प्रौद्योगिकी

एयरटेल ने OTP फ्रॉड रोकने के लिए लॉन्च किया नया AI-फ्रॉड अलर्ट सिस्टम

Harrison
11 Feb 2026 9:40 PM IST
एयरटेल ने OTP फ्रॉड रोकने के लिए लॉन्च किया नया AI-फ्रॉड अलर्ट सिस्टम
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Technology टेक्नोलॉजी: भारत के दूसरे सबसे बड़े टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर एयरटेल ने बुधवार को एक नया AI-इनेबल्ड फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य बैंक से जुड़े OTP (वन-टाइम पासवर्ड) स्कैम को रोकना है। डिजिटल फ्रॉड और स्कैम के मामलों में हाल के समय में बढ़ोतरी के बीच यह कदम यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है।
एयरटेल ने बताया कि नया फ्रॉड अलर्ट सिस्टम AI तकनीक का इस्तेमाल करता है और संभावित रूप से जोखिम भरी स्थितियों की पहचान करके यूजर्स को चेतावनी देगा। सिस्टम सब्सक्राइबर्स को OTP स्कैम के बारे में अलर्ट भेजेगा, जिससे उन्हें अपने बैंक अकाउंट और डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
कंपनी के अनुसार, यह फीचर पहले हरियाणा में लाइव किया गया है, और अगले दो हफ्तों में पूरे देश में एयरटेल यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। एयरटेल के इस कदम का मकसद डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित बनाना और यूजर्स को संभावित फ्रॉड से बचाना है।
एयरटेल ने यह प्रणाली पहले कॉल और SMS के लिए AI स्पैम डिटेक्शन सॉल्यूशन के तौर पर पेश किया था। सितंबर 2024 में कंपनी ने इस सिस्टम को शुरू किया था, और मई 2025 में इसे ईमेल और
WhatsApp फ्रॉड डिटेक्शन फीचर के
साथ अपडेट किया गया। अब नया फ्रॉड अलर्ट AI के जरिए OTP-संबंधित बैंक स्कैम को रोकने पर केंद्रित है।
हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामलों में भारतीयों को हुए नुकसान का जिक्र करते हुए बताया कि लगभग 54,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए, एयरटेल ने अपनी AI तकनीक का इस्तेमाल करते हुए यूजर्स को सुरक्षित रखने का नया उपाय पेश किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, OTP स्कैम में आम तौर पर उपयोगकर्ताओं के मोबाइल नंबर और बैंकिंग जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जाता है। धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति OTP के जरिए सीधे बैंक अकाउंट में पहुँचने की कोशिश करते हैं। एयरटेल का नया AI-फ्रॉड अलर्ट सिस्टम ऐसे जोखिम भरे इनकमिंग कॉल और मैसेज को पहचानने में सक्षम है और यूजर्स को समय पर चेतावनी भेजता है।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि AI-आधारित सिस्टम संभावित स्कैम की पहचान करने के लिए पैटर्न और डेटा का विश्लेषण करता है। इसके जरिए यह पता लगाया जाता है कि कौन से इनकमिंग कॉल या मैसेज में फ्रॉड होने की संभावना है। यदि सिस्टम जोखिम भरी स्थिति को पहचानता है, तो तुरंत यूजर को अलर्ट भेज दिया जाता है।
एयरटेल का यह कदम डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए अहम है। वर्तमान में डिजिटल ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन बैंकिंग का बढ़ता प्रयोग फ्रॉड और स्कैम के मामलों को बढ़ा रहा है। ऐसे में AI तकनीक का इस्तेमाल करके समय रहते यूजर्स को चेतावनी देना उनके पैसे और व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।
कंपनी का कहना है कि नया सिस्टम उपयोग में आसान और तेज़ है। यूजर्स को किसी अतिरिक्त ऐप या सेटिंग की आवश्यकता नहीं होगी। अलर्ट सीधे उनके मोबाइल नंबर पर आएगा, और यूजर्स को फ्रॉड से बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने का मौका मिलेगा।
इस प्रकार, एयरटेल का नया AI-फ्रॉड अलर्ट सिस्टम न केवल OTP-फ्रॉड को रोकने में मदद करेगा, बल्कि डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के प्रभावी उपयोग का उदाहरण भी पेश करेगा। यह पहल लाखों यूजर्स के लिए उनकी वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने और ऑनलाइन लेनदेन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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