प्रौद्योगिकी

2030 तक हर गांव तक फैलेगा 5G एवं FIBER NETWORK, रोडमैप हुआ तैयार

Ashish verma
19 May 2025 11:42 AM IST
2030 तक हर गांव तक फैलेगा 5G एवं FIBER NETWORK,  रोडमैप हुआ तैयार
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10 लाख नौकरियों का मौका

Technology प्रौद्योगिकी: सरकार ने देश के हर कोने में बेहतर कनेक्टिविटी और फाइबर नेटवर्क की सुविधा मुहैया कराने के लिए बड़ी योजना तैयार की है। इससे टेलीकॉम सेक्टर में क्रांति आने की उम्मीद है। सरकार की राष्ट्रीय दूरसंचार नीति (NTP) 2025 योजना के तहत 2030 तक टेलीकॉम उत्पादों के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही देशभर में 5G नेटवर्क और फाइबर कनेक्शन भी तैयार किया जाएगा। इससे टेलीकॉम इंडस्ट्री में 10 लाख नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे।

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी का कहना है कि NTP 2025 को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा, जिसमें 2030 तक के लक्ष्य शामिल होंगे। टेलीकॉम जगत की तरक्की से नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे। नई नौकरियां मुख्य रूप से 5G, 6G, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, बिग डेटा और क्वांटम कम्युनिकेशंस जैसे क्षेत्रों में होंगी। सरकार सैटेलाइट और स्थलीय नेटवर्क को एकीकृत करने के लिए एक ढांचा तैयार करेगी ताकि दूरसंचार सेवाएं देश के हर कोने तक पहुंच सकें। इसके लिए संचार मंत्रालय सभी हितधारकों के साथ मिलकर इस नीति को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है।
90% आबादी के लिए 5G कवरेज
ET की रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार नीति का लक्ष्य 2030 तक पूरे देश में 4G कवरेज और 90% आबादी के लिए 5G कवरेज है। भारतनेट के तहत सभी ग्राम पंचायतों को फाइबर से जोड़ने और गांव स्तर पर सभी सरकारी संस्थानों को फाइबर कनेक्टिविटी प्रदान करने की योजना है। एक अन्य अधिकारी के अनुसार, देश में फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड नेटवर्क को 4.5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ घरों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, 2030 तक देशभर में 10 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाने की योजना है।
सैटेलाइट सिस्टम की भूमिका
सैटेलाइट सिस्टम, खास तौर पर नॉन-जियो स्टेशनरी ऑर्बिट (NGSO) प्लेयर्स जैसे स्टारलिंक, अमेजन कुइपर, यूटेलसैट वनवेब और जियो-एसईएस, आने वाले सालों में मुख्यधारा में शामिल हो जाएंगे। सरकार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन का इस्तेमाल करेगी। दूरसंचार विभाग (DoT) ने यूटेलसैट वनवेब और जियो-एसईएस को सैटकॉम परमिट दिए हैं, जबकि स्टारलिंक को लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी किया गया है।
इन लक्ष्यों पर भी फोकस
अधिकारियों के मुताबिक, नई नीति का लक्ष्य भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) क्षेत्र का योगदान 7.8% से बढ़ाकर 11% करना है। साथ ही, दूरसंचार बुनियादी ढांचे में हर साल 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने की योजना है। सरकार दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है और इसके लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 31 मार्च, 2025 तक उद्योग ने पीएलआई योजना के तहत कुल 80,927 करोड़ रुपये की बिक्री हासिल की है, जिसमें से 14,915 करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है।


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