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प्रौद्योगिकी
भारत में 1GB डेटा सिर्फ ₹8 का: मस्क के आरोपों पर सिंधिया का पलटवार
Tara Tandi
9 Oct 2026 7:48 PM IST

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नई दिल्ली: भारत में दुनिया भर में सबसे ज्यादा सस्ते दामों पर इंटरनेट प्रदान किया जाता है, जिसमें प्रति 1GB डाटा की कीमत सिर्फ ₹8 है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने IMC 2026 के इवेंट के दौरान कहा कि भारत 6G के मामले में दुनिया का नेतृत्व करेगा। एलन मस्क ने एक्स पर दावा किया कि भारत में Starlink को आने से रोका जा रहा है, राहुल गांधी भी उनके साथ इस मुद्दे पर एक्स पर बात करने लगे। जब सिंधिया से इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि तीन पार्टी हैं, जिनके पास इसका लाइसेंस है।
केंद्रीय मंत्री ने IMC 2026 के दौरान कहा कि भारत में डाटा की कीमत में काफी कम आई और इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी तक एक्सेस बढ़ा है। कीमत में जितनी कमी हुई तो इस्तेमाल करने वालों का उतना दायरा बढ़ा। ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर बेस अब 6 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ हो गया है। अब देश में 5जी यूजर्स की संख्या बढ़कर 55 करोड़ हो गई है और इसे अपनाने में भारत में दुनिया में सबसे तेज रहा है। सरकार इसे 2030 तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
एलन मस्क और राहुल गांधी
एलन मस्क ने X पर दावा किया कि कुछ उद्योगपति Starlink को भारत आने से रोक रहे हैं, जिससे भारत में लोगों पर उनका ही एकाधिकार रहे। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वो लोग कौन हैं। और यह भारत के लोगों के प्रति एक अपराध है।
मस्क ने दूसरे ट्वीट में कहा कि Starlink को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल गया है। वहीं भारत में सरकार के सभी नियमों और जरूरतों को पूरा करने में 5 साल बिता दिए, लेकिन फिर भी लाइसेंस क्यों नहीं मिला? क्या अंबानी भारत का असली बॉस है?
सिंधिया ने क्या कहा
राहुल गांधी और एलन मस्क के X पर हुए सवाल जवाब पर सिंधिया ने कहा कि मैंने पहले ही सरकार का रुख और सरकार की पॉलिसी साफ कर दी है। मैंने बताया था कि तीन पार्टियां हैं, जिनके पास लाइसेंस है। कोई एक सिंगल पार्टी नहीं है। और जहां तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है तो मुझे नहीं लगता है कि उन्हें खुद पता कि उन्हें किस तरफ जाना है, सीधी साइड या उल्टी साइड। पहले उन्हें दिक्कत थी कि किसी खास व्यक्ति को लाइसेंस मिल रहा है। अब उन्हें इस बात से दिक्कत है कि उस व्यक्ति को लाइसेंस क्यों नहीं मिल रहा है और उसके साथ मिल गए। मुझे नहीं मालूम कि उन्हें साफ पता है कि उन्हें किधर जाना है। मगर कांग्रेस के साथ ऐसी दिक्कत है और उनसे यही उम्मीद है। हमारा स्टैंड पर पूरी तरह साफ है। तीन पार्टियों को लाइसेंस मिला है। जब सरकार रेवेन्यू के आधार चार्ज सिस्टम तय करेगी तो उन्हें स्पेक्ट्रम अलॉट किए जाएंगे। सभी अपने स्तर पर अलग-अलग सिक्योरिटी की कंडीशन को पूरा कर लेंगे तो उसके बाद वो अपना काम शुरू कर सकते हैं।
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