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प्रौद्योगिकी
फैमिली के लिए खास इलेक्ट्रिक स्कूटर जानें कितनी मिलेगी रेंज
Ratna Netam
11 Sept 2026 9:40 PM IST

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ऑटो । भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बदल रहा है। अब कंपनियां केवल ज्यादा रेंज और बड़ी बैटरी पर ध्यान नहीं दे रही हैं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा प्रैक्टिकल बनाने की कोशिश कर रही हैं। इसी कड़ी में रूफ यानी छत, 3-इन-1 सीटिंग अरेंजमेंट और सामान रखने के लिए कई स्टोरेज स्पेस वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर लोगों का ध्यान खींच रहा है।
इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की सबसे खास बात इसका सामान्य स्कूटर से अलग डिजाइन है। ऊपर दी गई रूफ धूप और हल्की बारिश से राइडर को कुछ हद तक सुरक्षा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। वहीं सीटिंग अरेंजमेंट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जरूरत के हिसाब से उसका अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।
शहर के अंदर रोजमर्रा के छोटे सफर के साथ सामान लेकर चलने वाले लोगों के लिए इस तरह का डिजाइन उपयोगी हो सकता है।
सबसे पहले नजर जाती है इसकी रूफ पर
सामान्य इलेक्ट्रिक स्कूटर पूरी तरह खुले होते हैं। ऐसे में गर्मी के दिनों में तेज धूप और मानसून में बारिश राइडर के लिए परेशानी बनती है।
रूफ वाला डिजाइन इसी समस्या को ध्यान में रखकर तैयार किया गया दिखाई देता है। ऊपर लगी कैनोपी राइडर के सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से को कुछ कवर देती है।
हालांकि इसे कार जैसा पूरी तरह बंद केबिन नहीं समझना चाहिए। किनारों से वाहन खुला होने की स्थिति में तेज हवा के साथ आने वाली बारिश से पूरी सुरक्षा मिलना संभव नहीं होगा।
फिर भी सामान्य स्कूटर के मुकाबले इसका डिजाइन काफी अलग दिखाई देता है और यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है।
3-इन-1 सीट है दूसरी बड़ी खासियत
इस इलेक्ट्रिक स्कूटर का दूसरा प्रमुख आकर्षण इसका 3-इन-1 सीटिंग सेटअप है। इसका उद्देश्य एक ही वाहन को अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से ज्यादा उपयोगी बनाना है।
रोजमर्रा की सवारी के दौरान सीट का सामान्य इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि जरूरत पड़ने पर सीटिंग एरिया को सामान रखने के लिए उपयोगी बनाने की सुविधा इसका व्यावहारिक पक्ष मजबूत करती है।
ऐसा फ्लेक्सिबल डिजाइन उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जो वाहन को केवल ऑफिस आने-जाने के बजाय छोटे कारोबार या सामान पहुंचाने जैसे कामों में भी इस्तेमाल करना चाहते हैं।
इस वजह से यह पारंपरिक इलेक्ट्रिक स्कूटर और छोटे यूटिलिटी इलेक्ट्रिक व्हीकल के बीच की अवधारणा जैसा नजर आता है।
सामान रखने के लिए कई जगह
स्कूटर चलाने वाले लोगों की एक आम शिकायत पर्याप्त स्टोरेज नहीं मिलना है। हेलमेट, बैग, किराने का सामान या रोजमर्रा की दूसरी चीजें लेकर जाने में परेशानी हो सकती है।
इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में इसी समस्या पर विशेष ध्यान देते हुए मल्टीपल स्टोरेज स्पेस दिए जाने की बात कही गई है।
अलग-अलग स्टोरेज पॉइंट होने का फायदा यह है कि छोटे और बड़े सामान को जरूरत के अनुसार रखा जा सकता है। इससे हर सामान को सीट पर रखकर या हैंडल से लटकाकर ले जाने की जरूरत कम हो सकती है।
डिलीवरी का काम करने वालों के लिए भी ऐसा स्टोरेज सिस्टम उपयोगी साबित हो सकता है।
छोटे कारोबारियों के भी आ सकता है काम
यह स्कूटर केवल निजी इस्तेमाल तक सीमित रहने वाला डिजाइन नहीं लगता। इसके फीचर्स छोटे व्यापारियों और डिलीवरी से जुड़े लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।
दूध, सब्जी, किराना, पार्सल या दूसरे छोटे सामान की लोकल डिलीवरी करने वाले लोगों को ऐसा वाहन पसंद आ सकता है जिसमें सवारी और सामान दोनों के लिए फ्लेक्सिबिलिटी मिले।
इलेक्ट्रिक पावरट्रेन का एक फायदा यह भी है कि पेट्रोल वाहन की तुलना में प्रति किलोमीटर ऊर्जा खर्च कम हो सकता है। वास्तविक बचत बिजली की दर, बैटरी क्षमता, वाहन की दक्षता और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करेगी।
शहर के लिए क्यों दिलचस्प है ऐसा डिजाइन?
