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वैष्णवी शर्मा का धमाका, ICC रैंकिंग में 53 स्थान की लंबी छलांग
Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 6:57 PM IST

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स्पोर्ट्स। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा स्पिन गेंदबाज वैष्णवी शर्मा ने अपने छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर में शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। महज 20 साल की उम्र में वैष्णवी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में ऐसी गेंदबाजी की, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई पहचान दिलाई है। उनके शानदार प्रदर्शन का फायदा आईसीसी की ताजा महिला वनडे रैंकिंग में भी मिला है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को जारी रैंकिंग में वैष्णवी ने 53 स्थानों की जबरदस्त छलांग लगाई और गेंदबाजों की सूची में 94वें स्थान पर पहुंच गईं। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने केवल दो मुकाबलों में नौ विकेट हासिल किए थे। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारतीय टीम ने सीरीज के तीनों मुकाबले जीतकर विपक्षी टीम का 3-0 से क्लीन स्वीप किया।
इस सीरीज में कई भारतीय खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया, लेकिन युवा गेंदबाज वैष्णवी शर्मा की सफलता विशेष रूप से चर्चा में रही। उन्होंने अपनी सटीक लाइन और लेंथ तथा स्पिन गेंदबाजी से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।
ICC रैंकिंग में 53 स्थानों की लंबी छलांग
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ताजा महिला वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में वैष्णवी शर्मा को शानदार प्रदर्शन का बड़ा इनाम मिला है।सीरीज से पहले वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 147वें स्थान पर थीं, लेकिन अब 53 पायदान ऊपर चढ़कर 94वें नंबर पर पहुंच गई हैं।यह उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। खास बात यह है कि उन्होंने बेहद कम वनडे मैच खेलने के बावजूद दुनिया की शीर्ष 100 गेंदबाजों में जगह बना ली है।आईसीसी ने भी वैष्णवी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनकी लंबी छलांग को ताजा रैंकिंग की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया है।
केवल दो मैचों में झटके 9 विकेट
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में वैष्णवी शर्मा को पहले मुकाबले में खेलने का अवसर नहीं मिला था।दूसरे वनडे में उन्हें टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इस अवसर का उन्होंने पूरा फायदा उठाया और शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए।उन्होंने दूसरे वनडे में अपने दस ओवरों में 39 रन देकर चार बल्लेबाजों को आउट किया।इसके बाद तीसरे और अंतिम वनडे में वैष्णवी ने अपने प्रदर्शन को एक और ऊंचाई पर पहुंचा दिया।उन्होंने दस ओवर में केवल 39 रन देकर पांच विकेट अपने नाम किए। इस तरह दो मुकाबलों में ही उन्होंने कुल नौ विकेट हासिल कर लिए।उनके शानदार प्रदर्शन ने भारत को सीरीज में दबदबा बनाने और जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को सीमित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तीसरे वनडे में पांच विकेट लेकर बनाया रिकॉर्ड
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे वनडे में वैष्णवी शर्मा का प्रदर्शन उनके करियर के लिए यादगार बन गया।वडोदरा में खेले गए मुकाबले में उन्होंने 39 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। यह वनडे क्रिकेट में उनका पहला पांच विकेट हॉल था।इस शानदार गेंदबाजी के दम पर भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को 39.5 ओवर में 131 रन पर समेट दिया।भारत ने इसके बाद आठ विकेट से मुकाबला जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली।वैष्णवी को इस मुकाबले में शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
दूसरी सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बनीं
पांच विकेट हासिल करने के साथ वैष्णवी शर्मा ने एक विशेष उपलब्धि भी अपने नाम की।20 साल और 314 दिन की उम्र में वह महिला वनडे क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाली दूसरी सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बनीं।इसके अलावा वह पिछले लगभग दस वर्षों में यह उपलब्धि हासिल करने वाली सबसे युवा भारतीय महिला गेंदबाज भी बनीं।इससे पहले दीप्ति शर्मा ने कम उम्र में वनडे क्रिकेट में पांच विकेट हासिल कर अपनी पहचान बनाई थी।वैष्णवी की सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि वह अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना स्थान मजबूत करने की शुरुआत कर रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था वनडे डेब्यू
वैष्णवी शर्मा ने इसी साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था।हालांकि, अपने पहले वनडे मुकाबले में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था।इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में अवसर मिलने पर उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।तीसरे वनडे तक पहुंचते-पहुंचते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा कर दिखाया।इतने छोटे करियर में इस तरह की सफलता हासिल करना किसी भी युवा गेंदबाज के आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रतिका रावल को भी हुआ बड़ा फायदा
आईसीसी की ताजा रैंकिंग में वैष्णवी शर्मा के अलावा भारतीय टीम की सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल को भी फायदा मिला है।प्रतिका ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की थी।उन्होंने तीन मैचों में 220 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतक निकले।उनकी शानदार बल्लेबाजी के कारण उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।इस प्रदर्शन के बाद प्रतिका महिला वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में तीन स्थानों की छलांग लगाकर 18वें नंबर पर पहुंच गई हैं।वहीं, आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा भी आठ स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 65वें स्थान पर पहुंच गई हैं। उन्होंने तीसरे वनडे में 51 रन की तेज पारी खेली थी।
सयाली सतघरे और क्रांति गौड़ की रैंकिंग में भी सुधार
भारतीय महिला टीम की तेज गेंदबाज सयाली सतघरे को भी जिम्बाब्वे के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है।सयाली ने तीसरे वनडे में छह ओवर में केवल 11 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे।इस दौरान उन्होंने 30 डॉट गेंदें फेंकी थीं। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत वह आईसीसी वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में 18 स्थान ऊपर चढ़कर 85वें नंबर पर पहुंच गई हैं।वहीं, भारतीय गेंदबाज क्रांति गौड़ को भी एक स्थान का फायदा हुआ है। वह अब 24वें स्थान पर पहुंच गई हैं।जिम्बाब्वे की गेंदबाज नोमवेलो सिबांडा भी दो स्थान ऊपर चढ़कर 60वें पायदान पर पहुंच गई हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट को मिली नई उम्मीद
वैष्णवी शर्मा का शानदार प्रदर्शन भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।भारतीय टीम के पास पहले से कई अनुभवी गेंदबाज मौजूद हैं। ऐसे में युवा खिलाड़ियों का आगे आना टीम के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।वैष्णवी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ यह दिखाया है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकेट हासिल करने की क्षमता रखती हैं।हालांकि, बड़े और मजबूत विपक्षी दलों के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उनके करियर की अगली चुनौती होगी।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता हासिल करने के लिए केवल एक सीरीज का अच्छा प्रदर्शन पर्याप्त नहीं होता। लंबे समय तक निरंतरता बनाए रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है।
भविष्य में और ऊपर जा सकती हैं वैष्णवी
जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद वैष्णवी शर्मा ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में अपनी दावेदारी मजबूत की है।आईसीसी रैंकिंग में 53 स्थानों की छलांग और महज दो मैचों में नौ विकेट हासिल करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।अब आने वाली अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उनके प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी।अगर वैष्णवी इसी तरह लगातार विकेट हासिल करती रहीं, तो भविष्य में आईसीसी रैंकिंग में और ऊपर पहुंच सकती हैं।फिलहाल 20 वर्षीय इस युवा स्पिनर ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला क्रिकेट को एक
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