पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र को हुए नुकसान की भरपाई के लिए विकसित देशों को जितना खर्च करना है, उतना वे खर्च नहीं कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारियों से भी बच रहे हैं।