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Ethanol मिक्स पेट्रोल और पुरानी कारें: क्या मिलेगा इंश्योरेंस कवर?

Kanchan Paikara
15 Jun 2026 5:58 PM IST
Ethanol मिक्स पेट्रोल और पुरानी कारें: क्या मिलेगा इंश्योरेंस कवर?
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जिनमें से एक बड़ा हिस्सा पुरानी कारों और दोपहिया वाहनों का है।

New Delhi नई दिल्‍ली : भारत में बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों का उपयोग करते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा पुरानी कारों और दोपहिया वाहनों का है। हाल के वर्षों में सरकार द्वारा Ethanol मिक्स पेट्रोल यानी E20 फ्यूल को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचे और फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम की जा सके। लेकिन इस बदलाव के बीच उन वाहन मालिकों की चिंता बढ़ गई है जिनके वाहन E20 कंप्लायंट नहीं हैं।

कई पुराने वाहन ऐसे हैं जो तकनीकी रूप से Ethanol मिक्स पेट्रोल के लिए पूरी तरह डिजाइन नहीं किए गए थे। ऐसे में वाहन मालिकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि यदि वे E20 फ्यूल का उपयोग करते हैं और किसी प्रकार का नुकसान होता है, तो क्या उन्हें इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा या नहीं।

इस विषय पर हाल ही में ICICI Lombard ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने कहा है कि केवल Ethanol मिक्स पेट्रोल के उपयोग के आधार पर किसी भी वाहन के इंश्योरेंस क्लेम को सीधे तौर पर खारिज नहीं किया जाएगा। यानी अगर वाहन मालिक निर्धारित नियमों और पॉलिसी की शर्तों के अनुसार बीमा कवर के अंतर्गत आता है, तो क्लेम प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी रहेगी।

हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी वाहन में गलत ईंधन के उपयोग से या निर्माता द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का उल्लंघन करने से नुकसान होता है, तो मामले की जांच के बाद ही क्लेम पर निर्णय लिया जाएगा। इसका मतलब है कि हर केस को उसके तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर देखा जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, Ethanol मिश्रित ईंधन से कुछ पुराने वाहनों के इंजन और फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ सकता है, क्योंकि वे इस प्रकार के ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं होते। ऐसे में नियमित सर्विसिंग और वाहन की सही देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है।

ICICI Lombard के इस बयान के बाद वाहन मालिकों को कुछ हद तक राहत मिली है, लेकिन साथ ही यह भी साफ हो गया है कि वाहन का सही रखरखाव और निर्माता के दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। अगर कोई वाहन मालिक लापरवाही करता है या अनुचित ईंधन का उपयोग करता है, तो क्लेम प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

भारत में E20 फ्यूल को धीरे-धीरे व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है और आने वाले समय में इसका उपयोग और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में ऑटोमोबाइल कंपनियां भी नए मॉडल्स को पूरी तरह Ethanol कंप्लायंट बनाने पर काम कर रही हैं।

फिलहाल, पुरानी कारों के मालिकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने वाहन की स्थिति को समझें और समय-समय पर सर्विसिंग करवाएं, ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके और इंश्योरेंस क्लेम प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए।

इस तरह ICICI Lombard का यह बयान पुराने वाहन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह स्पष्ट करता है कि केवल Ethanol मिश्रित ईंधन के उपयोग से सीधे तौर पर इंश्योरेंस क्लेम प्रभावित नहीं होगा, लेकिन शर्तों का पालन करना आवश्यक रहेगा।

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