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रातोंरात एक बुजुर्ग महिला हुई मालामाल...न कोई बैंक...न ही कोई लॉटरी का टिकट...वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

Admin2
1 Oct 2020 2:28 AM GMT
रातोंरात एक बुजुर्ग महिला हुई मालामाल...न कोई बैंक...न ही कोई लॉटरी का टिकट...वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान
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रातोंरात एक बुजुर्ग महिला हुई मालामाल...न कोई बैंक...न ही कोई लॉटरी का टिकट...वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

पश्चिम बंगाल की एक बुजुर्ग महिला ने न तो कोई बैंक, न ही कोई लॉटरी का टिकट खरीदा फिर भी वह रातोंरात अमीर हो गई जिसकी वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल, बुजुर्ग महिला ने शनिवार को एक विशालकाय मछली पकड़ी थी जिसके लिए उसको 3 लाख रुपये मिले.

जानकारी के मुताबिक, दक्षिण 24 परगना जिले के सुंदरबन इलाके में सागर द्वीप में रहने वाली बुजुर्ग महिला पुष्पा कर ने मछली पकड़ते समय नदी से 52 किलो की मछली निकाली. खास बात यह है कि मछली के लिए उसे प्रति किलो 6200 रुपये मिले. बुजुर्ग महिला को मछली के लिए कुल 3 लाख से अधिक की राशि प्राप्त हुई. महिला ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसे एक मछली के लिए इतनी बड़ी रकम मिलेगी.

गांववालों का कहना है कि यह विशाल मछली शायद एक गुजरते हुए जहाज से टकरा गई थी जिसके बाद वह मर गई होगी. किस्मत से उस मछली को किसी समुद्री जीव ने नहीं निगला, यहां तक कि वह तब तक सड़ना भी शुरू नहीं हुई थी. पुष्पा कर का कहना है कि वह मछली पकड़ने गई थी इस दौरान उसने नदी में विशालकाय मछली को तैरते हुए देखा तो वह नदी में कूद गईं.

महिला को उस मछली को तैरकर लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन कुछ समय में वह मछली पकड़कर किनारे ले आईं. जहां लोगों ने बताया कि ये भोला मछली है. हालांकि, मछली सड़ना शुरू हो गई थी, मछली रबड़ जैसी होने लगी थी. उस मछली को भले ही खाया नहीं जा सकता था लेकिन इसका उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता था. दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में मछली के ब्लबर जैसे ऑर्गन्स का निर्यात किया जाता है.

ड्राय ब्लबर या फिश मावा 80,000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल सकता है. मछली का उपयोग औषधीय प्रयोजनों के लिए भी किया जा सकता है. बुजुर्ग महिला के लिए एक ऐसा क्षण था जिसे वह लंबे समय तक नहीं भूल पाएगी. बुजुर्ग महिला की पैसे मिलने के बाद आर्थिक मुश्किलें भी काफी कम हो जाएंगी.

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