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कोच से विवाद के बाद रोनाल्डो ने मांगी माफी
नई दिल्ली : पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और 72 वर्षीय कोच जॉर्ज जीसस के बीच विवाद ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में ध्यान खींचा है। रोनाल्डो ने कोच पर दो बार वादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय टीम का प्रशिक्षण शिविर क्यों छोड़ा। करीब दो हजार शब्दों के बयान में उन्होंने अपनी नाराजगी का कारण बताया, साथ ही बिना सूचना दिए कैंप छोड़ने की गलती भी स्वीकार की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास नहीं ले रहे हैं।
विवाद का पहला हिस्सा नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में खेलने को लेकर है। रोनाल्डो के अनुसार, कोच के साथ उनकी फिटनेस और कार्यभार को ध्यान में रखकर मैचों में भागीदारी की योजना बनी थी। इसके तहत उन्हें नॉर्वे और डेनमार्क के खिलाफ कुछ मुकाबलों में आराम दिया जाना था। लेकिन नॉर्वे वाले मैच के दिन जीसस ने योजना बदली और उन्हें लगभग 30 मिनट खिलाने का भरोसा दिया। रोनाल्डो का आरोप है कि उन्होंने हाफ टाइम से वार्मअप किया और मैदान पर उतरने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। उनके मुताबिक, खेलने का आश्वासन देने के बाद मैदान पर नहीं उतारना पहली बार वादा तोड़ना था।
इसके बाद हुई बातचीत में विवाद को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने के लिए आठ बिंदुओं का दस्तावेज तैयार किए जाने का दावा उन्होंने किया। रोनाल्डो के अनुसार, इसमें यह बताया जाना था कि उन्होंने जबरन खेलने की मांग नहीं की थी। उनका आरोप है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच ने निजी बातचीत से अलग रुख अपनाया। इसे उन्होंने दूसरी बार भरोसा टूटना बताया और इसके बाद कैंप छोड़ने का फैसला लिया। ये आरोप रोनाल्डो के पक्ष का विवरण हैं। रोनाल्डो ने अपने बयान में यह भी माना कि नाराजगी के बावजूद राष्ट्रीय टीम का शिविर छोड़कर चले जाना सही नहीं था। उन्होंने साथी खिलाड़ियों और पुर्तगाल के लोगों से माफी मांगी। कप्तान के रूप में अपने व्यवहार की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि फुटबॉल महासंघ से मिलने वाली सजा का सामना करेंगे और किसी विशेष रियायत की मांग नहीं करेंगे।
नॉर्वे के खिलाफ मैच के बाद समर्थकों का अभिवादन नहीं करने पर भी उन्होंने खेद जताया। रोनाल्डो ने बताया कि उस समय वह निराश थे और अकेले रहना चाहते थे, लेकिन इससे प्रशंसकों के प्रति उनकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। उन्होंने वहां पहुंचे समर्थकों से माफी मांगी, जिनमें उन्हें खेलते देखने आए लोग भी शामिल थे।
अपनी वापसी को लेकर उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने और क्लब के लिए खेलते रहने की स्थिति में वह संभावित निलंबन पूरा करने के बाद पुर्तगाल के लिए उपलब्ध रहेंगे। कोच जीसस ने भी उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता खुला होने की बात कही थी। इस बीच पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ ने रोनाल्डो के खिलाफ अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू की और उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया है। नौ अक्टूबर को कार्यवाही शुरू होने के बाद मामला दस अक्टूबर को संबंधित अनुशासनात्मक जांच समिति के पास भेजा गया। यह कार्रवाई कैंप छोड़ने के घटनाक्रम की जांच से जुड़ी है; इसे अंतिम सजा का निर्णय नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर, जीसस ने बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोनाल्डो के साथ कथित समझौता होने से इनकार किया। ऐसे में सार्वजनिक स्पष्टीकरण को लेकर दोनों पक्षों के बयान अलग हैं। रोनाल्डो क्लब अल-नासर लौटकर खेल चुके हैं। उनकी गैरमौजूदगी में पुर्तगाल ने डेनमार्क और नॉर्वे के खिलाफ अगले दोनों मुकाबले जीते। अब उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी अनुशासनात्मक प्रक्रिया और आगे के चयन पर निर्भर करेगी।
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