प्रौद्योगिकी

Apple में नए युग की शुरुआत: टिम कुक की जगह जॉन टर्नस बने CEO

Tara Tandi
1 Sept 2026 11:37 AM IST
Apple में नए युग की शुरुआत: टिम कुक की जगह जॉन टर्नस बने CEO
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नई दिल्ली: अमेरिका की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी Apple ने मंगलवार को लीडरशिप के एक नए दौर की शुरुआत की। जॉन टर्नस ने CEO के तौर पर जिम्मेदारी संभाली और टिम कुक की जगह ली, जिन्होंने 15 साल तक दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक्नोलॉजी कंपनी का नेतृत्व किया।
टर्नस 1 सितंबर से Apple के CEO बन गए हैं। इसके साथ ही कुक का कार्यकाल खत्म हो गया, जो अगस्त 2011 में को-फाउंडर स्टीव जॉब्स के जाने के बाद शुरू हुआ था।
कुक अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नई भूमिका में आ गए हैं, जहां वे दुनिया भर के पॉलिसी बनाने वालों के साथ जुड़ने और कंपनी के कुछ खास मामलों में मदद करने पर ध्यान देंगे।
इसके अलावा, टर्नस Apple के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल हो गए हैं।
टर्नस 2001 में Apple की प्रोडक्ट डिजाइन टीम में शामिल हुए थे और 2021 में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बने। उन्होंने Apple के सभी प्रोडक्ट्स के लिए हार्डवेयर इंजीनियरिंग का काम संभाला और iPad, AirPods और iPhone व Mac के कई वर्जन्स को बनाने में अहम भूमिका निभाई।
साथ ही, उनकी टीम ने हाल ही में बहुत पतला iPhone Air और नया MacBook Neo लॉन्च किया।
अप्रैल में इस बदलाव की घोषणा करते हुए कुक ने कहा था, "Apple का CEO होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है।" उन्होंने टर्नस के बारे में कहा कि उनमें एक इंजीनियर का दिमाग, एक इनोवेटर की आत्मा और ईमानदारी से नेतृत्व करने का जज्बा है।"
इसके अलावा, जब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली थी, तब कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग $350 बिलियन था, जो अब बढ़कर लगभग $4 ट्रिलियन हो गया है। वहीं, सालाना रेवेन्यू 2011 में लगभग $108 बिलियन से बढ़कर $400 बिलियन से ज़्यादा हो गया है।
इसके अलावा, कुक के नेतृत्व में Apple का सर्विस बिजनेस भी ग्रोथ का एक बड़ा जरिया बनकर उभरा है। App Store, Apple Music और Apple Pay जैसी सर्विस से कंपनी सालाना $100 बिलियन से ज़्यादा कमा रही है।
टर्नस को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है जब Apple के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती बनकर उभरा है।
इसलिए, टर्नस के सामने Apple की AI स्ट्रैटेजी को तेज करने के साथ-साथ कंपनी के इकोसिस्टम-आधारित बिजनेस मॉडल और उसके विशाल कस्टमर बेस को बनाए रखने की चुनौती होगी।
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