
जनता से रिश्ता खेल डेस्क | भारतीय क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने क्रिकेट खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि विदेशी दौरे पर खिलाड़ियों को अपने परिवार के साथ रखने की व्यवस्था होनी चाहिए। कोहली का मानना है कि खिलाड़ियों को घर से दूर रहकर लंबे समय तक प्रदर्शन करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, और इस दौरान परिवार का समर्थन उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
कोहली ने अपने बयान में कहा, "कभी-कभी खिलाड़ियों को अपने परिवार के बिना लंबे समय तक दौरे पर रहना पड़ता है, और यह न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण होता है।" उन्होंने इस मुद्दे पर भारत के क्रिकेट बोर्ड से अपील की कि खिलाड़ियों को यात्रा के दौरान परिवार के साथ रहने की सुविधा दी जाए, ताकि उनका मानसिक तनाव कम हो सके और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
विराट ने यह भी बताया कि उनका खुद का अनुभव ऐसा रहा है कि जब परिवार पास होता है, तो खिलाड़ी मानसिक रूप से अधिक संतुलित महसूस करते हैं, जिससे उनका प्रदर्शन भी सुधारता है। वे मानते हैं कि जब खिलाड़ियों को उनके परिवार का सहारा मिलता है, तो वे अपनी गेम के प्रति अधिक समर्पित रहते हैं और बेहतर परिणाम देते हैं।
इसके अलावा, विराट ने यह भी कहा कि आजकल क्रिकेट बहुत प्रतिस्पर्धात्मक हो गया है और खिलाड़ियों के ऊपर दबाव भी ज्यादा बढ़ गया है, ऐसे में मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बोर्ड से इस दिशा में कदम उठाने की उम्मीद जताई, ताकि खिलाड़ियों की भलाई सुनिश्चित की जा सके।
इस बयान से यह साफ हो जाता है कि विराट कोहली खिलाड़ियों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हैं और उन्होंने खेल जगत में एक नया दृष्टिकोण पेश किया है, जो आने वाले समय में अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बन सकता है।
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