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10 साल की ‘शार्प शूटर’ नायरा ने देशभर में मनवाया लोहा
नई दिल्ली: भारत की युवा निशानेबाज नायरा शर्मा ने महज 10 साल की उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर इतिहास रच दिया है। दिल्ली की 10 साल और तीन महीने की नायरा ने नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। इसके साथ ही वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की सबसे कम उम्र की निशानेबाज बन गई हैं। नायरा ने हाल ही में भोपाल में आयोजित ऑल इंडिया इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में 400 में से 363 अंक हासिल किए। इसी शानदार स्कोर के दम पर उन्होंने नेशनल चैंपियनशिप का टिकट हासिल किया।
तीसरे टूर्नामेंट में ही बड़ा कमाल
नायरा की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने प्रतिस्पर्धी निशानेबाजी की दुनिया में कुछ महीने पहले ही कदम रखा है। जून 2026 में उन्होंने दिल्ली स्टेट चैंपियनशिप के जरिए अपने प्रतिस्पर्धी करियर की शुरुआत की थी।
इसके बाद जुलाई में देहरादून में आयोजित इंडिया ओपन में हिस्सा लिया। भोपाल में आयोजित प्रतियोगिता उनके करियर का महज तीसरा बड़ा टूर्नामेंट था और इसी में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई कर लिया। नायरा फिलहाल दिल्ली की TOPGUN Shooting Academy में प्रशिक्षण ले रही हैं। यहां वह लगातार अपनी तकनीक, एकाग्रता और निशानेबाजी की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए अभ्यास कर रही हैं।
पिता ने बेटी की उपलब्धि पर जताया गर्व
नायरा की इस उपलब्धि से उनका परिवार बेहद खुश है। उनके पिता प्रशांत शर्मा ने बेटी की सफलता का श्रेय उसकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ शूटिंग अकादमी से मिले मार्गदर्शन को दिया है। उनका कहना है कि इतनी कम उम्र में और प्रतिस्पर्धी खेल में प्रवेश करने के कुछ ही महीनों के भीतर राष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई करना नायरा के करियर की शानदार शुरुआत है।
अब नेशनल चैंपियनशिप पर नजर
राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाने के बाद नायरा का अगला लक्ष्य नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करना है। इसके लिए उन्होंने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इतनी कम उम्र में हासिल की गई इस सफलता के कारण शूटिंग जगत में भी उनकी चर्चा हो रही है।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में शूटिंग में कई युवा प्रतिभाएं तैयार की हैं। अब नायरा शर्मा का नाम भी इस सूची में तेजी से उभर रहा है। महज 10 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की उनकी उपलब्धि दूसरे बच्चों को भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है। नायरा की कहानी बताती है कि सही प्रशिक्षण, लगातार अभ्यास और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। अब सभी की नजर नेशनल चैंपियनशिप में उनके प्रदर्शन पर रहेगी।
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