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प्रौद्योगिकी
दुर्भावनापूर्ण फिशिंग ईमेल व कोड लिखने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर सकते हैं हैकर्स
jantaserishta.com
20 Dec 2022 4:01 PM IST

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जानें डिटेल्स.
नई दिल्ली (आईएएनएस)| साइबर-सुरक्षा विशेषज्ञों ने हैकर्स द्वारा 'चैटजीपीटी' का इस्तेमाल दुर्भावनापूर्ण ई-मेल व कोड लिखने की चेतावनी दी है। उल्लेखनीय है कि जब आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चैटबॉट के जरिए कविता, निबंध या कंप्यूटर प्रोग्राम लिखते हैं, तो उसे 'चैटजीपीटी' कहा जाता है। चेक प्वाइंट रिसर्च (सीपीआर) ने दुर्भावनापूर्ण फिशिंग ईमेल और कोड बनाने के लिए चैटजीपीटी और कोडेक्स (एआई आधारित प्रणाली, जो कोड में प्राकृतिक भाषा का अनुवाद करती है) का उपयोग किया, ताकि संभावित खतरों की चेतावनी दी जा सके।
सीपीआर टीम ने लोगों के कंप्यूटरों को लक्षित करने में सक्षम दुर्भावनापूर्ण ईमेल, कोड और एक पूर्ण संक्रमण श्रृंखला बनाने के लिए 'चैटजीपीटी' का उपयोग किया।
संक्रमण श्रृंखला को आसान बनाने के लिए फिशिंग ईमेल को परिष्कृत करने के लिए टीम ने चैटजीपीटी के साथ बातचीत की
शोधकर्ताओं ने कहा, ओपन एआई के चैटजीपीटी का उपयोग करते हुए सीपीआर एक फिशिंग ईमेल बनाने में सक्षम था, जिसमें एक संलग्न एक्सेल दस्तावेज था, जिसमें दुर्भावनापूर्ण कोड था, जो रिवर्स शेल डाउनलोड करने में सक्षम था।
रिवर्स शेल हमलों का लक्ष्य एक दूरस्थ कंप्यूटर से कनेक्ट करना और लक्ष्य सिस्टम के शेल के इनपुट और आउटपुट कनेक्शन को पुनर्निर्देशित करना है, ताकि हमलावर इसे दूर से एक्सेस कर सके।
'चैटजीपीटी' एक एआई चैटबॉट सिस्टम है, जिसे ओपनएआई ने पिछले महीने जनता के लिए सवाल पूछने और उपयोगी जवाब पाने के लिए जारी किया था।
शोधकर्ताओं ने कहा कि साइबर दुनिया में एआई की बढ़ती भूमिका अवसरों से भरी है, लेकिन इसके साथ जोखिम भी हैं।
उन्होंने लिखा, कई लिपियों को आसानी से उत्पन्न किया जा सकता है, अलग-अलग शब्दों का उपयोग करके थोड़ी भिन्नता के साथ। अन्य दुर्भावनापूर्ण कलाकृतियों को उत्पन्न करने के लिए लनिर्ंग मैनेजमेंट सिस्टम्स (एलएलएम) एपीआई का उपयोग करके जटिल हमले प्रक्रियाओं को भी स्वचालित किया जा सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षकों और खतरे की तलाश करने वालों को इस तकनीक को अपनाने के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
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