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IND-W vs ZIM-W: भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेले जा रहे मुकाबले में जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने शुरुआती झटके के बाद शानदार वापसी की है। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में एक विकेट हासिल कर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे की मोडेस्टर मुपाचिक्वा और चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति की ओर बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया और दूसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। जिम्बाब्वे ने 20 ओवर की समाप्ति तक एक विकेट के नुकसान पर 104 रन बना लिए।
भारतीय टीम की ओर से दीप्ति शर्मा, वैष्णवी शर्मा और शेफाली वर्मा ने गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि जिम्बाब्वे की दोनों बल्लेबाजों ने नियमित अंतराल पर बाउंड्री लगाकर स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया। खास बात यह रही कि भारतीय स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने धैर्य के साथ आक्रामक शॉट भी खेले।
जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में बनाए 104 रन
जिम्बाब्वे की टीम ने 17 ओवर की समाप्ति तक एक विकेट पर 86 रन बनाए थे। इसके बाद बल्लेबाजों ने रन बनाने की गति बढ़ाई। 18वें ओवर में शेफाली वर्मा की गेंदबाजी पर सात रन बने, जबकि 19वें ओवर में वैष्णवी शर्मा के खिलाफ आठ रन आए।
19 ओवर की समाप्ति पर जिम्बाब्वे का स्कोर एक विकेट पर 101 रन पहुंच गया। इस दौरान मोडेस्टर मुपाचिक्वा 44 और चिपो मुगेरी-तिरिपानो 42 रन बनाकर खेल रही थीं। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार तालमेल दिखाते हुए टीम को 100 रन के पार पहुंचाया।
20वें ओवर में शेफाली वर्मा ने गेंदबाजी की और केवल तीन रन खर्च किए। इस ओवर में जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को कोई बाउंड्री नहीं मिली। इस तरह 20 ओवर की समाप्ति पर टीम का स्कोर 104 रन पर पहुंच गया।
मुपाचिक्वा और मुगेरी-तिरिपानो की शानदार साझेदारी
जिम्बाब्वे की पारी में मोडेस्टर मुपाचिक्वा और चिपो मुगेरी-तिरिपानो की बल्लेबाजी सबसे महत्वपूर्ण रही। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती विकेट गिरने के बाद पारी को संभाला और भारतीय गेंदबाजों को लगातार विकेट लेने से रोके रखा।
17.3 ओवर में शेफाली वर्मा की गेंद पर मुगेरी-तिरिपानो ने दो रन लिए। इसी के साथ दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी पूरी हुई। यह साझेदारी जिम्बाब्वे की वापसी के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।
मुपाचिक्वा ने अपनी बल्लेबाजी में संयम और आक्रामकता का अच्छा संतुलन दिखाया। उन्होंने खराब गेंदों का फायदा उठाया और जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट भी लगाए। दूसरी ओर मुगेरी-तिरिपानो ने भी भारतीय स्पिनरों के खिलाफ कट, स्वीप और रिवर्स पैडल जैसे शॉट खेलकर रन बटोरे।
शेफाली वर्मा ने संभाली गेंदबाजी की जिम्मेदारी
भारतीय टीम ने 18वें ओवर में शेफाली वर्मा को गेंदबाजी आक्रमण में शामिल किया। अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी से शेफाली ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को रोकने की कोशिश की।शेफाली के पहले ओवर में सात रन बने। इस दौरान मुगेरी-तिरिपानो ने शानदार कट शॉट लगाकर चौका हासिल किया। ओवर की चौथी गेंद पर भी उन्होंने रन बनाने की कोशिश की, लेकिन गेंद को केवल फील्डर तक पहुंचा सकीं।
इसके बाद 20वें ओवर में शेफाली ने बेहतर नियंत्रण दिखाया। उन्होंने लगातार अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं दिया। इस ओवर में सिर्फ तीन रन बने और कोई विकेट नहीं गिरा।
वैष्णवी शर्मा के ओवर में लगे शानदार चौके
भारतीय स्पिन गेंदबाज वैष्णवी शर्मा के खिलाफ भी जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने कुछ आकर्षक शॉट खेले। 17वें ओवर में मुगेरी-तिरिपानो ने छोटी गेंद को ऑफ साइड में कट करते हुए चौका लगाया।
इसके बाद 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर मुपाचिक्वा ने आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेला। गेंद बल्ले के अंदरूनी हिस्से से लगी, लेकिन मिडऑन के ऊपर से निकल गई और चौके के लिए सीमा रेखा पार कर गई।वैष्णवी ने तीन ओवर में 15 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। हालांकि उन्होंने कई गेंदों पर बल्लेबाजों को रक्षात्मक खेलने के लिए मजबूर किया।
दीप्ति शर्मा ने कसी हुई गेंदबाजी की
भारतीय टीम की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने भी जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों के खिलाफ किफायती गेंदबाजी की। उन्होंने चार ओवर में केवल 17 रन खर्च किए।16वें ओवर में दीप्ति ने मुपाचिक्वा को लगातार चार गेंदों पर कोई रन नहीं बनाने दिया। हालांकि इसी ओवर की दूसरी गेंद पर मुपाचिक्वा ने आगे बढ़कर मिडविकेट की दिशा में शानदार चौका लगाया था।दीप्ति की गेंदों में टर्न भी देखने को मिला। कुछ गेंदों पर बल्लेबाजों को खेलने में परेशानी हुई, लेकिन वह विकेट हासिल नहीं कर सकीं।
विकेटकीपिंग में चूक से मिले चार अतिरिक्त रन
15वें ओवर में भारतीय टीम को विकेटकीपिंग में हुई चूक के कारण चार अतिरिक्त रन गंवाने पड़े। वैष्णवी शर्मा की गेंद पर मुगेरी-तिरिपानो शॉट खेलने से चूक गईं। गेंद टर्न होकर बल्लेबाज को चकमा देते हुए विकेटकीपर ऋचा घोष के पास पहुंची, लेकिन वह भी उसे रोक नहीं सकीं।गेंद सीमा रेखा के पार चली गई और जिम्बाब्वे को बाई के रूप में चार रन मिल गए। इस ओवर में कुल पांच रन बने।
भारतीय टीम को दूसरे विकेट की तलाश
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम को दूसरा विकेट हासिल करने का मौका नहीं दिया। 20 ओवर की समाप्ति तक मुपाचिक्वा और मुगेरी-तिरिपानो क्रीज पर बनी हुई थीं।भारतीय टीम के लिए अब इस साझेदारी को तोड़ना महत्वपूर्ण होगा। जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने जिस तरह स्पिन गेंदबाजी का सामना किया है, उससे मुकाबले में दिलचस्प स्थिति बन गई है।
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