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छोटी उम्र बड़ा कमाल वैभव सूर्यवंशी ने स्पिन से मचाई सनसनी
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर सभी का ध्यान खींच लिया है। बल्लेबाजी में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहने के बाद वैभव ने गेंद से ऐसा कमाल दिखाया कि वह मुकाबले के अहम खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एक ही ओवर में दो विकेट झटककर अपनी टीम ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव से बल्ले से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन वह पहली पारी में केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, इसके बाद जब कप्तान ईशान किशन ने उन्हें गेंद थमाई तो उन्होंने अपनी प्रतिभा का नया रूप दिखाया।
बल्ले से नहीं चला कमाल, गेंद से मचाया धमाल
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और दो चौके लगाए, लेकिन ज्यादा देर क्रीज पर टिक नहीं सके। उन्हें विपक्षी गेंदबाज ने जल्दी पवेलियन भेज दिया।
Vaibhav Sooryavanshi, the left arm spinner picks two wickets against North East Zone in Duleep Trophy match. pic.twitter.com/Ku2sAO1vzm
— Cricketopia (@CricketopiaCom) August 25, 2026
इसके बाद गेंदबाजी में मौका मिलने पर वैभव ने अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट जोन की दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए एक ही ओवर में दो बल्लेबाजों को आउट कर दिया।
चार गेंदों में दो विकेट लेकर पलटा मैच
वैभव ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने पहले बल्लेबाज किशन लिंगदोह को आउट किया और इसके बाद इमलीवती लेमटूर को अपना शिकार बनाया। इस तरह उन्होंने बेहद कम समय में दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल कर लिए।
उनके इस प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर भी उनकी जमकर तारीफ हो रही है। क्रिकेट फैंस अब उन्हें सिर्फ बल्लेबाज नहीं बल्कि एक उपयोगी ऑलराउंडर के रूप में भी देखने लगे हैं।
ईशान किशन के भरोसे पर खरे उतरे
ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने वैभव पर भरोसा जताते हुए उन्हें गेंदबाजी का मौका दिया और युवा खिलाड़ी ने उस फैसले को सही साबित कर दिया।
वैभव ने सिर्फ 3 ओवर में 11 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास और खेल को समझने की क्षमता को दिखाता है।
कम उम्र में दिखा रहे हैं हरफनमौला क्षमता
महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट में बड़ी पहचान बना चुके हैं। अब तक उन्हें एक आक्रामक बल्लेबाज के तौर पर जाना जाता था, लेकिन दलीप ट्रॉफी में गेंदबाजी से उन्होंने अपनी प्रतिभा का नया पहलू दिखाया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैभव इसी तरह अपनी गेंदबाजी पर भी काम करते रहे तो भविष्य में वह टीम के लिए एक शानदार ऑलराउंड विकल्प बन सकते हैं।
युवा क्रिकेट के लिए बड़ा संकेत
वैभव का यह प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए भी अच्छी खबर है। युवा खिलाड़ी अब सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रह रहे, बल्कि टीम की जरूरत के हिसाब से कई भूमिकाएं निभाने की क्षमता विकसित कर रहे हैं।
दलीप ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में वैभव का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए अहम साबित हो सकता है।
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