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प्रौद्योगिकी
AI की ताकत: 10 साल में भारतीय अर्थव्यवस्था में जोड़ेगा $79 अरब
Tara Tandi
5 Nov 2026 12:46 PM IST

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नई दिल्ली: गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले एक दशक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत की अर्थव्यवस्था में 79 अरब डॉलर जोड़ सकता है। इस रिपोर्ट में 56 कॉमनवेल्थ देशों में भारत को 11वां स्थान दिया गया है।
'एरे थिंक टैंक' (Ayre Think Tank) के विश्लेषण के अनुसार, कॉमनवेल्थ देशों के AI परिदृश्य में भारत का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यहाँ 15 से 29 वर्ष की आयु के लगभग 38.2 करोड़ (382 मिलियन) युवा रहते हैं। यह संख्या कॉमनवेल्थ देशों की कुल युवा आबादी (73.2 करोड़ या 732 मिलियन) के आधे से भी अधिक है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय युवाओं में AI को लेकर काफी उत्साह है। लगभग 89 प्रतिशत युवा अगले एक साल के भीतर शिक्षा या काम के लिए इस तकनीक का उपयोग करना चाहते हैं।
60 प्रतिशत से अधिक युवाओं को भरोसा है कि वे AI टूल्स के साथ आसानी से काम कर सकते हैं।
भारत के मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापक 4G कनेक्टिविटी और सस्ते मोबाइल डेटा ने AI को अपनाने की तैयारी को और मजबूत किया है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि केवल दो-तिहाई युवाओं के पास ही अपना मोबाइल फोन है। इससे पता चलता है कि व्यापक नेटवर्क कवरेज होने के बावजूद, व्यक्तिगत स्तर पर पहुंच (access) के मामले में अभी भी कमियां हैं।
रिपोर्ट में लेबर मार्केट (श्रम बाजार) से जुड़ी चुनौतियों की ओर भी इशारा किया गया है। लगभग 30 प्रतिशत युवा न तो रोजगार में हैं, न ही शिक्षा या प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं, लगभग 86 प्रतिशत युवा कामगार असंगठित क्षेत्र (informal sector) में कार्यरत हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, एक सामान्य परिदृश्य (moderate scenario) में, 10 वर्षों के बाद AI भारत की GDP में 79.1 अरब डॉलर की वृद्धि कर सकता है।
अनुमान के मुताबिक, यह लाभ कम से कम 39.6 अरब डॉलर से लेकर, एक आशावादी परिदृश्य (optimistic scenario) में 118.7 अरब डॉलर तक हो सकता है। इस तरह, कॉमनवेल्थ देशों के बीच भारत दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक अवसर बन जाता है।
'एरे थिंक टैंक' के संस्थापक केल्विन एरे ने कहा: "भारत अपनी तकनीकी क्षमताओं को रोजगार के अवसरों में बदलने के लिए पहले से ही बड़े कदम उठा रहा है। अगस्त 2026 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साल के भीतर एक करोड़ (10 मिलियन) युवाओं को AI कौशल में प्रशिक्षित करने की योजना की घोषणा की थी।" "अगले महीने, सरकार ने इंटेल इंडिया के साथ मिलकर नए AI प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए, ताकि युवाओं को उभरते जॉब मार्केट के लिए जरूरी व्यावहारिक कौशल (practical skills) दिए जा सकें। ये पहल दिखाती हैं कि कैसे भारत, AI को लेकर अपने भारी उत्साह को नए रोजगार के अवसरों, मजबूत व्यवसायों और आर्थिक विकास में बदलने के लिए काम कर रहा है," आयर ने आगे कहा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश ने बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों और साझेदारियों के जरिए एक ऐसी कार्यशक्ति (workforce) तैयार करने की कोशिशें तेज कर दी हैं, जो AI के लिए पूरी तरह तैयार हो। इसका मकसद युवाओं को ऐसी तकनीक-आधारित नौकरियों के लिए जरूरी कौशल देना है, जो अब उभर रही हैं।
इसमें उन सरकारों के लिए पांच प्राथमिकताएं बताई गई हैं जो AI का अधिकतम लाभ उठाना चाहती हैं। इनमें शामिल हैं: तकनीक तक किफायती पहुंच बढ़ाना, व्यावहारिक कौशल पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना, प्रशिक्षण से रोजगार तक के रास्ते को मजबूत करना, स्थानीय भाषाओं और जरूरतों के हिसाब से AI टूल विकसित करना, और ऐसे सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना जिनसे उपयोगकर्ता स्वचालित (automated) फैसलों को चुनौती दे सकें।
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