प्रौद्योगिकी

डेटा लीक पर दक्षिण कोरिया की Google को सख्त चेतावनी

Tara Tandi
11 Sept 2026 11:26 AM IST
डेटा लीक पर दक्षिण कोरिया की Google को सख्त चेतावनी
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सियोल: जेंडर इक्वालिटी मिनिस्टर वॉन मिन-क्योंग ने शुक्रवार को कहा कि डिजिटल सेक्स क्राइम के पीड़ितों के पर्सनल डेटा के कथित लीक से जुड़े किसी भी कानूनी उल्लंघन के लिए Google को ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।
यह पर्सनल जानकारी पहले Google के साथ मिलकर चलाए जा रहे एक विदेशी रिसर्च प्रोजेक्ट की वेबसाइट से लीक हुई थी और सरकार के हटाने के अनुरोध के बाद ही इसे हटाया गया।
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जानकारी में उन पीड़ितों की पर्सनल डिटेल्स शामिल थीं जिन्होंने गैर-कानूनी तरीके से शूट किए गए वीडियो को हटाने का अनुरोध किया था।
वॉन ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, "Google जैसे बड़े ग्लोबल प्रभाव वाले प्लेटफॉर्म की पीड़ितों की संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा और उसे सुरक्षित रूप से संभालने की ज़िम्मेदारी और भी ज़्यादा है। अगर कोई कानूनी उल्लंघन पाया जाता है, तो Google को कानूनी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।"
"इस मुद्दे को सिर्फ़ एक सिस्टम एरर या गलती मानकर हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। Google को इस मुद्दे की गंभीरता को समझना चाहिए और पीड़ितों व जनता के सामने ज़िम्मेदार रुख अपनाना चाहिए।"
वॉन ने कहा कि उनका मंत्रालय कोरिया मीडिया एंड कम्युनिकेशंस कमीशन के साथ मिलकर किसी भी कानूनी उल्लंघन की जांच कर रहा है, जिसमें यौन हिंसा सज़ा कानून का उल्लंघन भी शामिल है।
Google ने लीक के लिए माफ़ी मांगी है और कहा है कि जैसे ही उन्हें इस बारे में पता चला, उन्होंने ऑपरेटर से जानकारी हटाने के लिए कहा।
वॉन के मुताबिक, कंपनी ने आगे के कदमों के तहत दक्षिण कोरिया से मिले किसी भी हटाने के अनुरोध को बाहरी पार्टियों के साथ साझा न करने का भी वादा किया है।
इस बीच, दक्षिण कोरिया डिजिटल सेक्स क्राइम पर रोक लगाने के लिए जांचकर्ताओं को गैर-कानूनी तरीके से शूट किए गए यौन कंटेंट को फैलाने वाली वेबसाइटों को कानूनी रूप से हैक करने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है।
एक इंटर-एजेंसी रिस्पॉन्स प्लान के मुताबिक, इस प्रस्तावित कदम के तहत जांचकर्ता सीधे ऐसी वेबसाइटों को एक्सेस कर सकेंगे ताकि यौन शोषण वाले कंटेंट को हटाया जा सके, पीड़ितों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और सबूत इकट्ठा किए जा सकें।
जेंडर इक्वालिटी मिनिस्ट्री, कोरिया मीडिया एंड कम्युनिकेशंस कमीशन और नेशनल पुलिस एजेंसी के बीच यह संयुक्त योजना हाल के वर्षों में देश में ऐसे पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बनाई गई है।
पुलिस ने 2021 और 2025 के बीच डिजिटल सेक्स क्राइम के 17,716 मामलों की जांच की। अधिकारियों से मदद पाने वाले पीड़ितों की संख्या पिछले साल 10,637 तक पहुंच गई, जो 2019 में 2,087 थी।
अधिकारियों ने कहा कि वे जांचकर्ताओं को ऐसी शक्तियां देने के लिए कानून में बदलाव की कोशिश करेंगे। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में वारंट का इस्तेमाल करने वाले ऐसे सिस्टम पहले ही लागू किए जा चुके हैं। इस संयुक्त योजना में यौन शोषण वाले गैर-कानूनी कंटेंट वाली वेबसाइट खोलने को अपराध घोषित करने के लिए कानून लाने और ऐसी वेबसाइट्स को हटाने व उनका पता लगाने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाने की बात भी कही गई है।
इसमें ऐसी वेबसाइट्स पर विज्ञापनों पर रोक लगाने और कोरियाई पीड़ितों से जुड़े यौन शोषण वाले कंटेंट को न हटाने वाली विदेशी वेबसाइट्स की जानकारी U.S. फेयर ट्रेड कमीशन को देने की बात भी शामिल है।
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