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वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई का धमाका, 87 गेंदों में ठोक दिए 107 रन

Kavita2
26 Oct 2026 5:00 PM IST
वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई का धमाका, 87 गेंदों में ठोक दिए 107 रन
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समस्तीपुर। भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के परिवार से एक और उभरते क्रिकेटर की चर्चा होने लगी है। उनके छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने महज 10 साल की उम्र में स्थानीय क्रिकेट मैच में शानदार शतकीय पारी खेलकर सबका ध्यान खींचा है। रविवार, 25 अक्टूबर को खेले गए एक स्थानीय मुकाबले में आशीर्वाद ने 87 गेंदों पर नाबाद 107 रन बनाए। उनकी पारी में 14 चौके और चार छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन की जानकारी उनके बड़े भाई उज्ज्वल सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया पर मैच का स्कोरकार्ड साझा करके दी। आशीर्वाद की बल्लेबाजी की बदौलत उनकी टीम ने दो विकेट से जीत दर्ज की।

87 गेंदों में 107 रन बनाकर मचाया धमाल


10 वर्षीय आशीर्वाद सूर्यवंशी ने स्थानीय मैच में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 107 रन बनाए।

उन्होंने 87 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 14 चौके तथा चार छक्के लगाए।

इस तरह आशीर्वाद ने मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट लगाते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उनकी पारी की खास बात यह रही कि टीम के बाकी नौ बल्लेबाजों में से कोई भी 20 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका।

ऐसी स्थिति में आशीर्वाद की शतकीय पारी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा और जीत तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

दो विकेट से जीती आशीर्वाद की टीम

आशीर्वाद सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के दम पर उनकी टीम ने रोमांचक मुकाबले में दो विकेट से जीत हासिल की।

स्थानीय मैचों में इस तरह की पारियां खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण होती हैं।

आशीर्वाद ने मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करते हुए नाबाद शतक बनाया।

उनकी टीम के दूसरे बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना सके, लेकिन आशीर्वाद क्रीज पर टिके रहे और उपयोगी रन बनाते रहे।

हालांकि मुकाबले के प्रतिद्वंद्वी का नाम, दोनों टीमों के पूरे स्कोर और गेंदबाजों के प्रदर्शन का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

बड़े भाई उज्ज्वल ने साझा किया स्कोरकार्ड

आशीर्वाद के इस शानदार प्रदर्शन की जानकारी उनके बड़े भाई उज्ज्वल सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया पर मैच का स्कोरकार्ड साझा करके दी।

स्कोरकार्ड सामने आने के बाद क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान इस युवा बल्लेबाज की ओर गया।

आशीर्वाद का क्रिकेट के प्रति लगाव उनके परिवार से भी जुड़ा हुआ है। उनके बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी पहले ही अपनी बल्लेबाजी के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चर्चा बटोर रहे हैं।

अब आशीर्वाद की शतकीय पारी ने सूर्यवंशी परिवार के एक और सदस्य की क्रिकेट प्रतिभा को सामने ला दिया है।

पहली बार नहीं किया ऐसा प्रदर्शन

आशीर्वाद इससे पहले भी स्थानीय क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी कर चुके हैं।

जून 2026 में उन्होंने समस्तीपुर में क्रिकेट एकेडमी ताजपुर की ओर से खेलते हुए 87 गेंदों पर 103 रन बनाए थे।

उस पारी में उन्होंने 20 चौके और एक छक्का लगाया था।

इसी महीने उन्होंने एक अन्य स्थानीय मैच में 119 गेंदों पर 168 रन की पारी भी खेली थी, जिसमें 19 चौके और छह छक्के शामिल थे।

लगातार अच्छे प्रदर्शन से आशीर्वाद स्थानीय क्रिकेट जगत में पहचान बना रहे हैं।

क्रिकेट परिवार से आते हैं आशीर्वाद

आशीर्वाद सूर्यवंशी ऐसे परिवार से आते हैं, जहां क्रिकेट के प्रति विशेष रुचि है।

उनके बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी के कारण चर्चा में आए और राजस्थान रॉयल्स के लिए भी खेल चुके हैं।

वैभव की सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का उदाहरण बनी है।

अब आशीर्वाद के प्रदर्शन से यह उम्मीद की जा रही है कि वह भी आने वाले वर्षों में अपनी प्रतिभा को और निखार सकते हैं।

हालांकि किसी खिलाड़ी की भविष्य की सफलता का आकलन केवल कुछ स्थानीय मैचों के आधार पर नहीं किया जा सकता। आगे का सफर नियमित अभ्यास, कोचिंग, प्रतियोगिताओं और प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

10 साल की उम्र में शतक बनाना बड़ी उपलब्धि

क्रिकेट में शतक बनाना बल्लेबाज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। 10 साल की उम्र में स्थानीय मैच में 87 गेंदों पर 107 रन बनाना आशीर्वाद की बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है।

हालांकि स्थानीय मैचों के आंकड़े और पेशेवर क्रिकेट के रिकॉर्ड अलग-अलग स्तरों पर देखे जाते हैं।

आशीर्वाद के लिए यह पारी अनुभव हासिल करने और अपने खेल को बेहतर बनाने का अवसर है।

यदि वह इसी तरह नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे, तो उन्हें आयु वर्ग के क्रिकेट में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं।

वैभव की राह पर बढ़ने की उम्मीद

वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में क्रिकेट में उपलब्धियां हासिल करके अपनी अलग पहचान बनाई है।

उनके छोटे भाई आशीर्वाद की शानदार बल्लेबाजी ने अब क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया है।

दोनों भाइयों की तुलना होना स्वाभाविक है, लेकिन हर खिलाड़ी की अपनी शैली और विकास की गति होती है।

आशीर्वाद के लिए जरूरी होगा कि वह अपनी तकनीक, फिटनेस और खेल की समझ पर लगातार काम करें।

परिवार के सहयोग के साथ बेहतर प्रशिक्षण उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने में मदद कर सकता है।

स्थानीय क्रिकेट में बढ़ रही पहचान

आशीर्वाद की लगातार शतकीय पारियां स्थानीय क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को चर्चा में ला रही हैं।

हाल के मैच में नाबाद 107 रन बनाकर उन्होंने दिखाया कि वह लंबे समय तक क्रीज पर टिककर रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

उनकी पारी से टीम को जीत मिली, जो इस प्रदर्शन की अहम उपलब्धि रही।

अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर उनके आगामी मुकाबलों पर रहेगी।

महज 10 साल की उम्र में 87 गेंदों पर नाबाद 107 रन बनाने वाले आशीर्वाद सूर्यवंशी ने स्थानीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई है। बड़े भाई वैभव की तरह आगे बढ़ने के लिए उन्हें अभी लंबे समय तक अभ्यास, प्रशिक्षण और लगातार अच्छे प्रदर्शन की जरूरत होगी।

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