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Technology टेक्नोलॉजी: आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। पढ़ाई, ऑफिस का काम, ऑनलाइन मीटिंग, बैंकिंग और मनोरंजन जैसे कई काम इंटरनेट पर निर्भर हैं। ऐसे में जब बिजली कट जाती है, तो वाई-फाई राउटर बंद होने से इंटरनेट भी ठप हो जाता है। इस समस्या का एक व्यावहारिक और असरदार समाधान राउटर यूपीएस है, जो पावर कट के दौरान भी इंटरनेट कनेक्शन चालू रखता है।
राउटर यूपीएस एक छोटा पावर बैकअप डिवाइस होता है, जिसे खास तौर पर वाई-फाई राउटर और मॉडेम के लिए डिजाइन किया जाता है। बिजली जाने पर यह यूपीएस अपने अंदर मौजूद बैटरी से राउटर को बिजली सप्लाई करता है, जिससे वाई-फाई बिना रुकावट चलता रहता है। यह उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है, जो वर्क फ्रॉम होम करते हैं या जिनके इलाके में बिजली कटौती आम है।
राउटर यूपीएस खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। सबसे पहले राउटर की पावर रेटिंग देखनी चाहिए। आमतौर पर घरेलू राउटर 9V या 12V पर काम करते हैं और उनकी पावर खपत कम होती है। यूपीएस उसी वोल्टेज और सही आउटपुट सपोर्ट के साथ होना चाहिए, ताकि राउटर सुरक्षित रूप से काम कर सके। गलत वोल्टेज वाला यूपीएस राउटर को नुकसान पहुंचा सकता है।
दूसरी अहम बात बैटरी क्षमता है। यूपीएस की बैटरी जितनी ज्यादा क्षमता वाली होगी, उतना ही लंबा बैकअप मिलेगा। कुछ राउटर यूपीएस 2 से 4 घंटे तक का बैकअप देते हैं, जबकि ज्यादा क्षमता वाले मॉडल 6 से 8 घंटे तक भी इंटरनेट चालू रख सकते हैं। बैकअप समय इस बात पर भी निर्भर करता है कि यूपीएस से केवल राउटर जुड़ा है या उसके साथ ऑप्टिकल नेटवर्क टर्मिनल (ONT) या मॉडेम भी जुड़ा हुआ है।
सुरक्षा के लिहाज से भी राउटर यूपीएस अहम भूमिका निभाता है। यह पावर फ्लक्चुएशन और अचानक बिजली आने-जाने से राउटर को सुरक्षित रखता है। कई यूपीएस में ओवरचार्ज, शॉर्ट सर्किट और ओवरहीट प्रोटेक्शन जैसे फीचर्स दिए जाते हैं, जिससे डिवाइस की उम्र बढ़ती है और खराब होने का खतरा कम होता है।
राउटर यूपीएस का एक फायदा यह भी है कि यह आकार में छोटा और हल्का होता है। इसे आसानी से राउटर के पास रखा जा सकता है और इंस्टॉलेशन के लिए किसी तकनीकी जानकारी की जरूरत नहीं होती। बस यूपीएस को चार्ज करना होता है और राउटर को उससे कनेक्ट करना होता है। बिजली आने पर यूपीएस खुद-ब-खुद चार्ज होने लगता है।
आज बाजार में कई कंपनियों के राउटर यूपीएस उपलब्ध हैं, जो अलग-अलग बैटरी क्षमता और कीमत के साथ आते हैं। यूजर अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सही यूपीएस चुन सकता है। खासतौर पर छात्रों, फ्रीलांसरों, ऑनलाइन क्लास लेने वालों और छोटे ऑफिस के लिए यह डिवाइस काफी फायदेमंद साबित होती है।
कुल मिलाकर, बिजली कटौती के समय इंटरनेट को चालू रखने के लिए राउटर यूपीएस एक भरोसेमंद और आसान समाधान है। सही पावर रेटिंग और पर्याप्त बैटरी क्षमता वाला यूपीएस चुनकर न केवल बेहतर बैकअप पाया जा सकता है, बल्कि राउटर की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। इससे काम में रुकावट नहीं आती और इंटरनेट कनेक्शन लगातार बना रहता है।
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