- Home
- /
- प्रौद्योगिकी
- /
- Luxury कार खरीदने का...
Luxury कार खरीदने का मौका, FTA लागू होते ही घटेगी कीमतें

New Delhi नई दिल्ली : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में लग्जरी और प्रीमियम कार खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाला फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। इस समझौते के बाद ब्रिटेन में तैयार होकर भारत आने वाली कई महंगी कारों की कीमतों में बड़ी कटौती होने की उम्मीद है। इसमें रोल्स-रॉयस, एस्टन मार्टिन, मैकलारेन और लैंड रोवर जैसी लग्जरी कार निर्माता कंपनियां शामिल हैं।
इस समझौते के लागू होने के बाद पूरी तरह से आयात की जाने वाली कारों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी में भारी कमी आएगी। मौजूदा समय में इन कारों पर करीब 110 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता है, जिसे घटाकर 30 प्रतिशत किया जाएगा। इससे भारत में बिकने वाली करोड़ों रुपये की लग्जरी कारों की कीमतों में काफी कमी आने की संभावना है।
जानकारी के मुताबिक, यह नियम पहले साल में ब्रिटेन में निर्मित और भारत में आयात की जाने वाली 20,000 कारों के तय कोटे पर लागू होगा। हालांकि, अभी तक ज्यादातर ऑटो कंपनियों ने नई कीमतों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस समझौते के बाद लग्जरी कारों की कीमतों में करीब 20 से 25 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।
करोड़ों रुपये तक की हो सकती है बचत
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में कमी का असर कार के मॉडल और कीमत पर निर्भर करेगा। महंगी लग्जरी कारों में ग्राहकों को करीब 1 करोड़ रुपये से लेकर 3 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है। इससे उन ग्राहकों के लिए लग्जरी कार खरीदना आसान हो जाएगा, जो अब तक भारी टैक्स के कारण इन गाड़ियों से दूरी बनाए रखते थे।
लग्जरी कार बाजार को मिलेगा बढ़ावा
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से देश में प्रीमियम और लग्जरी कारों की बिक्री को नई रफ्तार मिल सकती है। कम कीमतों के कारण ज्यादा ग्राहक इन गाड़ियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। अनुमान है कि कम से मध्यम अवधि में भारत में महंगी कारों की बिक्री दोगुनी तक बढ़ सकती है।
ब्रिटेन की कई प्रमुख कार कंपनियां लंबे समय से भारतीय बाजार में मौजूद हैं, लेकिन भारी आयात शुल्क के कारण इनकी गाड़ियां सीमित ग्राहकों तक ही पहुंच पाती थीं। अब टैक्स में कमी आने से कंपनियों को भी बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
ग्राहकों को नई कीमतों का इंतजार
हालांकि, ग्राहकों को अभी कंपनियों की ओर से नई कीमतों की घोषणा का इंतजार करना होगा। जैसे ही कंपनियां संशोधित कीमतें जारी करेंगी, तब यह साफ हो पाएगा कि अलग-अलग मॉडल पर कितनी वास्तविक कटौती होगी।
भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को ऑटो सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल लग्जरी कारों की कीमतें कम होने की उम्मीद है, बल्कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंधों को भी मजबूती मिलने की संभावना है।





