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आयुर्वेद और होम्योपैथी का अंतर जाने क्या BAMS डॉक्टर कर सकते है सर्जरी

Ashish verma
22 Aug 2026 10:36 AM IST
आयुर्वेद और होम्योपैथी का अंतर जाने क्या BAMS डॉक्टर कर सकते है सर्जरी
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नई दिल्ली। देश में इलाज की कई पद्धतियां प्रचलित हैं, जिनमें आयुर्वेद, होम्योपैथी और एलोपैथी प्रमुख हैं। बदलते समय के साथ लोग प्राकृतिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की ओर भी तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि, कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आयुर्वेद और होम्योपैथी में क्या अंतर है और क्या आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले BAMS डॉक्टर सर्जरी कर सकते हैं? इन सवालों को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है।

आयुर्वेद क्या है?

आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिसका आधार शरीर में वात, पित्त और कफ जैसे दोषों के संतुलन पर आधारित है। इसमें जड़ी-बूटियों, औषधियों, पंचकर्म, योग और जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से रोगों के इलाज पर जोर दिया जाता है।

आयुर्वेद में डॉक्टर बनने के लिए BAMS यानी बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी की डिग्री करनी होती है। यह एक मान्यता प्राप्त चिकित्सा शिक्षा प्रणाली है, जिसमें शरीर विज्ञान, औषधि विज्ञान के साथ-साथ सर्जरी से जुड़े विषयों की भी पढ़ाई कराई जाती है।

होम्योपैथी क्या है?

होम्योपैथी एक अलग चिकित्सा पद्धति है, जिसकी शुरुआत जर्मनी के डॉक्टर सैमुअल हैनिमैन ने की थी। इसमें मरीज के लक्षणों के आधार पर बेहद कम मात्रा में दवाएं दी जाती हैं। होम्योपैथी में यह सिद्धांत माना जाता है कि जिस पदार्थ से किसी स्वस्थ व्यक्ति में बीमारी जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं, उसी पदार्थ की कम मात्रा बीमारी के इलाज में मदद कर सकती है।

होम्योपैथी में डॉक्टर बनने के लिए BHMS यानी बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी की डिग्री करनी होती है। हालांकि, BHMS डॉक्टरों की चिकित्सा प्रणाली और कार्यक्षेत्र आयुर्वेदिक डॉक्टरों से अलग होता है।

BAMS डॉक्टर क्या सर्जरी कर सकते हैं?

BAMS डॉक्टरों को सर्जरी की शिक्षा दी जाती है। आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा में शल्य चिकित्सा यानी सर्जरी एक महत्वपूर्ण विषय है। केंद्र सरकार की ओर से आयुर्वेदिक डॉक्टरों को कुछ विशेष प्रकार की सर्जिकल प्रक्रियाओं की अनुमति दी गई है।

आयुर्वेद में शल्य और शालाक्य तंत्र के अंतर्गत सर्जरी से जुड़े विषय पढ़ाए जाते हैं। इनमें सामान्य प्रक्रियाएं, छोटी सर्जरी और कुछ विशेष उपचार शामिल होते हैं। हालांकि, हर प्रकार की बड़ी सर्जरी करने का अधिकार सभी BAMS डॉक्टरों को नहीं होता। इसके लिए संबंधित नियमों, प्रशिक्षण और राज्य के चिकित्सा कानूनों का पालन करना जरूरी होता है।

एलोपैथी और आयुर्वेदिक सर्जरी में अंतर

एलोपैथी यानी आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में MBBS और MS/MD जैसे विशेषज्ञ डॉक्टर बड़ी और जटिल सर्जरी करते हैं। वहीं आयुर्वेदिक डॉक्टरों का सर्जिकल क्षेत्र उनके प्रशिक्षण और सरकार द्वारा निर्धारित नियमों तक सीमित होता है।

जटिल ऑपरेशन जैसे हृदय, मस्तिष्क, कैंसर या बड़े अंगों से जुड़ी सर्जरी आमतौर पर विशेषज्ञ एलोपैथिक सर्जनों द्वारा की जाती है।

लोगों को क्यों होता है भ्रम?

कई बार BAMS डिग्री के नाम में "सर्जरी" शब्द होने के कारण लोगों को लगता है कि आयुर्वेदिक डॉक्टर हर तरह की सर्जरी कर सकते हैं। जबकि वास्तव में किसी भी डॉक्टर का अधिकार उसके प्रशिक्षण, विशेषज्ञता और सरकारी नियमों पर निर्भर करता है।

इसी तरह BHMS डिग्री के नाम में भी "मेडिसिन एंड सर्जरी" शब्द होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि होम्योपैथी डॉक्टर सभी प्रकार की सर्जरी कर सकते हैं।

मरीजों के लिए जरूरी सलाह

किसी भी बीमारी या ऑपरेशन से पहले मरीजों को डॉक्टर की योग्यता, विशेषज्ञता और अनुभव की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। छोटी समस्या के लिए आयुर्वेद या होम्योपैथी उपयोगी हो सकती है, लेकिन गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह लेना जरूरी है।

आयुर्वेद, होम्योपैथी और एलोपैथी तीनों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं। सही इलाज के लिए बीमारी की स्थिति के अनुसार उचित चिकित्सा पद्धति और योग्य डॉक्टर का चयन करना सबसे महत्वपूर्ण है।

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