
न्यूयॉर्क। दुनिया के नंबर-2 टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने US Open 2026 में अपने अभियान की शुरुआत रोमांचक जीत के साथ की है। जर्मनी के स्टार खिलाड़ी ने पहले दौर में इटली के लोरेंजो सोनेगो को पांच सेट तक चले कड़े मुकाबले में 6-4, 3-6, 6-7(7-9), 7-5, 6-4 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। शुरुआती दौर में ही कड़ी चुनौती मिलने के बावजूद ज्वेरेव ने दबाव में संयम बनाए रखा और निर्णायक सेट अपने नाम करते हुए टूर्नामेंट में आगे बढ़े।
इस साल फ्रेंच ओपन में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले ज्वेरेव अब न्यूयॉर्क में भी उसी सफलता को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं। पहले ग्रैंड स्लैम ने जहां उनके करियर के एक बड़े इंतजार को खत्म किया, वहीं अब उनकी नजर एक और बड़े खिताब पर है।
पांच सेट तक चला रोमांचक मुकाबला
पहले दौर में ज्वेरेव और सोनेगो के बीच मुकाबला आसान नहीं रहा। ज्वेरेव ने पहला सेट 6-4 से जीतकर शानदार शुरुआत की, लेकिन दूसरे सेट में सोनेगो ने जोरदार वापसी की और इसे 6-3 से अपने नाम कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।
तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। सेट टाईब्रेक तक पहुंचा, जहां सोनेगो ने 9-7 से बाजी मारते हुए मैच में बढ़त हासिल कर ली। इस स्थिति में ज्वेरेव पर टूर्नामेंट के पहले ही दौर से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा था।
चौथे सेट में जर्मन खिलाड़ी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल किया। सोनेगो ने उन्हें लगातार चुनौती दी, लेकिन ज्वेरेव ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर खेल दिखाते हुए सेट 7-5 से जीत लिया। इसके साथ ही मुकाबला निर्णायक पांचवें सेट में पहुंच गया।
आखिरी सेट में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। ज्वेरेव ने आखिरकार 6-4 से सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम किया और दूसरे दौर का टिकट हासिल कर लिया।
पहला ग्रैंड स्लैम जीतने के बाद बढ़ी खिताब की भूख
JioStar के साथ बातचीत में ज्वेरेव ने अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब और उसके बाद बदली मानसिकता के बारे में बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि लंबे समय तक ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाने का दबाव उनके कंधों पर था।
ज्वेरेव ने कहा कि उम्र को देखते हुए उनके मन में यह सवाल भी था कि क्या वह कभी ग्रैंड स्लैम जीत पाएंगे। फ्रेंच ओपन में आखिरकार यह उपलब्धि हासिल करने के बाद उन्हें बड़ी राहत और खुशी मिली।
लेकिन इस जीत ने उनकी खिताब की भूख कम करने के बजाय और बढ़ा दी है। ज्वेरेव का कहना है कि एक बार जब खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम जीत लेता है तो वह और ज्यादा सफलता हासिल करना चाहता है।
उन्होंने कहा, "मैं आखिरकार अपनी पहली ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी जीतकर बहुत खुश था, लेकिन एक बार जब आप ऐसा कर लेते हैं, तो आप और ज्यादा चाहते हैं।"
न्यूयॉर्क में भी खिताब पर नजर
US Open 2026 में ज्वेरेव का लक्ष्य केवल शुरुआती दौर पार करना नहीं है। वह टूर्नामेंट में खिताब के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं और फ्रेंच ओपन की सफलता को न्यूयॉर्क में आगे बढ़ाना चाहते हैं।
पहले दौर का मुकाबला उनके लिए मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से बड़ी परीक्षा साबित हुआ। पांच सेट तक चले मैच में पिछड़ने के बाद वापसी करना यह दिखाता है कि ज्वेरेव मुश्किल परिस्थितियों में भी मुकाबले को पलटने की क्षमता रखते हैं।
ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में लंबी दूरी तय करने के लिए खिलाड़ियों को लगातार सात मुकाबले जीतने होते हैं। ऐसे में शुरुआती दौर में पांच सेट का मुकाबला खेलना थकान बढ़ा सकता है। ज्वेरेव के लिए अब अगले दौर से पहले रिकवरी भी महत्वपूर्ण होगी।
करियर में दबाव का सामना करते रहे ज्वेरेव
ज्वेरेव लंबे समय से पुरुष टेनिस के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। बड़े टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद ग्रैंड स्लैम खिताब लंबे समय तक उनसे दूर रहा। यही वजह थी कि हर बड़े टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन के साथ यह सवाल भी जुड़ा रहता था कि वह अपना पहला मेजर खिताब कब जीतेंगे।
फ्रेंच ओपन 2026 की सफलता ने इस सवाल को खत्म कर दिया। ज्वेरेव के मुताबिक पहला ग्रैंड स्लैम जीतने से उनके कंधों पर मौजूद दबाव कम हुआ है, लेकिन इससे आगे जीतने की इच्छा और मजबूत हुई है।
उनका लक्ष्य अब लगातार अच्छा टेनिस खेलते हुए आने वाले बड़े खिताबों के लिए दावेदारी पेश करना है।
सोनेगो ने दी कड़ी चुनौती
भले ही मुकाबला ज्वेरेव के नाम रहा, लेकिन लोरेंजो सोनेगो ने दुनिया के नंबर-2 खिलाड़ी को आसान जीत नहीं मिलने दी। दूसरा और तीसरा सेट जीतकर उन्होंने ज्वेरेव को मुश्किल स्थिति में पहुंचा दिया था।
खासकर तीसरे सेट का टाईब्रेक मुकाबले का अहम हिस्सा रहा। सोनेगो ने दबाव के बावजूद इसे 9-7 से जीतकर मैच में बढ़त बनाई। हालांकि चौथे और पांचवें सेट में ज्वेरेव ने वापसी करते हुए अपनी रैंकिंग और अनुभव के अनुरूप प्रदर्शन किया।
दूसरे ग्रैंड स्लैम की तलाश
फ्रेंच ओपन की ट्रॉफी जीतने के बाद अब ज्वेरेव के सामने अपने ग्रैंड स्लैम खिताबों की संख्या बढ़ाने का मौका है। US Open में पहले दौर की कठिन परीक्षा पार करने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ सकता है, लेकिन आगे की राह आसान नहीं रहने वाली।
ज्वेरेव ने भी स्पष्ट कर दिया है कि पहला ग्रैंड स्लैम जीतना उनके लिए मंजिल नहीं है। वह लगातार आगे बढ़ना और बड़े खिताबों के लिए चुनौती पेश करना चाहते हैं। न्यूयॉर्क में पांच सेट की रोमांचक जीत के साथ शुरुआत करने के बाद अब सभी की निगाह इस बात पर होगी कि क्या जर्मन स्टार US Open 2026 में अपने शानदार अभियान को खिताब तक पहुंचा पाते हैं।





