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टेक्नोलॉजी | केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में सरकार जल्द ही BSNL और MTNL की अटकी संपत्तियों पर फैसला लेने जा रही है। इसके लिए मुंबई में विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा, जो इन दोनों सरकारी कंपनियों की अचल संपत्तियों के सही उपयोग और नीलामी से जुड़े अहम फैसले लेगी।
सरकारी टेलीकॉम कंपनियों की संपत्ति पर क्या होगा?
BSNL और MTNL के पास देशभर में करोड़ों की संपत्ति है, जिसमें बड़े दफ्तर, टेलीफोन एक्सचेंज, जमीन और रियल एस्टेट शामिल हैं। इन संपत्तियों का सही उपयोग न होने की वजह से सरकार को हर साल घाटा उठाना पड़ रहा था। अब नई कमेटी इन परिसंपत्तियों को बेहतर तरीके से मॉनेटाइज करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी।
मुंबई, MTNL के मुख्यालय के रूप में काम करता है और BSNL की भी यहां कई प्राइम लोकेशन पर संपत्तियां हैं। इसलिए सरकार ने यहां एक हाई-लेवल कमेटी गठित करने का फैसला किया है, जो संपत्तियों के नीलामी, लीज़ और अन्य विकल्पों पर रिपोर्ट तैयार करेगी।
सरकार का टेलीकॉम सेक्टर को मजबूत करने का प्रयास
BSNL और MTNL लंबे समय से वित्तीय संकट से गुजर रहे हैं, और सरकार लगातार इनकी हालत सुधारने के प्रयास कर रही है। इससे पहले भी सरकार ने BSNL को 1.64 लाख करोड़ रुपये का रिवाइवल पैकेज दिया था, जिससे इसकी 4G सेवाओं में सुधार हो सके। अब संपत्तियों को सही तरीके से इस्तेमाल करने से दोनों कंपनियों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
क्या होगा आगे?
विशेष कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद BSNL और MTNL की परिसंपत्तियों को लेकर बड़े फैसले लिए जाएंगे। इसका मकसद सिर्फ वित्तीय घाटा कम करना नहीं बल्कि सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को फिर से बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना है।





