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घरेलू स्मार्टफोन निर्माताओं ने भारत को Global Electronics Hub के रूप में उभरने में मदद की

Technology प्रौद्योगिकी: भारत का स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम हाल के वर्षों में तेजी से बदल रहा है, जिसमें घरेलू कंपनियों का योगदान लगातार बढ़ रहा है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अब भारत में बनने वाले हर चार स्मार्टफोनों में से एक स्थानीय निर्माता द्वारा बनाया जा रहा है। यह बदलाव घरेलू कंपनियों की बढ़ती काबिलियत और उनके तकनीकी और ऑपरेशनल स्तर पर सुधार का स्पष्ट संकेत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव का बड़ा कारण एक्सपोर्ट में तेज़ी है। जैसे-जैसे ग्लोबल स्मार्टफोन ब्रांड अपनी सप्लाई चेन को पुनर्गठित कर रहे हैं, भारत एक अहम प्रोडक्शन हब के रूप में उभरा है। डिक्सन टेक्नोलॉजीज और अन्य घरेलू फर्मों ने बड़े ग्लोबल ब्रांड्स के लिए डिवाइस असेंबली और प्रोडक्शन में तेजी से भागीदारी शुरू की है। इससे यह साफ है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां असेंबली और उत्पादन के लिए भारतीय साझेदारों पर अधिक निर्भर हो रही हैं।
भारत में बनने वाले स्मार्टफोन का एक बड़ा हिस्सा अब विदेशों में भेजा जाता है। 2025 में ‘मेड इन इंडिया’ स्मार्टफोन की शिपमेंट में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें एक्सपोर्ट में 28 प्रतिशत और घरेलू सेल-इन में 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रमुख योगदान रही। यह विकास सीधे तौर पर बेहतर पॉलिसी, मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी पहल जैसे कि प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम से जुड़ा है। PLI स्कीम ने न केवल ग्लोबल बल्कि घरेलू प्लेयर्स को भी भारत में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निवेश करने के लिए प्रेरित किया है।
लोकल मैन्युफैक्चरर्स का बढ़ता हिस्सा सिर्फ वॉल्यूम बढ़ाने तक सीमित नहीं है। वे तकनीकी क्षमताओं में सुधार और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में उन्नति कर रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि भारत अब सिर्फ एक कंजम्प्शन मार्केट नहीं बल्कि स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट का एक महत्वपूर्ण हब बन गया है।
इसके अलावा, यह बदलाव भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम में एक स्ट्रक्चरल बदलाव का संकेत भी देता है। ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की स्थिति मजबूत हुई है, जिससे देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। भारत में बन रहे स्मार्टफोन अब वैश्विक मार्केट में उच्च गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस प्रकार, घरेलू कंपनियों की बढ़ती भागीदारी, सरकारी नीतियों का समर्थन और ग्लोबल ब्रांड्स की सहयोगी भूमिका ने भारत को स्मार्टफोन निर्माण में एक मजबूत और स्थायी केंद्र के रूप में स्थापित किया है। आने वाले वर्षों में यह प्रवृत्ति और तेज़ होगी, जिससे भारत का मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर दोनों में विकास बढ़ेगा।





