प्रौद्योगिकी

UPI की ग्लोबल छलांग: 20 अरब मासिक लेनदेन

Tara Tandi
24 Sept 2026 1:22 PM IST
UPI की ग्लोबल छलांग: 20 अरब मासिक लेनदेन
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नई दिल्ली: गुरुवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अभी हर महीने 20 अरब से ज़्यादा ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है, जो रियल-टाइम पेमेंट के लिए एक ग्लोबल बेंचमार्क है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह प्लेटफ़ॉर्म दिखाता है कि कैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बड़े पैमाने पर काम करने और फाइनेंशियल इन्क्लूज़न (वित्तीय समावेशन) को एक साथ ला सकता है।
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक ग्लोबल पेमेंट रेवेन्यू 2.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें सालाना ग्रोथ पिछले पांच सालों के 7 प्रतिशत के मुकाबले धीमी होकर 5 प्रतिशत रह जाएगी।
यह ग्रोथ अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग होगी; मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में 2030 तक 8 प्रतिशत की तेज़ी से विस्तार होने की उम्मीद है, जबकि नॉर्थ अमेरिका में यह 7 प्रतिशत होगी। नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में ग्रोथ 5 प्रतिशत रहने की संभावना है।
BCG के मैनेजिंग डायरेक्टर और पार्टनर विवेक मंधाता ने कहा, "भारत का रियल-टाइम पेमेंट का पैमाना डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में एक शानदार उपलब्धि है। यह मॉडल दुनिया भर के लिए एक सीख है क्योंकि यह एक चीज़ को दूसरी चीज़ के लिए छोड़ने के बजाय इन्क्लूज़न और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता को एक साथ लाता है।"
विवेक ने आगे कहा, "भारत ने करोड़ों यूज़र्स को डिजिटल पेमेंट से जोड़ा है और साथ ही ट्रांज़ैक्शन की संख्या में ऐसी तेज़ी से बढ़ोतरी की है जिसका मुकाबला बहुत कम बाज़ार कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी साथ-साथ बढ़ रहा है, खासकर ऑनलाइन। इससे बैंकों, फिनटेक और पेमेंट कंपनियों को पहले से ही मौजूद बड़े डिजिटल नेटवर्क पर बेहतर और वैल्यू-एडेड सर्विस बनाने का एक अच्छा मौका मिल रहा है।"
उन्होंने कहा कि भारत की ग्रोथ के अगले चरण में एजेंट-आधारित सिस्टम की ओर बढ़ना शामिल है, साथ ही अंतिम उपभोक्ता और व्यापारियों के लिए अनुभव, भरोसा और आर्थिक व्यवहार्यता को बनाए रखना भी ज़रूरी है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "AI पेमेंट और ट्रांज़ैक्शन बैंकिंग के तरीके को बदल रहा है। यह बड़ी कंपनियों को लागत कम करने, प्रोडक्ट बेहतर बनाने और ट्रेड फाइनेंस व पेमेंट ऑपरेशन जैसे पहले कागज़-आधारित कामों को ऑटोमेट करने में मदद कर रहा है।"
सर्वे में शामिल लगभग 73 प्रतिशत बड़े व्यापारी एजेंट-शुरू किए गए ट्रांज़ैक्शन की तैयारी में बेहतर सपोर्ट के लिए एक्वायरर (पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर) बदलने पर विचार कर सकते हैं। इससे पता चलता है कि एजेंट-आधारित कॉमर्स के लिए तैयारी करना एक महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी पहलू बनता जा रहा है।
पेमेंट सॉवरेनिटी (भुगतान संप्रभुता) ग्लोबल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को बदल रही है। अब 137 देशों में 24/7 इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम मौजूद हैं, जिससे ग्लोबल पेमेंट का दायरा और अधिक खंडित (fragmented) हो रहा है।
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