प्रौद्योगिकी

इलेक्ट्रिक गाड़ियों का क्रेज चरम पर एक महीने में टूटा बिक्री का रिकॉर्ड

Ratna Netam
7 Aug 2026 9:03 PM IST
इलेक्ट्रिक गाड़ियों का क्रेज चरम पर एक महीने में टूटा बिक्री का रिकॉर्ड
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नई दिल्ली : भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों, पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता, सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं और बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसका ताजा प्रमाण फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा जारी जुलाई 2026 के बिक्री आंकड़ों में देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में देशभर में कुल **3,27,901 इलेक्ट्रिक वाहनों** की बिक्री दर्ज की गई, जो भारत के इतिहास में किसी भी एक महीने में हुई अब तक की सबसे अधिक ईवी बिक्री है। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इसमें **66 प्रतिशत की शानदार वृद्धि** दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस रिकॉर्ड प्रदर्शन में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रहा। जुलाई 2026 के दौरान **2,04,362 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स** की बिक्री हुई, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 1,08,516 यूनिट था। यानी एक वर्ष में बिक्री में **88.32 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी** हुई। यह पहला अवसर है जब किसी एक महीने में दो लाख से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बिके हैं। इसके साथ ही देश के कुल टू-व्हीलर बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर **11.2 प्रतिशत** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम संचालन लागत, आसान रखरखाव और बढ़ती ईंधन कीमतों ने ग्राहकों को ईवी अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में भी उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला। जुलाई 2026 में देशभर में **32,928 इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स** की बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में **83.13 प्रतिशत अधिक** है। लगातार नए मॉडल लॉन्च होने, लंबी ड्राइविंग रेंज और चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार के कारण उपभोक्ताओं का भरोसा इलेक्ट्रिक कारों पर बढ़ा है। कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां इस समय भारतीय बाजार में नई इलेक्ट्रिक एसयूवी और हैचबैक मॉडल पेश कर रही हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा भी तेज हो गई है।
इसी तरह थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा लगातार मजबूत हो रहा है। जुलाई 2026 में **87,055 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स** की बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में **25.3 प्रतिशत अधिक** है। इस श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर **65.1 प्रतिशत** तक पहुंच गई है। ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर कम लागत और बेहतर कमाई के कारण शहरी तथा ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
कमर्शियल वाहन क्षेत्र में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। जुलाई 2026 के दौरान **3,556 इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स** की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में **168.6 प्रतिशत** अधिक है। यह वृद्धि दर्शाती है कि अब लॉजिस्टिक्स कंपनियां, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और फ्लीट ऑपरेटर्स पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों की जगह बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं। इससे परिचालन लागत कम होने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आ रही है।
फाडा के अधिकारियों का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़ रही है। फाडा के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने इस उपलब्धि को भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जुलाई 2026 में जितने इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं, उतने पहले कभी किसी एक महीने में नहीं बिके। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में बिक्री और अधिक हो सकती थी, लेकिन कुछ लोकप्रिय मॉडलों की सीमित उपलब्धता के कारण कई ग्राहकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने वाहन निर्माताओं से आग्रह किया कि आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए उत्पादन और सप्लाई बढ़ाई जाए, ताकि बढ़ती मांग का पूरा लाभ उठाया जा सके। यदि समय पर पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो आने वाले महीनों में बिक्री के नए रिकॉर्ड बनने की संभावना है।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकारों की प्रोत्साहन नीतियां, बैटरी तकनीक में सुधार, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और ईंधन की बढ़ती कीमतें भविष्य में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को मजबूती देंगी। आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक ईवी बाजार के प्रमुख देशों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। जुलाई 2026 के रिकॉर्ड आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि देश तेजी से स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जहां इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं।
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