प्रौद्योगिकी

WhatsApp पर यूजर्स की बढ़ेगी प्राइवेसी, डेटा शेयर करने का मिलेगा ऑप्शन

Tara Tandi
25 Feb 2026 7:49 PM IST
WhatsApp पर यूजर्स की बढ़ेगी प्राइवेसी, डेटा शेयर करने का मिलेगा ऑप्शन
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Technology टेक्नोलॉजी: इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर यूजर्स की प्राइवेसी के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। वॉट्सऐप ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के उस ऑर्डर का पालन करेगा जिसमें यूजर्स को Meta या इसकी अन्य कंपनियों के साथ डेटा शेयर करने का ऑप्शन देने के लिए कहा गया है।
अमेरिकी टेक कंपनी Meta के पास वॉट्सऐप का कंट्रोल है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस Surya Kant की अगुवाई वाली बेंच ने वॉट्सऐप और
Meta
से इस इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप पर विज्ञापनों पर पांच वर्ष का बैन लगाने की याचिका पर भी जवाब मांगा है। CCI ने इस बैन का सुझाव दिया है। वॉट्सऐप ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) के उस ऑर्डर को चुनौती देने वाली अपना याचिका को भी वापस लेने का निवेदन किया है जिसमें डेटा शेयर करने के लिए यूजर से सहमति लेने पर CCI के निर्देश को लागू करने के लिए कहा गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने वॉट्सऐप को डेटा शेयरिंग पर NCLAT के निर्देश के कम्प्लायंस की रिपोर्ट CCI को देने के लिए कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मुद्दे पर याचिका को वापस लेने की अनुमति दी है।
वॉट्सऐप और Meta की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट Kapil Sibal ने कहा कि कंपनी ने डेटा शेयरिंग के तरीकों की जानकारी देने वाला एक शपथपत्र दाखिल किया है। इसके साथ ही NCLAT के निर्देशों का समयसीमा के अंदर पालन करने की सहमति भी दी गई है। हाल ही में इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने Meta को कड़ी चेतावनी दी थी। इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने व्यावसायिक उद्देश्य के लिए यूजर्स से जुड़े डेटा को शेयर करने की पॉलिसी की निंदा की थी। इस पर चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने कहा था, 'हमारे संविधान का अगर आप पालन नहीं कर सकते हैं, तो भारत से चले जाएं। हम नागरिकों की प्राइवेसी के साथ खिलवाड़ की अनुमति नहीं देंगे।'
सुप्रीम कोर्ट ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर पूछा था कि क्या देश के करोड़ों निर्धन और अशिक्षित लोग इसे समझ सकते हैं? इस बेंच का कहना था, "एक निर्धन महिला या सड़क किनारे सामान बेचने वाला वेंडर या कोई व्यक्ति जो सिर्फ तमिल बोलता है.... क्या वे इसे समझ पाएंगे।? कई बार आपकी पॉलिसीज को समझने में हमें भी मुश्किल होती है।"
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