- Home
- /
- प्रौद्योगिकी
- /
- e-PAN डाउनलोड के नाम...
प्रौद्योगिकी
e-PAN डाउनलोड के नाम पर आ रहे फर्जी ईमेल, PIB फैक्ट चेक ने किया सावधान, न करें क्लिक
Tara Tandi
11 March 2026 7:59 PM IST

x
Technology टेक्नोलॉजी: PAN कार्ड सभी नागरिकों के लिए एक अहम दस्तावेज है, जिसका उपयोग बैंक अकाउंट खुलवाने से लेकर, इनकम टैक्स भरने और नौकरी आदि में भर्ती समेत अन्य वित्तीय संस्थानों में किया जाता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल काफी सावधानी के साथ करना चाहिए, क्योंकि पैन से संबंधित छोटी से चूक बड़ा नुकसान कर सकती है। इससे वित्तीय नुकसान होने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। अब PIB फैक्ट चेक ने ऑनलाइन एक फर्जी ईमेल के बारे में सावधान किया है। इमेल में दावा किया गया है कि यूजर्स अपना ई-पर्मानेंट अकाउंट नंबर (e-PAN) कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि, फैक्ट चेक यूनिट ने साफ किया है कि यह मैसेज फर्जी है और लोगों को ऐसे ईमेल का रिप्लाई नहीं करना चाहिए और न ही इसमें दिए गए किसी लिंक पर क्लिक करना चाहिए। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक अकाउंट से X पर एक पोस्ट में बताया गया कि यूजर्स को संदिग्ध ईमेल, कॉल, एसएमएस या लिंक के जरिए संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। बताया गया है कि साइबर अपराधी अक्सर ऐसे मैसेज को असली दिखाने के लिए डिजाइन करते हैं, जिससे भोले भाले नागरिक भ्रमित होकर जानकारी साझा कर दें। फर्जी ईमेल में ई-पैन कार्ड डाउनलोड करने के लिए एक लिंक या अटैचमेंट भी है। हालांकि, टीम ने कहा कि इस तरह के मैसेज अधिकारियों द्वारा जारी नहीं किए जाते हैं। ये यूजर्स से निजी जानकारी चोरी करने के उद्देश्य से किए गए फिशिंग प्रयासों में से एक हैं।
कैसे रहें सुरक्षित
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का टैक्स पेयर्स से कहना है कि उन्हें अंजान या संदिग्ध सोर्स से आने वाले अटैचमेंट को खोलना नहीं चाहिए और न ही किसी लिंक पर क्लिक करना चाहिए। इस प्रकार के ईमेल से लिंक को कॉपी करके वेब ब्राउजर में पेस्ट करने से भी यूजर्स फ्रॉड वेबसाइट तक पहुंच सकते हैं, जिसके जरिए निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है। यूजर्स को सलाह दी जाती है कि ईमेल या मैसेज में दिए गए लिंक के बजाय सिर्फ आधिकारिक सरकारी पोर्टल के जरिए ही टैक्स संबंधिंत नोटिफिकेशन को चेक करना चाहिए। इसके अलावा यूजर्स को मैलवेयर से संक्रमित होने के जोखिम को कम करने के लिए एंटीवायरस और सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर को अपडेट रखना चाहिए।
अगर यूजर्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से संदिग्ध ईमेल मिलते हैं तो उन्हें डिपार्टमेंट के आधिकारिक चैनल के जरिए इसकी जानकारी देनी चाहिए। इस प्रकार के ईमेल [email protected] पर भेजे जा सकते हैं और इनकी एक कॉपी [email protected] पर भी भेजी जा सकती है। इसके अलावा मैसेज या ईमेल हेडर की जानकारी अधिकारियों को प्रदान की जा सकती है, जिससे फिशिंग के सोर्स का पता लगाया जा सके। इसके अलावा यूजर्स को टैक्स सर्विस से संबंधित मैसेज के प्रति सतर्क रहने का भी आग्रह किया है। फिशिंग स्कैम लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए मैसेज की प्रामाणिकता की जांच करना चाहिए। हमेशा आधिकारिक सोर्स पर ही भरोसा करना चाहिए, जिससे वित्तीय फ्रॉड या निजी जानकारी की चोरी से बचाव हो सकता है।
Tagsटेक्नोलॉजी न्यूज़Technology Newsजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





