प्रौद्योगिकी

ISS के अनसुने रहस्य

Uma Verma
19 March 2025 4:06 PM IST
ISS के अनसुने रहस्य
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विज्ञान | अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) विज्ञान और तकनीक का एक अद्भुत नमूना है, जो पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर हर 90 मिनट में एक चक्कर पूरा करता है। लेकिन इस स्पेस स्टेशन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं, जो बहुत कम लोग जानते हैं। आइए जानते हैं ISS से जुड़े अनसुने रहस्य—

1. ISS पर हर दिन 16 बार होता है सूर्योदय और सूर्यास्त

पृथ्वी पर हम एक दिन में सिर्फ एक बार सूरज उगता और डूबता देखते हैं, लेकिन ISS पर मौजूद अंतरिक्षयात्री दिन में 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त का नज़ारा देखते हैं।

2. शून्य गुरुत्वाकर्षण में सोना आसान नहीं

स्पेस स्टेशन में बेड नहीं होते! अंतरिक्ष यात्री स्पेशल स्लीपिंग बैग में दीवार से बंधकर सोते हैं, ताकि वे हवा में तैरते न रहें।

3. ISS पर पानी रिसायकल होता है

स्पेस में पानी की कमी को देखते हुए यहीं पर पेशाब और पसीने को भी रिसायकल कर दोबारा पीने योग्य बनाया जाता है। इसे "अल्टीमेट वॉटर रिसाइकलिंग सिस्टम" कहा जाता है।

4. बिना ग्रैविटी के पेन नहीं लिखते, लेकिन NASA ने हल निकाला

शुरुआत में स्पेस में पेन से लिखना मुश्किल था क्योंकि जीरो ग्रैविटी में इंक नहीं गिरती थी। इसके लिए NASA ने 'स्पेस पेन' तैयार किया, जो किसी भी एंगल पर लिख सकता है।

5. ISS पर ताजा खाना नहीं मिलता

स्पेस में फ्रेश खाना नहीं बनाया जा सकता, इसलिए अंतरिक्ष यात्री फ्रीज़-ड्राइड फूड यानी सूखा भोजन खाते हैं। यहां ब्रेड की बजाय टॉर्टिला खाई जाती है क्योंकि ब्रेड के टुकड़े हवा में उड़ सकते हैं और उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

6. अंतरिक्ष में तेज़ गंध होती है

जब अंतरिक्ष यात्री स्पेसवॉक के बाद स्टेशन में वापस आते हैं, तो उनके सूट से गनपाउडर और धातु जैसी अजीब सी गंध आती है

7. कसरत नहीं की तो शरीर हो जाएगा कमजोर

ग्रैविटी न होने के कारण हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, इसलिए एस्ट्रोनॉट्स को रोज़ाना दो घंटे एक्सरसाइज करनी होती है

8. ISS पर इंटरनेट और WhatsApp चलता है

ISS पर भी इंटरनेट की सुविधा होती है, जिससे एस्ट्रोनॉट्स ईमेल, वीडियो कॉल और यहां तक कि सोशल मीडिया भी चला सकते हैं

9. स्पेस में समय धीरे चलता है

ISS के यात्रियों के लिए समय थोड़ा अलग तरीके से चलता है। सापेक्षता सिद्धांत के अनुसार, ISS पर मौजूद एस्ट्रोनॉट्स के मुकाबले पृथ्वी पर मौजूद लोग कुछ माइक्रोसेकंड ज्यादा तेजी से बूढ़े होते हैं।

10. ISS पर साइंस के हजारों प्रयोग होते हैं

स्पेस स्टेशन सिर्फ घूमने के लिए नहीं, बल्कि यहां माइक्रोग्रैविटी में हजारों साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट किए जाते हैं, जो धरती पर जीवन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

निष्कर्ष

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन न केवल विज्ञान और तकनीक का चमत्कार है, बल्कि यह हमें अंतरिक्ष में जीवन के नए-नए रहस्यों से परिचित कराता है। भविष्य में यह मंगल और अन्य ग्रहों की खोज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।


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