- Home
- /
- प्रौद्योगिकी
- /
- एआई के चलते हर 10 में...
प्रौद्योगिकी
एआई के चलते हर 10 में से सात पेशेवरों को अपनी नौकरी की भूमिकाओं में बदलाव की उम्मीद :रिपोर्ट
SHIDDHANT
18 Jan 2026 8:59 PM IST

x
Delhi दिल्ली। कार्यस्थलों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने की तेज गति के चलते कई पेशेवर आने वाले वर्षों में अपनी नौकरी की भूमिकाओं में बड़े बदलावों की उम्मीद कर रहे हैं। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई। जीनियस एचआरटेक द्वारा डिजीपोल के सहयोग से की गई स्टडी में बताया गया कि 71 प्रतिशत पेशेवरों का मानना है कि एआई टूल्स और नए वर्कफ्लो के आम होने के साथ ही अगले दो से तीन वर्षों में उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।
यह रिपोर्ट नवंबर 2025 में विभिन्न क्षेत्रों के 1,704 पेशेवरों के ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित है। यह रिपोर्ट एआई को तेजी से अपनाने और संगठनों द्वारा उचित प्रशिक्षण की कमी के बीच स्पष्ट अंतर को उजागर करती है। स्टडी के परिणाणों के अनुसार, 61 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उनकी कंपनियों ने उन्हें एआई का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के बारे में पर्याप्त मार्गदर्शन नहीं दिया है। केवल 37 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें उचित प्रशिक्षण मिला है।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्ट्रक्चर सपोर्ट की यह कमी कार्यस्थलों में एआई को अपनाने के प्रति कर्मचारियों के दृष्टिकोण को प्रभावित कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 55 प्रतिशत पेशेवरों का मानना है कि एआई को आवश्यकतावश अपनाया जा रहा है, जबकि 37 प्रतिशत का मानना है कि यह वास्तविक व्यावसायिक आवश्यकताओं की तुलना में रुझानों से अधिक प्रेरित है।
इससे पता चलता है कि कई संगठन अपने कर्मचारियों को पूरी तरह से तैयार किए बिना ही एआई उपकरणों को बढ़ावा दे रहे हैं। इन चिंताओं के बावजूद, एआई का उपयोग पहले से ही व्यापक रूप से हो रहा है। लगभग 67 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्होंने अपने दैनिक कार्यों को सरल बनाने या स्वचालित करने के लिए एआई उपकरणों का उपयोग करना शुरू कर दिया है, जो दर्शाता है कि यह तकनीक कितनी तेजी से नियमित कार्य का हिस्सा बन रही है।
हालांकि, अनुभव मिश्रित रहा है। जहां 69 प्रतिशत ने कहा कि एआई ने उनकी कार्य प्रक्रियाओं को आसान बनाया है, वहीं 25 प्रतिशत ने महसूस किया कि इसने जटिलता बढ़ा दी है। एआई पर भरोसा एक और प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। केवल 49 प्रतिशत पेशेवरों ने कहा कि वे एआई से प्राप्त जानकारियों पर मैन्युअल रूप से जांच किए बिना भरोसा करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 36 प्रतिशत ने कहा कि वे ऐसी जानकारियों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करते, जबकि 15 प्रतिशत ने कहा कि उनका भरोसा कार्य पर निर्भर करता है।
Tagsआर्टिफिशियल इंटेलिजेंसएआईकार्यस्थलपेशेवरनौकरी की भूमिकाएंएआई टूल्सप्रशिक्षण की कमीडिजीपोलजीनियस एचआरटेकएआई अपनाने की चुनौतीनौकरी में बदलावएआई विश्वसनीयताजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





