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अमेरिका जा रहे 3 भारतीय रिश्तेदार लापता

Kiran
30 Sept 2026 12:15 PM IST
अमेरिका जा रहे 3 भारतीय रिश्तेदार लापता
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अमेरिका गुजरात के तीन लोग, जो कथित तौर पर गैर-कानूनी रास्ते से अमेरिका जा रहे थे, इथियोपिया पहुँचने के बाद लापता हो गए हैं। उनके रिश्तेदारों का दावा है कि उन्हें अगवा कर लिया गया है और अपहरणकर्ताओं ने उनकी रिहाई के लिए 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है। आपस में रिश्तेदार इन तीनों लापता लोगों की पहचान मेहसाणा के वाडस्मा गाँव के रुत्विक जनसारी, मूल रूप से मेहसाणा की रहने वाली और अभी अहमदाबाद में रह रहीं ममता चावड़ा, और राज्य की राजधानी गांधीनगर की मयूरी के तौर पर हुई है।
रिश्तेदारों ने बताया कि ये तीनों 20 सितंबर को एजेंटों के ज़रिए अमेरिका के लिए निकले थे। उन्होंने तीनों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए सरकार से मदद मांगी है। ममता के पिता किरीटभाई चौहान ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि परिवार वालों ने तीनों को अमेरिका भेजने के लिए एक एजेंट को प्रति व्यक्ति लगभग 70 लाख रुपये दिए थे।
उन्होंने दावा किया कि अफ्रीका के इथियोपिया पहुँचने के बाद तीनों को बंधक बना लिया गया और अपहरणकर्ताओं ने उनकी रिहाई के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग की। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा, "हमने उन्हें (अमेरिका) भेजने के लिए पहले ही बहुत पैसे दे दिए हैं। हमारे पास अब कुछ नहीं बचा है और हम बेबस हैं। हम सरकार से गुज़ारिश करते हैं कि हमारे तीनों बच्चों को सुरक्षित वापस लाए।" रुत्विक के दादा कानूभाई जनसारी ने भी दावा किया कि अपहरणकर्ताओं ने तीनों की रिहाई के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग की है और अपहरणकर्ताओं को पहले ही 60 लाख रुपये दिए जा चुके हैं।
उन्होंने और कोई जानकारी नहीं दी।
एक स्थानीय एजेंट, अल्पेश पंचाल ने पत्रकारों को बताया कि अफ्रीकी देश में जिन लोगों ने तीनों को अगवा किया, उन्होंने 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है। पुलिस ने बताया कि तीनों के लापता होने की सूचना मिली है और 22 सितंबर के बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। मेहसाणा ज़िले के लांघनाज पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ए.एम. गहलोत ने बताया कि ममता के पिता ने मंगलवार को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के मुताबिक, ममता के पति चिराग कुमार करीब 6 महीने पहले स्टूडेंट वीज़ा पर अमेरिका गए थे। गहलोत ने बताया कि ममता ने कई बार अमेरिकी वीज़ा पाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाईं। इसके बाद उनके परिवार ने उन्हें गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने के लिए बिचौलियों से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 75 लाख रुपये तय किए गए थे और ममता, रुत्विक और मयूरी 20 सितंबर को अपने घर से निकल गए थे।
इंस्पेक्टर ने बताया, "22 सितंबर को कीरितभाई ने अपनी बेटी ममता से बात की थी। उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। जब परिवार के लोग तीनों से संपर्क नहीं कर पाए, तो लंगनाज पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।" रिश्तेदारों के मुताबिक, तीनों ने मेहसाणा ज़िले के एक एजेंट की मदद से यात्रा की, जिसने उन्हें वड़ोदरा के एक दूसरे एजेंट से मिलवाया था।
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