प्रौद्योगिकी

AI करेगा ऑनलाइन शॉपिंग, Google ला रहा यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल

Harrison
17 Jan 2026 9:13 PM IST
AI करेगा ऑनलाइन शॉपिंग, Google  ला रहा यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल
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Technology ,टेक्नोलॉजी: गूगल ने डिजिटल कॉमर्स की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर ली है। कंपनी का यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल (UCP) एक ऐसा ओपन स्टैंडर्ड है, जिसके जरिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट यूजर्स की जगह ऑनलाइन शॉपिंग की पूरी प्रक्रिया संभाल सकेंगे। इसमें प्रोडक्ट खोजने से लेकर ऑर्डर करने, पेमेंट और कस्टमर सपोर्ट तक सभी काम शामिल होंगे।
गूगल का यह नया सिस्टम वॉलमार्ट और शॉपिफाई जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर विकसित किया गया है। UCP का उद्देश्य अलग-अलग ऑनलाइन स्टोर्स और प्लेटफॉर्म्स को एक साझा तकनीकी ढांचे से जोड़ना है, ताकि AI एजेंट बिना किसी रुकावट के खरीदारी कर सकें।
जानकारी के अनुसार, यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल एक ओपन स्टैंडर्ड है, यानी इसे कोई भी कंपनी या प्लेटफॉर्म अपनाकर अपने सिस्टम में जोड़ सकता है। इससे अलग-अलग वेबसाइट्स और ऐप्स पर मौजूद प्रोडक्ट्स को AI आसानी से समझ और एक्सेस कर सकेगा। यूजर को बार-बार वेबसाइट बदलने या मैन्युअली जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
UCP के जरिए काम करने वाले AI एजेंट यूजर की जरूरत और पसंद के आधार पर प्रोडक्ट सर्च करेंगे। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी यूजर को मोबाइल फोन खरीदना है, तो AI अलग-अलग वेबसाइट्स पर उपलब्ध विकल्पों की तुलना करेगा, कीमत, डिलीवरी और रिटर्न पॉलिसी जैसी जानकारी देखेगा और फिर सबसे उपयुक्त विकल्प चुनेगा। इसके बाद पेमेंट
प्रोसेस और ऑर्डर ट्रैकिंग भी AI
खुद कर सकेगा।
गूगल का कहना है कि यह सिस्टम सिर्फ शॉपिंग तक सीमित नहीं रहेगा। कस्टमर सपोर्ट से जुड़े सवालों, रिफंड, रिटर्न और ऑर्डर स्टेटस जैसी सेवाओं को भी AI एजेंट संभाल सकेंगे। इससे यूजर्स का समय बचेगा और उन्हें बार-बार कस्टमर केयर से संपर्क नहीं करना पड़ेगा।
कंपनी की योजना है कि यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल को जल्द ही गूगल सर्च और जेमिनी (Gemini) में इंटीग्रेट किया जाए। इसके बाद यूजर सीधे गूगल सर्च या जेमिनी से कहकर खरीदारी कर सकेंगे, जैसे “मेरे बजट में सबसे अच्छा लैपटॉप खरीद दो” या “इस प्रोडक्ट को ऑर्डर कर दो।”
ई-कॉमर्स सेक्टर के जानकारों का मानना है कि UCP से ऑनलाइन शॉपिंग का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। जहां अभी यूजर को अलग-अलग ऐप्स और वेबसाइट्स पर जाना पड़ता है, वहीं AI एजेंट यह सारा काम अपने आप करेंगे। इससे छोटे और बड़े सभी कारोबारियों को फायदा हो सकता है, क्योंकि ओपन स्टैंडर्ड होने के कारण ज्यादा से ज्यादा प्लेटफॉर्म इससे जुड़ सकेंगे।
हालांकि, डेटा सुरक्षा और यूजर प्राइवेसी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। गूगल का कहना है कि UCP में सिक्योरिटी और प्राइवेसी का खास ध्यान रखा गया है और यूजर की अनुमति के बिना कोई खरीदारी नहीं की जाएगी।
कुल मिलाकर, गूगल का यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल डिजिटल शॉपिंग को एक नए दौर में ले जाने की तैयारी है, जहां AI यूजर की जगह फैसले लेकर खरीदारी को आसान बना देगा।
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