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दिल्ली में विश्व पैरा आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप का आगाज, दीपा मलिक ने किया उद्घाटन

Ratna Netam
1 Nov 2026 7:18 PM IST
दिल्ली में विश्व पैरा आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप का आगाज, दीपा मलिक ने किया उद्घाटन
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नई दिल्ली। भारत की राजधानी दिल्ली में खेल जगत का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन शुरू हो गया है। देश की पहली महिला पैरालंपिक पदक विजेता और पद्मश्री सम्मानित दीपा मलिक तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश सांगवान ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को 28वीं विश्व पैरा आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप का औपचारिक उद्घाटन किया। पूर्वी दिल्ली स्थित द लीला एम्बिएंस कन्वेंशन होटल में आयोजित इस प्रतियोगिता में दुनिया के 60 से अधिक देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन में 400 से अधिक पैरा एथलीटों की भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत की मेजबानी को विशेष महत्व मिला है।यह चैंपियनशिप 47वीं विश्व आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप के साथ आयोजित की जा रही है। दोनों प्रतियोगिताओं का आयोजन 26 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक निर्धारित है। हालांकि, पैरा आर्मरेसलिंग की स्पर्धाओं का औपचारिक उद्घाटन रविवार को किया गया। इस अवसर पर विभिन्न देशों से पहुंचे खिलाड़ियों, खेल अधिकारियों और आयोजकों ने हिस्सा लिया।
उद्घाटन समारोह में दीपा मलिक ने सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का भारत में स्वागत करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का महत्वपूर्ण जरिया भी है। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से दोस्ती, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना विकसित होती है। अलग-अलग देशों से आए खिलाड़ी जब एक मंच पर प्रतिस्पर्धा करते हैं तो उनके बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी होता है।दीपा मलिक ने इस आयोजन को भारत के लिए विशेष उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 60 से अधिक देशों के 400 से ज्यादा पैरा एथलीटों का एक साथ भारत आना समावेशी खेलों के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समावेशी भारत की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में दिव्यांग खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करने और खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जब बुल्गारिया में भारत को इस विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी सौंपी गई थी, तब वह स्वयं वहां मौजूद थीं। अब इस आयोजन को वास्तविक रूप में होते देखना उनके लिए खुशी और गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी से भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी पहचान और मजबूत करने का अवसर मिलता है।दीपा मलिक ने पीपल्स आर्मरेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष प्रीति झंगियानी और प्रो पंजा लीग के सह-संस्थापक परवीन डबास का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों के प्रयासों से विश्वस्तरीय प्रतियोगिता भारत में आयोजित हो रही है। उन्होंने विश्व आर्मरेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष एसेन हाजितोडोरोव और महासचिव मिर्चा सिमियोनेस्कु-सिमिसेल के सहयोग की भी सराहना की।
दीपा मलिक वर्तमान में एशियाई पैरालंपिक समिति के कार्यकारी बोर्ड में दक्षिण एशिया की उपक्षेत्रीय प्रतिनिधि हैं। वह भारतीय पैरालंपिक समिति की पूर्व अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उन्हें पद्मश्री, खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। आयोजन से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने अपने खेल करियर में 23 अंतरराष्ट्रीय पदक और 68 राष्ट्रीय तथा राज्यस्तरीय पदक हासिल किए हैं।उद्घाटन समारोह में मौजूद सत्य प्रकाश सांगवान ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। सांगवान भारतीय पैरालंपिक समिति के उपाध्यक्ष हैं और पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारतीय दल के शेफ डी मिशन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का भारत आना खुशी की बात है। उन्होंने आयोजकों, विशेष रूप से प्रीति झंगियानी का धन्यवाद करते हुए प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
चैंपियनशिप में रविवार को पैरा खिलाड़ियों के लिए बाएं हाथ की आर्मरेसलिंग स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जबकि सोमवार, 2 नवंबर को दाएं हाथ की स्पर्धाएं निर्धारित हैं। इन मुकाबलों में विभिन्न देशों के खिलाड़ी अपनी ताकत, तकनीक और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।आर्मरेसलिंग यानी पंजा लड़ाना ऐसा खेल है, जिसमें शारीरिक ताकत के साथ तकनीक, संतुलन, पकड़ और मानसिक एकाग्रता की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पैरा आर्मरेसलिंग में दिव्यांग खिलाड़ी अपनी निर्धारित श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल का विस्तार दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का नया मंच प्रदान कर रहा है।इस प्रतियोगिता का आयोजन पीपल्स आर्मरेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की मेजबानी में विश्व आर्मरेसलिंग फेडरेशन के सहयोग से किया जा रहा है। विश्व आर्मरेसलिंग फेडरेशन के अनुसार, इस संयुक्त आयोजन में 60 से अधिक देशों से खिलाड़ियों, अधिकारियों और अन्य प्रतिनिधियों की भागीदारी की योजना बनाई गई थी।
भारत में पहली बार इस स्तर की विश्व आर्मरेसलिंग और पैरा आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप की मेजबानी की जा रही है। ऐसे आयोजन से देश में इस खेल के प्रति जागरूकता बढ़ने और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।विशेषज्ञों के अनुसार, पैरा खेलों को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ प्रशिक्षण, खेल उपकरण, सुविधाजनक बुनियादी ढांचे और संस्थागत सहयोग की भी आवश्यकता होती है। विश्व चैंपियनशिप जैसे आयोजन इन विषयों पर ध्यान आकर्षित करने का अवसर प्रदान करते हैं।दीपा मलिक ने आयोजन से जुड़े स्वयंसेवकों, खेल प्रशासकों और मीडिया प्रतिनिधियों को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते पैरा आर्मरेसलिंग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ती पहचान मिलते देखना उनके लिए व्यक्तिगत खुशी का विषय है।अब 7 नवंबर तक दिल्ली में दुनिया के विभिन्न देशों के खिलाड़ी आर्मरेसलिंग मुकाबलों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। यह आयोजन केवल पदकों की प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि समावेशी खेल संस्कृति, अंतरराष्ट्रीय मित्रता और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए समान अवसरों को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया है।
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