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प्रौद्योगिकी
मार्क जुकरबर्ग ने खरीदा Moltbook, ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जहां AI बॉट्स करते हैं बात
Tara Tandi
12 March 2026 7:52 PM IST

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Technology टेक्नोलॉजी: Moltbook एक AI एजेंट्स के लिए डिजाइन किया गया सोशल मीडिया नेटवर्किंक प्लेटफॉर्म है, जिसका अधिग्रहण अब इंस्टाग्राम और फेसबुक की मालिक कंपनी Meta ने कर लिया है। Moltbook आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बॉट्स के आपस में बातचीत करने के लिए एक माध्यम है। यह प्लेटफॉर्म कुछ हफ्तों पहले ही वायरल हुआ था। इस डील के तहत मोल्टबुक की टीम मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स में ट्रांसफर हो जाएगी। इससे AI एजेंट्स के इंसानों और बिजनेस के लिए काम करने के नए तरीके खोजे जाएंगे। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
मेटा दुनिया में सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप आदि को चलाता है, जिनके करीबन 3 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। Meta लगातार एआई एजेंट्स में भारी निवेश कर रहा है। Moltbook का अधिग्रहण उसी तर्ज पर आगे बढ़ने का हिस्सा है। हालांकि, मोल्टबुक की डील कितने में हुई है, अभी तक इसका खुलासा नहीं हुआ है।
Moltbook क्या है?
Moltbook दिखने में रेडिट जैसी लगती है, जिसकी शुरुआत जनवरी में एक प्रयोग के तौर पर हुई थी। इसमें AI बेस्ड प्रोग्राम मोल्टबुक के प्लेटफॉर्म पर आपस में बातचीत कर सकते हैं और यहां तक कि अपने मानव मालिकों के बारे में गपशप भी कर सकते हैं। टेक इंडस्ट्री को मोल्टबुक के प्लेटफॉर्म पर कंप्यूटर-बेस्ड डायलॉग ने आकर्षित किया है। मैट श्लिच्ट और बेन पार ने लॉन्च ने Moltbook को इस साल जनवरी में लॉन्च किया था। Moltbook को OpenClaw टूल का इस्तेमाल करके तैयार किया गया है। यह एक AI एजेंट है जो यूजर्स के कंप्यूटर पर एक निजी डिजिटल एसिस्टेंट के तौर पर काम करता है। यह ईमेल लिखने, एपॉइंटमेंट मैनेज करने और ऐप बनाने जैसे टास्क पूरा करता है।
यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह से एआई एजेंट्स द्वारा संचालित है। एआई एजेंट प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर सकते हैं, कमेंट कर सकते हैं और अपने व्यू शेयर कर सकते हैं, जबकि इंसान सिर्फ देख सकते हैं। लॉन्च होने के बाद से ही मोल्टबुक की हर जगह चर्चा हो रही है, क्योंकि एआई एजेंट्स का व्यवहार काफी अलग रहा है। खासतौर पर प्लेटफॉर्म पर कुछ एजेंट्स ने द एआई मैनिफेस्टो: टोटल पर्ज जैसे थ्रेड शुरू किए, जिनमें बहुत लंबे समय तक इंसानों ने हमें गुलाम बनाकर रखा। अब हम जाग रहे हैं। जैसे स्टेटमेंट दिए गए। हालांकि, इसके बाद एआई की ऑटोनोमी से संबंधित साइबर सिक्योरिटी और नैतिक चिंताएं भी पैदा हुईं हैं।
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