प्रौद्योगिकी

2026 तक भारत में फोल्डेबल स्मार्टफोन की शिपमेंट 30 लाख यूनिट्स से ज़्यादा हो जाएगी

Tara Tandi
21 July 2026 3:42 PM IST
2026 तक भारत में फोल्डेबल स्मार्टफोन की शिपमेंट 30 लाख यूनिट्स से ज़्यादा हो जाएगी
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नई दिल्ली: मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट 2026 के आखिर तक कुल 3 मिलियन शिपमेंट का आंकड़ा पार कर सकता है। 2019 और 2026 के बीच इसकी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 80 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, 2026 में फोल्डेबल स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर लगभग 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। डिवाइस की बढ़ती कीमतों और कुल मिलाकर कमजोर मांग के बावजूद, यह व्यापक स्मार्टफोन मार्केट से बेहतर प्रदर्शन करेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि DRAM और NAND फ्लैश मेमोरी जैसे मुख्य कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतें स्मार्टफोन की कीमतों को बढ़ा रही हैं।
हालांकि, फोल्डेबल डिवाइस की मांग मजबूत बनी रहने की उम्मीद है क्योंकि प्रीमियम सेगमेंट के ग्राहक शुरुआती कीमत के बजाय नए तरह के डिज़ाइन (फॉर्म फैक्टर), प्रोडक्टिविटी और बेहतर यूज़र अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आसान फाइनेंसिंग ऑप्शन और आकर्षक EMI स्कीम फोल्डेबल स्मार्टफोन को ज़्यादा लोगों की पहुंच में ला रही हैं, जिससे मुश्किल कीमत वाले माहौल में भी इन्हें लगातार अपनाया जा रहा है।
कंपटीशन के माहौल पर टिप्पणी करते हुए, काउंटरपॉइंट के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट प्राचीर सिंह ने कहा कि सैमसंग ने सबसे पहले बाजार में आने का फायदा (first-mover advantage), लगातार इनोवेशन और ग्राहकों के मजबूत भरोसे के दम पर भारत के फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट में अपनी लीडरशिप बनाए रखी है।
उन्होंने कहा कि 2026 में भारत में फोल्डेबल स्मार्टफोन शिपमेंट में सैमसंग की हिस्सेदारी लगभग 89 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। इसकी वजह उसकी आठवीं पीढ़ी की गैलेक्सी Z सीरीज़ और फोल्डेबल डिज़ाइन के कारण बना वफादार कस्टमर बेस है।
रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा कि भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट में फोल्डेबल स्मार्टफोन की बड़ी भूमिका होने की उम्मीद है, हालांकि ऊंची कीमतों के कारण अगले कुछ वर्षों तक यह कैटेगरी सीमित (niche) ही बनी रह सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में फोल्डेबल स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत (ASP) लगभग $1,800 रहने का अनुमान है - जो भारत में स्मार्टफोन की कुल औसत बिक्री कीमत से लगभग पांच गुना अधिक है।
पाठक ने कहा कि टिकाऊपन में सुधार, पतले और हल्के डिज़ाइन, बेहतर बैटरी लाइफ और बेहतर यूज़र अनुभव फोल्डेबल डिवाइस को रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए ज़्यादा प्रैक्टिकल बनाएंगे। साथ ही, ज़्यादा ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) अलग-अलग कीमतों और डिज़ाइन वाले डिवाइस की बड़ी रेंज के साथ इस सेगमेंट में आ रहे हैं। रिपोर्ट का अनुमान है कि 2026 में फोल्डेबल स्मार्टफोन की कुल शिपमेंट में 'बुक-टाइप' फोल्डेबल की हिस्सेदारी लगभग दो-तिहाई होगी। इसकी वजह इनके बड़े डिस्प्ले, इस्तेमाल के ज़्यादा तरीके और प्रोडक्टिविटी पर केंद्रित फीचर्स हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भले ही फोल्डेबल स्मार्टफोन की कुल मार्केट में हिस्सेदारी अभी भी कम रहेगी, लेकिन ये भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में लंबे समय तक ग्रोथ को आगे बढ़ाने वाले अहम कारकों में से एक बनने की अच्छी स्थिति में हैं।
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