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रूसी ड्रोन हमले में बचे 3 भारतीय, रोमानिया से भारत रवाना

nidhi
12 Oct 2026 6:37 AM IST
रूसी ड्रोन हमले में बचे 3 भारतीय, रोमानिया से भारत रवाना
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समंदर में रूसी ड्रोन का कहर

नई दिल्ली: काला सागर में रूसी ड्रोन हमले की चपेट में आए एक जहाज से बचाए गए तीन भारतीय नागरिक रोमानिया से भारत के लिए रवाना हो गए हैं। समुद्री क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनकी स्वदेश वापसी महत्वपूर्ण विषय बन गई थी। हमले के बाद तीनों भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया और रोमानिया पहुंचाया गया। अब उनके भारत लौटने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

काला सागर लंबे समय से रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण संवेदनशील समुद्री क्षेत्र बना हुआ है। इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और हमलों के चलते व्यावसायिक जहाजों तथा उन पर काम करने वाले चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंताएं बनी हुई हैं। ताजा घटना ने एक बार फिर समुद्री परिवहन से जुड़े जोखिमों की ओर ध्यान खींचा है।
तीनों भारतीय नागरिकों की हुई पहचान
रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट स्थित भारतीय दूतावास ने तीनों नागरिकों की पहचान साहिल संधू, अश्विनी कुमार और हरमन सिंह के रूप में की है। दूतावास ने 10 अक्टूबर को जानकारी दी कि तीनों भारतीय नागरिक भारत के लिए रवाना हो गए हैं। उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारतीय अधिकारियों ने रोमानिया के स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया। भारतीय दूतावास ने बताया कि तीनों नागरिकों को यात्रा संबंधी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। दूतावास ने रोमानिया के अधिकारियों, कॉन्स्टांटा काउंटी अस्पताल और बचाव दल का सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
5 अक्टूबर को मालवाहक जहाज पर हुआ था हमला
यह घटना 5 अक्टूबर 2026 की है। तुर्किए की एक कंपनी के स्वामित्व वाला मालवाहक जहाज एमवी रोयाद ममादोव यूक्रेन के इजमेल बंदरगाह से मक्का लेकर इटली के रवेना बंदरगाह की ओर जा रहा था। इसी दौरान काला सागर में रोमानिया की समुद्री सीमा के बाहर जहाज पर हमला हुआ। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसके लिए रूसी ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, रोमानिया के अधिकारियों ने हमले के स्रोत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की थी। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। इस घटना में दो विदेशी नाविकों की मौत हो गई, जबकि चालक दल के कई सदस्य घायल हुए। रोमानिया के बचाव दल ने समुद्र में फंसे 11 लोगों को सुरक्षित निकाला। इनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
एक भारतीय घायल, अस्पताल में कराया गया इलाज
हमले में तीनों भारतीय नागरिकों की जान बच गई, हालांकि उनमें से एक को चोटें आई थीं। घायल भारतीय को रोमानिया के कॉन्स्टांटा काउंटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि ने 7 अक्टूबर को तीनों नागरिकों से मुलाकात की। उस समय दो भारतीयों के होटल में ठहरने और तीसरे के अस्पताल में उपचार कराने की जानकारी दी गई थी। दूतावास ने बताया था कि तीनों की हालत स्थिर है। उन्हें आवश्यक सामान उपलब्ध कराने के साथ मोबाइल फोन की व्यवस्था भी कराई गई। स्थानीय भारतीय रेस्तरां के माध्यम से उनके भोजन की व्यवस्था की गई थी। दूतावास ने भारतीय नागरिकों को आश्वासन दिया था कि सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। इसके बाद यात्रा संबंधी व्यवस्थाएं पूरी होने पर तीनों को भारत के लिए रवाना किया गया।
समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
काला सागर अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़े हैं। व्यावसायिक जहाजों पर हमले का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता। इन जहाजों पर अलग-अलग देशों के नागरिक काम करते हैं। ऐसे में किसी जहाज पर हमला होने की स्थिति में कई देशों के नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। एमवी रोयाद ममादोव पर हुए हमले ने भी इसी चुनौती को सामने रखा है। जहाज तुर्किए की कंपनी का था, उस पर विभिन्न देशों के चालक दल के सदस्य मौजूद थे और वह यूक्रेन से इटली की ओर जा रहा था। इस घटना में भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए रोमानिया के बचाव दल और भारतीय दूतावास के बीच सहयोग महत्वपूर्ण रहा।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा बनी अहम चिंता
भारत अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित नाविक उपलब्ध कराने वाले देशों में शामिल है। बीआईएमसीओ-आईसीएस की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक समुद्री कार्यबल में 3,11,936 भारतीय पेशेवर कार्यरत हैं। इस आधार पर भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। ऐसे में युद्ध प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय है। काला सागर की इस घटना में तीन भारतीयों की जान बचना राहत की बात है, लेकिन दो विदेशी नाविकों की मौत समुद्री क्षेत्र में बने खतरे को भी दर्शाती है। भारतीय दूतावास ने तीनों नागरिकों की स्वदेश रवानगी की पुष्टि की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके भारत पहुंचने के समय की पुष्टि नहीं हुई है।
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