात्मक रूप से विवादास्पद मछुआरों के मामले में राहत भरी खबर आई है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि श्रीलंका से 30 भारतीय मछुआरों को सुरक्षित रूप से वापस लाया गया है और वे अब अपने घर लौट रहे हैं। इंडियन हाई कमीशन ने इस घटना की पुष्टि करते हुए अपने आधिकारिक X पोस्ट में लिखा, "आज श्रीलंका से 30 भारतीय मछुआरों को वापस लाया गया और वे घर लौट रहे हैं।"
भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों का मुद्दा लंबे समय से विवादित रहा है। भारतीय मछुआरे अक्सर पाल्क स्ट्रेट में मछली पकड़ते समय गलती से श्रीलंका के तटीय जल क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे उनके और स्थानीय अधिकारियों के बीच तनाव पैदा होता है। इस क्षेत्र में कई घटनाओं में लंकाई नेवी के जवानों ने भारतीय मछुआरों पर गोलियां चलाईं और उनके जहाज़ ज़ब्त किए गए। ऐसी घटनाएं अक्सर मछुआरों के जीवन और उनके परिवारों के लिए खतरनाक साबित होती रही हैं।
पाल्क स्ट्रेट, जो तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच एक पतली जलधारा है, दोनों देशों के मछुआरों के लिए महत्वपूर्ण मछली पकड़ने का ज़रिया है। इसके बावजूद, सीमा रेखा की अस्पष्टता और तेज़ धाराओं के कारण मछुआरे अक्सर गलती से दूसरे देश के पानी में पहुँच जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप उनकी गिरफ्तारी और नावों की ज़ब्ती जैसी घटनाएं होती हैं।
इंडियन हाई कमीशन की ओर से जारी बयान में बताया गया कि भारतीय मछुआरों की सुरक्षित वापसी के लिए श्रीलंका सरकार के साथ बातचीत और कूटनीतिक प्रयास लगातार किए जा रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम भारत और श्रीलंका के बीच बेहतर द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने और मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पिछले वर्षों में इस मुद्दे को लेकर कई बार तनाव बढ़ा है। मछुआरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए दोनों देशों की सरकारों ने समय-समय पर बातचीत की है। भारतीय अधिकारियों ने मछुआरों से अपील की है कि वे सीमा रेखा का ध्यान रखें और किसी भी तरह की शंका होने पर स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें।
पाल्क स्ट्रेट में मछली पकड़ने वाले भारतीय मछुआरों का यह दल वापस लौटने के बाद उनके परिवारों में राहत की लहर दौड़ गई। स्थानीय मछुआरे इस वापसी को सकारात्मक संकेत मान रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच और अधिक स्पष्ट समझौते और निगरानी व्यवस्था बनाई जाएगी।
हालांकि विवाद का समाधान अभी पूरी तरह नहीं हुआ है, लेकिन इस बार की सुरक्षित वापसी से मछुआरों और उनके परिवारों को थोड़ी राहत मिली है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने और सीमा पार मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के बीच संवाद और कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी रहेंगे।





