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Volkswagen गोल्फ GTI का बुरा हाल, दो महीने से एक भी बिक्री नहीं

New Delhi नई दिल्ली : फॉक्सवैगन इंडिया ने जून 2026 की बिक्री रिपोर्ट जारी कर दी है। कंपनी ने पिछले महीने भारतीय बाजार में कुल 2,467 यूनिट कारों की बिक्री की। यह आंकड़ा मई 2026 की बिक्री के बराबर रहा, जब कंपनी ने भी 2,467 यूनिट बेची थीं। बिक्री के मामले में फॉक्सवैगन वर्टूस सेडान कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही, जबकि प्रीमियम हैचबैक गोल्फ GTI की बिक्री जून में भी शून्य रही।
फॉक्सवैगन की बिक्री सूची में वर्टूस सेडान ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। भारतीय ग्राहकों के बीच यह कार लगातार अपनी जगह बनाए हुए है। वहीं, कंपनी की अन्य कारों की बिक्री में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खास बात यह रही कि फॉक्सवैगन गोल्फ GTI को जून महीने में एक भी ग्राहक नहीं मिला। इससे पहले मई में भी इसकी एक भी यूनिट नहीं बिकी थी।
गोल्फ GTI की बिक्री बेहद कम
फॉक्सवैगन गोल्फ GTI भारतीय बाजार में एक प्रीमियम परफॉर्मेंस कार के रूप में पेश की गई है। इस साल के शुरुआती छह महीनों में इसकी कुल बिक्री केवल 6 यूनिट रही है। कंपनी इसे एक ही फुल-लोडेड वेरिएंट में उपलब्ध कराती है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत करीब 53 लाख रुपये है। ग्राहकों के लिए यह कार चार अलग-अलग कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।
गोल्फ GTI को खास तौर पर उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो स्पोर्टी डिजाइन के साथ दमदार परफॉर्मेंस वाली कार चाहते हैं। हालांकि, इसकी ज्यादा कीमत और सीमित ग्राहक वर्ग के कारण इसकी बिक्री काफी कम बनी हुई है।
दमदार इंजन और स्पोर्टी परफॉर्मेंस
फॉक्सवैगन गोल्फ GTI में 2.0-लीटर TSI टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह EA888 evo4 इंजन 261 bhp की अधिकतम पावर और 370 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है। इंजन को 7-स्पीड DSG ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है।
परफॉर्मेंस के मामले में यह कार काफी तेज है। गोल्फ GTI महज 5.9 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी टॉप स्पीड इलेक्ट्रॉनिक रूप से 250 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित की गई है। यह फ्रंट व्हील ड्राइव (FWD) कार है।
स्पोर्ट्स कार जैसा सस्पेंशन सेटअप
फॉक्सवैगन ने गोल्फ GTI में स्पोर्टी ड्राइविंग अनुभव देने के लिए पूरी तरह इंडिपेंडेंट फ्रंट और रियर सस्पेंशन सेटअप दिया है। इसका डिजाइन और फीचर्स इसे सामान्य हैचबैक कारों से अलग बनाते हैं।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार, गोल्फ GTI जैसी परफॉर्मेंस कारों का भारतीय बाजार छोटा है, क्योंकि इनकी कीमत आम प्रीमियम कारों से काफी ज्यादा होती है। हालांकि, फॉक्सवैगन की वर्टूस जैसी कारें भारतीय ग्राहकों के बीच बेहतर पकड़ बनाए हुए हैं।
जून 2026 की बिक्री रिपोर्ट से साफ है कि जहां वर्टूस कंपनी के लिए मजबूत बिक्री मॉडल बनी हुई है, वहीं गोल्फ GTI जैसी महंगी परफॉर्मेंस कारों को भारतीय बाजार में ग्राहकों तक पहुंच बनाने में अभी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।





