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ला सॉफरियर ज्वालामुखी की राख से ढंका कैरेबियाई द्वीप, VIDEO में दिखी भारी तबाही

Gulabi
12 April 2021 12:01 PM GMT
ला सॉफरियर ज्वालामुखी की राख से ढंका कैरेबियाई द्वीप, VIDEO में दिखी भारी तबाही
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ज्वालामुखी की राख से ढंका कैरेबियाई द्वीप

किंग्सटाउन: सेंट विंसेंट में पूर्वी कैरेबियाई द्वीप पर ला सॉफरियर ज्वालामुखी में लगातार तीसरे दिन विस्फोट की तेज आवाजें सुनाई दीं। ज्वालामुखी से निकली राख से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और क्षेत्र में कई लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गये हैं। क्षेत्र के निवासियों ने सुबह कई बार बिजली जाने की सूचना दी, हालांकि अधिकारियों ने दोपहर बाद तक कई जगहों पर बिजली बहाल कर दी।



ला सॉफरियर ज्वालामुखी से लावा फूटने की घटना के बाद शुक्रवार को कई लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर चले गये और शेष बचे लोगों ने रविवार को किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ली। ज्वालामुखी से गर्जन की आवाज करीब 32 किलोमीटर दक्षिण किंग्सटाउन की राजधानी में भी सुनी गयी। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट इंडीज सिस्मिक रिसर्च सेंटर के प्रमुख वैज्ञानिक रिचर्ड रॉबर्टसन ने कहा कि ज्वालामुखी में विस्फोट की घटना कुछ समय और चलती रह सकती है।

मौजूदा घटना 1979 में ज्वालामुखी विस्फोट से भी बड़ी
रॉबर्टसन ने कहा, 'कुछ समय बाद यह शांत हो जायेगा। उम्मीद है कि हमें कुछ वक्त मिलेगा जिसमें हम चीजों को थोड़ा सुधार सकें। हालांकि अगर ज्वालामुखी में फिर से विस्फोट होने लगे तो हैरानी नहीं होगी।' रविवार सुबह अपना घर छोड़कर जा रहे एक किसान एलफोर्ड लेविस (56) ने बताया कि मौजूदा घटना 1979 में ज्वालामुखी विस्फोट से भी बड़ी है। लेविस ने कहा, 'यह अधिक गंभीर है।'
वर्ष 1902 में ज्वालामुखी से 1,220 मीटर तक लावा फूटने से करीब 1,600 लोगों की मौत हुई थी। 32 द्वीपों से बने सेंट विंसेट एंड द ग्रेनेडाइंस देश के प्रधानमंत्री राल्फ गोंजाल्विस ने अपील की कि लोग शांति बनाये रखें और खुद को कोरोना वायरस से भी बचायें। उन्होंने कहा कि अधिकारी ज्वालामुखी से निकली राख को हटाने का बेहतर तरीका अपना रहे हैं।
लोगों को लाने के लिए चार खाली जहाजों को तैयार रखा गया
करीब 3,200 लोगों ने 78 सरकारी शिविरों में शरण लिया है और पास के द्वीपों से लोगों को लाने के लिए चार खाली जहाजों को तैयार रखा गया है। 130 से अधिक लोगों को पहले ही सेंट लूसिया पहुंचा दिया गया है। शिविर में ठहरे लोगों की कोविड-19 की जांच की गयी और जांच में पुष्टि होने पर उन्हें पृथक-वास भेजा जा रहा है। एंटीगुआ और ग्रेनेडा समेत पड़ोस के देशों ने भी लोगों को शरण देने की पेशकश की है।
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