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प्रौद्योगिकी
प्रदूषण से बचाव: एयर प्यूरीफायर लेते समय न करें ये गलतियां
Tara Tandi
4 Nov 2026 4:25 PM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता (Delhi Air Quality) बिगड़ने लगी है। आने वाले महीनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में घर के अंदर साफ हवा बनाए रखने के लिए Air Purifier खरीदना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। हालांकि, बाजार में कई तरह के Air Purifier उपलब्ध हैं और हर महंगा या ज्यादा फीचर्स वाला मॉडल जरूरी नहीं कि आपके घर के लिए सही हो। सही डिवाइस चुनने के लिए सिर्फ कीमत और ब्रांड देखना काफी नहीं है। कमरे का साइज, CADR, फिल्टर की क्वालिटी और मेंटेनेंस जैसी बातों पर भी ध्यान देना जरूरी है। चलिए इस आर्टिकल में समझते हैं कि घर और जरूरत के हिसाब से अच्छा प्यूरीफायर कैसे चुना जा सकता है।
HEPA Filter की क्वालिटी जरूर देखें
Air Purifier का सबसे अहम हिस्सा उसका फिल्टर होता है। खरीदते समय HEPA या True HEPA Filter वाले मॉडल को प्राथमिकता दें। ये फिल्टर हवा में मौजूद धूल, पराग कण और PM2.5 जैसे छोटे प्रदूषक कणों को पकड़ने में मदद करते हैं। कुछ मॉडल में H13 और H14 ग्रेड के फिल्टर भी मिलते हैं। हालांकि, सिर्फ फिल्टर का ग्रेड देखकर फैसला न करें। उसकी वास्तविक क्षमता और कंपनी की ओर से दी गई जानकारी भी जांचें।
यह भी ध्यान रखें कि HEPA Filter मुख्य रूप से पार्टिकल्स को फिल्टर करता है, गैस और बदबू को नहीं। इसके लिए Air Purifier में Activated Carbon Filter होना चाहिए। यह कुकिंग की गंध और कुछ गैसीय प्रदूषकों को कम करने में मदद करता है। इसकी क्षमता फिल्टर में इस्तेमाल किए गए कार्बन की मात्रा पर निर्भर करती है।
CADR और कमरे का साइज है सबसे जरूरी
Air Purifier खरीदते समय CADR यानी क्लीन एयर डिलीवरी रेट जरूर देखें। यह बताता है कि डिवाइस कितनी तेजी से साफ हवा उपलब्ध करा सकता है। आमतौर पर CADR की रेटिंग CFM या m³/h में दी जाती है। CADR जितना ज्यादा होगा, डिवाइस उतनी तेजी से हवा साफ कर सकता है। उदाहरण के लिए, AHAM की सामान्य गाइडलाइन के अनुसार कमरे के एरिया का कम से कम दो-तिहाई हिस्सा Smoke CADR होना चाहिए। यानी 200 वर्ग फुट के कमरे के लिए लगभग 133 CFM CADR वाला मॉडल शुरुआती जरूरत पूरी कर सकता है। यह एक सामान्य गाइडलाइन है, कमरे की ऊंचाई और प्रदूषण के लेवल के हिसाब से जरूरत बदल सकती है।
इसके साथ Air Changes Per Hour (ACH) भी देखें। यह बताता है कि Air Purifier एक घंटे में कमरे की कुल हवा के बराबर कितनी बार साफ हवा दे सकता है। कंपनी के रूम कवरेट के दावे के साथ यह भी जांचें कि उस साइज पर डिवाइस कितने ACH के साथ काम करता है।
PM2.5 Sensor और Auto Mode आएंगे काम
आजकल कई Air Purifier में PM2.5 Sensor और Auto Mode जैसे फीचर्स मिलते हैं। सेंसर कमरे में मौजूद छोटे प्रदूषक कणों का स्तर बताता है, जबकि Auto Mode उसी के हिसाब से फैन की स्पीड अपने आप कम या ज्यादा कर सकता है। इससे आपको बार-बार डिवाइस की सेटिंग बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, Air Purifier पर दिखने वाली PM2.5 रीडिंग पूरे घर की हवा की स्थिति नहीं बताती। सेंसर आमतौर पर डिवाइस के आसपास की हवा को मापता है। इसलिए इसे पूरे घर के प्रदूषण का सटीक आंकड़ा न मानें। यदि आपके लिए पूरे एरिया की रीडिंग जानना बहुत अहम हो तो आप अलग से AQI Reading डिवाइस खरीद सकते हैं।
शोर और बिजली की खपत भी जांचें
Air Purifier को अक्सर कई घंटों तक चलाना पड़ता है। ऐसे में शोर के लेवल और बिजली की खपत भी जरूरी हो जाते हैं। अगर आप इसे बेडरूम में इस्तेमाल करेंगे, तो Sleep Mode और कम आवाज करने वाले मॉडल को प्राथमिकता दें। ध्यान रखें कि कम फैन स्पीड पर हवा साफ करने की क्षमता भी कम हो सकती है। डिवाइस खरीदने से पहले उसकी बिजली की खपत भी देखें। अगर आप इसे रोजाना 8 से 12 घंटे चलाने वाले हैं, तो बिजली का खर्च लंबे समय में आपके बजट को प्रभावित कर सकता है।
फिल्टर बदलने का खर्च पहले पता करें
Air Purifier खरीदते समय सिर्फ उसकी शुरुआती कीमत न देखें। इसमें लगे HEPA और Activated Carbon Filter को समय-समय पर बदलना पड़ता है। इसलिए खरीदने से पहले रिप्लेसमेंट फिल्टर की कीमत और उसकी उपलब्धता जरूर जांचें। यह भी पता करें कि कंपनी के अनुसार फिल्टर कितने समय तक चलता है। असल में इसकी लाइफ कमरे के प्रदूषण और इस्तेमाल पर निर्भर करती है।
Pre-Filter वाला मॉडल भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यह बड़े धूल के कणों और बालों को शुरुआती लेवल पर रोकता है। कई डिवाइस में इसे साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे मुख्य फिल्टर पर गंदगी का दबाव कम होता है।
Ionizer और Ozone Technology से रहें सावधान
कुछ कंपनियां Air Purifier में Ionizer, Plasma या Ozone Technology की मार्केटिंग करती हैं। हालांकि, ऐसे फीचर्स खरीदने से पहले उनकी सुरक्षा की जानकारी जरूर लें। खासकर Ozone Generator वाले डिवाइस से बचना बेहतर है, क्योंकि ओजोन सांस लेने के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अमेरिका में पर्यावरण से जुड़ी एक एजेंसी भी ऐसे डिवाइस को लेकर चेतावनी देती है जो जानबूझकर हवा में ओजोन छोड़ते हैं।
खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
दिल्ली-NCR जैसे प्रदूषित इलाकों के लिए Air Purifier चुनते समय सबसे पहले कमरे का साइज मापें और उसी के हिसाब से CADR और ACH देखें। अच्छी क्वालिटी का HEPA Filter, जरूरत के अनुसार Activated Carbon Filter और भरोसेमंद सेंसर वाले मॉडल को प्राथमिकता दें। इसके अलावा शोर का लेवल, बिजली की खपत और रिप्लेसमेंट फिल्टर की कीमत भी जांचें।
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