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भारत में टेलीग्राम पर लगा अस्थायी प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया शुरू

Technology : भारत में लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के निर्देश के अनुसार लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को 22 जून को हटाया जाना तय था। हालांकि, अभी तक प्लेटफॉर्म पूरी तरह से उपयोगकर्ताओं के लिए बहाल नहीं हुआ है और इसकी स्थिति को लेकर स्पष्टता नहीं बनी है।
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार, भारत में प्लेटफॉर्म्स पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध आज समाप्त होना था। इसके बावजूद लिखने के समय तक ऐप न तो सामान्य रूप से काम कर रहा था और न ही Apple App Store और Google Play Store पर इसकी लिस्टिंग वापस आई थी।
सूत्रों के अनुसार, टेलीग्राम की सेवा बहाली को लेकर तकनीकी और नियामकीय प्रक्रियाएं अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं। इसी कारण उपयोगकर्ताओं को ऐप की वापसी के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल यह भी साफ नहीं है कि प्लेटफॉर्म कब तक पूरी तरह से भारत में सक्रिय होगा।
हालांकि, इस बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि पहले भेजे गए संदेशों को एडिट करने की सुविधा पर प्रतिबंध 30 जून 2026 तक जारी रहेगा। यानी उपयोगकर्ताओं को केवल सीमित सुविधाओं के साथ ही प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की अनुमति मिल सकती है।
सरकारी निर्देशों के अनुसार, 22 जून को टेलीग्राम के पूर्ण एक्सेस प्रतिबंध की समीक्षा की जानी थी और इसे हटाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन संदेश-संपादन सुविधा को लेकर अलग समयसीमा तय की गई है, जिसके चलते यह स्पष्ट है कि प्लेटफॉर्म की सेवाएं तुरंत सामान्य स्थिति में नहीं लौटेंगी।
Telegram की भारत में स्थिति लंबे समय से चर्चा में रही है, खासकर इसके उपयोग, कंटेंट मॉडरेशन और सुरक्षा नीतियों को लेकर उठते सवालों के बीच। हालिया प्रतिबंध और उसके बाद की समीक्षा प्रक्रिया ने एक बार फिर इसकी संचालन व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर दिया है।
ऐप के अचानक ऐप स्टोर से गायब होने और फिर बहाली में देरी ने उपयोगकर्ताओं में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। कई यूजर्स इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि वे अपने पुराने चैट्स और ग्रुप्स तक कब और कैसे पहुंच पाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रतिबंध और आंशिक बहाली से डिजिटल संचार प्लेटफॉर्म्स के संचालन और नीतियों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही, यह भी जरूरी हो जाता है कि कंपनियां स्थानीय नियमों के अनुरूप अपनी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएं।
फिलहाल स्थिति यह है कि टेलीग्राम की पूर्ण वापसी को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, और उपयोगकर्ताओं को आगे की घोषणा का इंतजार करना होगा।