शहरों में रोजाना यात्रा की दूरी अक्सर सीमित होती है। ऑफिस, दुकान, स्कूल या आसपास के बाजार जाने के लिए बहुत से लोग दोपहिया वाहन का इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे उपयोग में इलेक्ट्रिक स्कूटर का फायदा यह है कि उसे घर या उपलब्ध चार्जिंग पॉइंट पर चार्ज किया जा सकता है। पेट्रोल पंप जाने की जरूरत भी खत्म हो जाती है।
अगर वाहन में रूफ, ज्यादा स्टोरेज और फ्लेक्सिबल सीटिंग भी जोड़ दी जाए तो उसकी उपयोगिता और बढ़ सकती है।
हालांकि बड़ा रूफ स्ट्रक्चर सामान्य स्कूटर की तुलना में वाहन की ऊंचाई, वजन और हवा के प्रभाव को बदल सकता है। इसलिए वास्तविक राइडिंग अनुभव और स्थिरता भी महत्वपूर्ण पहलू होंगे।
रेंज खरीदने से पहले जरूर जांचें
किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की सबसे महत्वपूर्ण स्पेसिफिकेशन उसकी रेंज होती है। लेकिन कंपनी द्वारा दावा की गई रेंज और वास्तविक परिस्थितियों में मिलने वाली रेंज अलग हो सकती है।
राइडर का वजन, साथ रखा सामान, स्पीड, सड़क की स्थिति, चढ़ाई, टायर प्रेशर और मौसम जैसे कारक वास्तविक रेंज को प्रभावित करते हैं।
अगर इस तरह के वाहन को डिलीवरी या व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए खरीदा जा रहा है तो केवल कंपनी के अधिकतम रेंज दावे को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।
टेस्ट राइड के साथ यह समझना बेहतर होगा कि पूरे लोड के साथ वास्तविक परिस्थितियों में कितनी दूरी तय की जा सकती है।
बैटरी और चार्जिंग भी अहम
रेंज के साथ बैटरी क्षमता और चार्जिंग समय की जानकारी भी जरूरी है। बड़ी बैटरी ज्यादा रेंज दे सकती है, लेकिन उसे चार्ज होने में ज्यादा समय भी लग सकता है।
यह देखना चाहिए कि वाहन की बैटरी फिक्स्ड है या रिमूवेबल। रिमूवेबल बैटरी होने पर फ्लैट में रहने वाले कुछ ग्राहकों के लिए चार्जिंग आसान हो सकती है।
इसके अलावा बैटरी की वारंटी सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक है। इलेक्ट्रिक वाहन की कुल कीमत में बैटरी का हिस्सा बड़ा होता है, इसलिए बैटरी खराब होने की स्थिति में रिप्लेसमेंट लागत भी पहले पता करनी चाहिए।
कीमत देखते समय केवल एक्स-शोरूम प्राइस न देखें
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय विज्ञापन में दिखाई देने वाली शुरुआती कीमत अंतिम खर्च नहीं भी हो सकती।
इंश्योरेंस, रजिस्ट्रेशन, एक्सेसरीज और स्थानीय शुल्क के बाद ऑन-रोड कीमत अलग हो सकती है। अलग-अलग शहरों में भी अंतिम कीमत बदल सकती है।
अगर बैटरी किराये या सब्सक्रिप्शन मॉडल पर दी जाती है तो उसकी मासिक लागत को भी कुल खर्च में शामिल करना चाहिए।
