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प्रौद्योगिकी
इलेक्ट्रिक बस रजिस्ट्रेशन में JBM सबसे आगे 33% बाजार पर कब्जा
Ratna Netam
1 Oct 2026 9:19 PM IST

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नई दिल्ली। देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और इस बीच JBM Auto ने इलेक्ट्रिक बस सेगमेंट में बड़ी बढ़त दर्ज की है। सितंबर 2026 के दौरान कंपनी ने देश में सबसे ज्यादा 274 इलेक्ट्रिक बसों का रजिस्ट्रेशन कराया। वाहन पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक इस प्रदर्शन के साथ JBM Auto ने सितंबर महीने में भारत के इलेक्ट्रिक बस बाजार में करीब 33 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।
सितंबर का प्रदर्शन कंपनी के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह इलेक्ट्रिक बसों की बढ़ती मांग और बड़े स्तर पर डिलीवरी करने की उसकी क्षमता को दिखाता है। सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार नई परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। ऐसे माहौल में बस निर्माताओं के बीच बड़े सरकारी और संस्थागत ऑर्डर हासिल करने की प्रतिस्पर्धा भी तेज हो रही है।
JBM Auto ने सितंबर 2026 में 274 इलेक्ट्रिक बसों के रजिस्ट्रेशन के साथ महीने में सबसे ज्यादा संख्या दर्ज की। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत रही। इससे पहले मई 2026 में भी JBM ने इलेक्ट्रिक बस बाजार में मजबूत प्रदर्शन किया था, जब उसने 157 बसों के साथ लगभग 49 प्रतिशत मासिक हिस्सेदारी दर्ज की थी।
सिर्फ सितंबर ही नहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच JBM Auto ने कुल 892 इलेक्ट्रिक बसों का रजिस्ट्रेशन कराया। इसी अवधि में पूरे भारतीय इलेक्ट्रिक बस बाजार में 3,771 बसों का रजिस्ट्रेशन हुआ। इस आधार पर पहली छमाही में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत रही।
यह आंकड़ा साफ करता है कि सितंबर का 33 प्रतिशत मार्केट शेयर एक महीने का प्रदर्शन है, जबकि अप्रैल से सितंबर की पूरी छमाही में JBM Auto की हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत रही। कंपनी का कहना है कि लगातार बढ़ते रजिस्ट्रेशन उसके इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम और डिलीवरी क्षमता को दिखाते हैं।
JBM Auto के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निशांत आर्य ने कंपनी के प्रदर्शन पर कहा कि इलेक्ट्रिक बस बाजार में मजबूत मौजूदगी बड़े पैमाने पर काम करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान देने की क्षमता को दर्शाती है। कंपनी अपने इलेक्ट्रिक बस प्लेटफॉर्म में इनोवेशन, ऊर्जा दक्षता, सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा पर जोर दे रही है।
कंपनी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR में एक बड़ी डेडिकेटेड इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रिक बस मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी संचालित करती है। इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 20,000 बसों की बताई गई है। यहां डिजाइन, इंजीनियरिंग, टेस्टिंग, वैलिडेशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसी प्रक्रियाएं एक ही इकोसिस्टम के तहत उपलब्ध हैं।
इस तरह की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी कंपनी को बड़े ऑर्डर मिलने पर उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है। इलेक्ट्रिक बसों में पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में पावरट्रेन पूरी तरह अलग होता है और इसमें बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स तथा चार्जिंग सिस्टम जैसी तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
JBM की इलेक्ट्रिक बसों में जीरो टेलपाइप एमिशन पर जोर दिया जाता है। कंपनी के पुराने तकनीकी दस्तावेजों के मुताबिक इसके इलेक्ट्रिक बस प्लेटफॉर्म में फास्ट चार्जिंग, रिजेनरेटिव ब्रेकिंग, बैटरी तापमान नियंत्रण, रियल-टाइम ट्रैकिंग और यात्री सुविधा से जुड़े फीचर्स शामिल किए गए हैं।
कंपनी के अनुसार उसकी इलेक्ट्रिक बसें अब तक कुल मिलाकर 450 मिलियन से ज्यादा ई-किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी हैं और 2 अरब से अधिक यात्रियों को सेवा दे चुकी हैं। ये आंकड़े देश में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को भी दिखाते हैं।
भारत में इलेक्ट्रिक बस बाजार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। राज्य परिवहन निगमों के साथ-साथ नगर परिवहन सेवाओं में भी डीजल और CNG बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जा रहा है। वायु प्रदूषण कम करने, सार्वजनिक परिवहन की ऑपरेटिंग कॉस्ट को नियंत्रित करने और स्वच्छ ऊर्जा आधारित ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करने के लिए ई-बसों पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि इस बाजार में JBM अकेली बड़ी कंपनी नहीं है। Switch Mobility, PMI Electro Mobility, Olectra Greentech और Tata Motors समेत कई निर्माता इलेक्ट्रिक बस सेगमेंट में सक्रिय हैं। अलग-अलग महीनों में इन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी ऑर्डर और डिलीवरी के हिसाब से बदलती रहती है। उदाहरण के लिए जून 2026 में PMI Electro और Switch Mobility ने मासिक रजिस्ट्रेशन में बढ़त बनाई थी।
यही वजह है कि इलेक्ट्रिक बस मार्केट में किसी एक महीने की बढ़त के साथ लंबी अवधि का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण माना जाता है। JBM के लिए अप्रैल से सितंबर के बीच 892 बसों का रजिस्ट्रेशन और लगभग 24 प्रतिशत हिस्सेदारी उसकी लगातार मजबूत मौजूदगी को दिखाती है।
कंपनी आने वाले वर्षों में स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन के विस्तार पर भी फोकस कर रही है। JBM ने अपने लिए Net Zero 2040 का लक्ष्य तय किया है और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
सितंबर में 33 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी और 274 इलेक्ट्रिक बसों के रजिस्ट्रेशन के साथ JBM Auto ने एक बार फिर इस सेगमेंट में अपनी मजबूत स्थिति दिखाई है। देश में जैसे-जैसे शहर इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में ई-बस निर्माताओं के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है। ऐसे में बड़े ऑर्डर, उत्पादन क्षमता, चार्जिंग नेटवर्क और समय पर बसों की डिलीवरी ही कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे।
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