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नई दिल्ली: एक इंडस्ट्री बॉडी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार का वह नोटिफिकेशन, जिसके तहत स्मार्टफोन के लिए स्क्रीन प्रोटेक्टर को 'कंपलसरी रजिस्ट्रेशन ऑर्डर' (CRO) के दायरे में लाया गया है, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को काफी बढ़ावा देगा।
इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने इस बदलाव का स्वागत किया है। इसके तहत 1 अप्रैल 2027 से स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर को IS 19348:2025 'ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर - स्पेसिफिकेशन' के दायरे में लाया जाएगा।
भारत में बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर - चाहे वे इम्पोर्ट किए गए हों या भारत में बने हों - के लिए 1 अप्रैल 2027 से BIS रजिस्ट्रेशन ज़रूरी होगा। ग्राहकों को यह भरोसा होगा कि वे जो प्रोडक्ट खरीद रहे हैं, वह तय भारतीय स्टैंडर्ड के मुताबिक है और सिर्फ मार्केटिंग के दम पर बेचा जा रहा कोई घटिया प्रोडक्ट नहीं है।
इस स्टैंडर्ड को अनिवार्य बनाकर भारत घरेलू बिक्री और एक्सपोर्ट के लिए 12,000 से 16,000 करोड़ रुपये की क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री तैयार करेगा और इससे अनुमानित 2,000 करोड़ रुपये का GST रेवेन्यू भी मिलेगा।
इस बदलाव से लगभग 60,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां भी पैदा होंगी और भारत क्वालिटी स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित होगा।
डेडलाइन तक के छह महीने घरेलू मैन्युफैक्चरर्स को प्रोडक्शन लाइनें लगाने, स्टैंडर्ड के हिसाब से अपनी प्रोसेस को क्वालिफाई करने और नियम लागू होने से पहले BIS रजिस्ट्रेशन हासिल करने का समय देंगे।
इंडस्ट्री बॉडी ने कहा कि अनिवार्य क्वालिटी कंट्रोल न होने की वजह से स्क्रीन प्रोटेक्टर मार्केट में गड़बड़ियां आ गई थीं। घटिया क्वालिटी के आइटम को सही तरीके से टेम्परिंग किए बिना ही "टेम्पर्ड ग्लास" बताकर बेचा जा रहा था।
स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमतें 50 रुपये से लेकर 2,500 रुपये तक होती हैं, जिनका असल क्वालिटी से कोई लेना-देना नहीं होता, जबकि अंडर-इनवॉइसिंग और गलत जानकारी देने जैसी गलत व्यापारिक प्रथाएं बड़े पैमाने पर चल रही हैं। इस वजह से GST रेवेन्यू और नौकरियों के मौकों के मामले में सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान हुआ है।
इंडस्ट्री चैंबर का अनुमान है कि भारत में हर साल लगभग 50 करोड़ स्क्रीन प्रोटेक्टर की खपत होती है, जिनमें से 90 प्रतिशत से ज़्यादा अभी इम्पोर्ट किए जाते हैं। बयान में कहा गया है कि अनिवार्य क्वालिटी सिस्टम इस व्यापार को फॉर्मल इकॉनमी में लाएगा और नियमों का पालन करने वाले मैन्युफैक्चरर्स के लिए समान अवसर पैदा करेगा।
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