इसलिए खरीदने से पहले लिखित कोटेशन लेना बेहतर रहता है।
सुरक्षा को न करें नजरअंदाज
रूफ और ज्यादा सामान रखने की क्षमता आकर्षक फीचर्स हैं, लेकिन किसी भी वाहन में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
ब्रेकिंग सिस्टम, टायर की गुणवत्ता, सस्पेंशन और वाहन की स्थिरता की जांच जरूरी है। रूफ लगे वाहन में तेज हवा के दौरान व्यवहार कैसा रहता है, यह भी टेस्ट राइड में महसूस करना चाहिए।
सामान रखने की जगह मिलने का अर्थ यह भी नहीं है कि वाहन को उसकी निर्धारित लोड क्षमता से ज्यादा भर दिया जाए। ओवरलोडिंग से ब्रेकिंग, रेंज और संतुलन प्रभावित हो सकता है।
सामान्य ई-स्कूटर से कितना अलग?
इस वाहन की खासियत उसकी रेंज से ज्यादा उसकी उपयोगिता में दिखाई देती है।
सामान्य इलेक्ट्रिक स्कूटर मुख्य रूप से एक या दो लोगों के निजी आवागमन के लिए बनाए जाते हैं। वहीं रूफ और 3-इन-1 सीट जैसे फीचर्स इसे अलग जरूरत वाले ग्राहकों के लिए उपयोगी बनाने की कोशिश करते हैं।
मल्टीपल स्टोरेज इसकी व्यावहारिकता को और बढ़ाता है।
अगर कोई व्यक्ति रोजाना ऑफिस जाता है और उसे केवल तेज रफ्तार व लंबी रेंज चाहिए तो पारंपरिक ई-स्कूटर बेहतर लग सकता है। लेकिन जिसे लोकल यात्रा के साथ सामान भी ले जाना है, उसके लिए ऐसा डिजाइन ज्यादा दिलचस्प हो सकता है।
खरीदने से पहले इन चीजों की जांच जरूरी
स्कूटर की वास्तविक रेंज, बैटरी वारंटी, चार्जिंग टाइम, अधिकतम स्पीड, लोड क्षमता और सर्विस नेटवर्क की जानकारी जरूर लें।
यह भी पता करें कि वाहन का संबंधित संस्करण सार्वजनिक सड़क पर चलाने के लिए आवश्यक नियमों और रजिस्ट्रेशन आवश्यकताओं को पूरा करता है या नहीं।
खासकर कम प्रसिद्ध ब्रांड का इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते समय सर्विस सेंटर और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
रूफ और स्टोरेज बना सकते हैं इसे खास
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने के साथ ग्राहकों की जरूरतें भी बदल रही हैं। केवल बड़ी बैटरी अब हर ग्राहक के लिए पर्याप्त आकर्षण नहीं है। लोग ऐसा वाहन चाहते हैं जो रोजमर्रा के काम को आसान बनाए।
इसी लिहाज से रूफ, 3-इन-1 सीट और कई स्टोरेज स्पेस का कॉम्बिनेशन दिलचस्प है।
हालांकि इसकी **सटीक कीमत और रेंज संबंधित मॉडल/वेरिएंट पर निर्भर है**। मॉडल की पुष्टि किए बिना किसी एक आंकड़े को सही बताना उचित नहीं होगा। इसलिए खरीदने से पहले निर्माता की आधिकारिक स्पेसिफिकेशन और स्थानीय ऑन-रोड कीमत की पुष्टि जरूर करें।
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