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नई दिल्ली। भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शुक्रवार को फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कहते हुए चहल ने स्वीकार किया कि भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का उनका सपना अब पूरा नहीं हो सकता। हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनका क्रिकेट करियर अभी खत्म नहीं हुआ है और वह वनडे तथा T20I में भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद बनाए हुए हैं।
चहल ने अपने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के सफर को याद करते हुए भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और इससे जुड़ी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी। उन्होंने लॉर्ड्स में खेले गए अपने आखिरी फर्स्ट-क्लास मुकाबले का भी जिक्र किया और इसे अपने क्रिकेट करियर के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत बताया।
भारतीय क्रिकेट में अपनी लेग स्पिन के लिए पहचान बनाने वाले चहल को कभी टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला। लंबे समय तक सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय टीम का हिस्सा रहने के बावजूद वह टेस्ट टीम में जगह नहीं बना सके। अब फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास के साथ उनके टेस्ट क्रिकेट खेलने की संभावना भी समाप्त हो गई है।
चहल ने माना कि टेस्ट क्रिकेट खेलना उनका सपना था। वह रेड-बॉल क्रिकेट के जरिए इस लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहते थे, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यह सपना पूरा नहीं हो पाएगा। इसी कारण उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से अपने सफर को समाप्त करने का फैसला किया।
हालांकि चहल ने यह भी स्पष्ट किया कि फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास का मतलब उनके पूरे क्रिकेट करियर का अंत नहीं है। वह सीमित ओवरों के प्रारूप में खेलना जारी रखना चाहते हैं। खासकर वनडे और T20I में वह एक बार फिर भारतीय टीम की जर्सी पहनने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
चहल का कहना है कि उनका खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। वह आगे भी मैदान पर अपनी गेंदबाजी का प्रदर्शन करना चाहते हैं और भारतीय टीम में वापसी के अवसर का इंतजार करेंगे। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर चल रहे चहल के लिए अब मुख्य लक्ष्य सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी जगह दोबारा हासिल करना होगा।
युजवेंद्र चहल ने भारत के लिए 72 वनडे मुकाबले खेले हैं। इसके अलावा उन्होंने 80 T20 इंटरनेशनल मैचों में भी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह लंबे समय तक भारत के प्रमुख स्पिन गेंदबाजों में शामिल रहे।
लेग स्पिन के साथ बल्लेबाजों को अपनी विविधताओं में फंसाने की क्षमता ने चहल को सीमित ओवरों के क्रिकेट में अलग पहचान दिलाई। वनडे और T20I में उन्होंने भारत के लिए कई मुकाबले खेले, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मौका नहीं मिला।
चहल ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। यह T20I मुकाबला था। इसके बाद से वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है।
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करते समय चहल ने अपने रेड-बॉल सफर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रारूप ने उन्हें कई ऐसी यादें दी हैं जिन्हें वह हमेशा अपने साथ रखेंगे। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में बिताए समय को उन्होंने अपने करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
लॉर्ड्स में खेला गया उनका आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच अब उनके रेड-बॉल करियर की अंतिम याद के रूप में दर्ज हो गया है। चहल ने इस मुकाबले का जिक्र करते हुए कहा कि इसके साथ उनके करियर का एक अहम अध्याय समाप्त हुआ है। उनके लिए यह फैसला भावनात्मक भी रहा क्योंकि टेस्ट क्रिकेट खेलने की उनकी इच्छा लंबे समय से बनी हुई थी।
चहल के संन्यास का फैसला केवल फर्स्ट-क्लास क्रिकेट तक सीमित है। उन्होंने वनडे और T20 क्रिकेट से संन्यास की घोषणा नहीं की है। ऐसे में वह सीमित ओवरों के मुकाबलों में खेलते हुए अपने प्रदर्शन के जरिए भारतीय टीम में वापसी की कोशिश जारी रखेंगे।
भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल पाने का मलाल उनके बयान में साफ दिखाई दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि टेस्ट जर्सी पहनने का सपना अब हकीकत में बदलना संभव नहीं लगता। इसी के साथ उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट से आगे बढ़ने का फैसला किया है।
चहल का अंतरराष्ट्रीय करियर मुख्य रूप से सफेद गेंद के क्रिकेट के इर्द-गिर्द रहा है। वनडे में 72 और T20I में 80 मैचों का अनुभव रखने वाले चहल अब इसी अनुभव के सहारे सीमित ओवरों में अपनी वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
भारतीय टीम में वापसी के लिए उन्हें एक बार फिर अपने प्रदर्शन के जरिए चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करना होगा। चहल ने अपनी ओर से स्पष्ट कर दिया है कि वह अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कहने के लिए तैयार नहीं हैं। वनडे और T20I में खेलने की उनकी इच्छा बरकरार है।
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट को छोड़ने के फैसले के साथ चहल के करियर का एक अध्याय जरूर समाप्त हो गया है, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका सफर जारी रहेगा। उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट से मिली यादों के लिए आभार जताते हुए आगे बढ़ने का फैसला किया है।
अगस्त 2023 के बाद से भारतीय टीम से बाहर चल रहे चहल के सामने अब वनडे और T20I में वापसी की चुनौती है। उन्होंने अपने बयान से यह स्पष्ट कर दिया कि वह एक और मौका मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं और भारतीय टीम के लिए फिर से मैदान पर उतरना चाहते हैं।
युजवेंद्र चहल के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना भले ही अधूरा रह गया हो, लेकिन उन्होंने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से उम्मीद नहीं छोड़ी है। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास के बाद अब उनका पूरा ध्यान सीमित ओवरों के क्रिकेट पर रहेगा, जहां वह भारत के लिए दोबारा खेलने का मौका हासिल करने की कोशिश करेंगे।
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