प्रौद्योगिकी

Electric वाहनों की सुरक्षा पर दुबई CEO का अहम खुलासा

Ratna Netam
3 July 2026 9:59 PM IST
Electric  वाहनों की सुरक्षा पर दुबई CEO का अहम खुलासा
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New Delhi नई दिल्ली : अगर आप अपनी कार या इलेक्ट्रिक व्हीकल से कहीं जा रहे हों और अचानक वह बंद हो जाए या स्मार्टफोन की तरह “हैंग” कर जाए, तो यह स्थिति किसी भी चालक के लिए चिंता का कारण बन सकती है। हाल ही में ई-रिक्शा की बैटरी हैक करने से जुड़े एक मामले ने लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस घटना के बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) उपयोगकर्ताओं में यह आशंका बढ़ने लगी है कि कहीं उनके वाहन या उसकी बैटरी सिस्टम को भी हैक तो नहीं किया जा सकता। तकनीक पर बढ़ती निर्भरता के बीच यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि क्या आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों में कई स्मार्ट सिस्टम और डिजिटल कंट्रोल यूनिट्स का इस्तेमाल होता है, जो उन्हें अधिक सुविधाजनक बनाते हैं। लेकिन इसी वजह से इन वाहनों में सॉफ्टवेयर आधारित कमजोरियों की संभावना भी बनी रहती है, जिसे तकनीकी भाषा में साइबर रिस्क कहा जाता है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि आमतौर पर वाहन निर्माता कंपनियां अपने सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय अपनाती हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनधिकृत पहुंच को रोका जा सके।ई-रिक्शा बैटरी हैकिंग जैसे मामलों ने लोगों को इसलिए भी चिंतित किया है क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। खासकर शहरों में ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारें बड़ी संख्या में उपयोग की जा रही हैं।

तकनीकी जानकारों का कहना है कि फिल्मों और वेब सीरीज में दिखाए जाने वाले हैकिंग के दृश्य वास्तविकता से काफी अलग होते हैं, लेकिन फिर भी डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा पर लगातार काम करना जरूरी है।कुल मिलाकर, यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि जैसे-जैसे वाहन तकनीकी रूप से एडवांस हो रहे हैं, वैसे-वैसे उनकी साइबर सुरक्षा भी उतनी ही मजबूत करनी होगी, ताकि उपयोगकर्ताओं का भरोसा बना रहे और किसी भी तरह की अनचाही तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

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