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वैभव सूर्यवंशी के दोस्त आयुष का धमाल, तीसरी बार रणजी टीम में चयन

nidhi
9 Oct 2026 7:08 AM IST
वैभव सूर्यवंशी के दोस्त आयुष का धमाल, तीसरी बार रणजी टीम में चयन
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दरभंगा के लाल ने रचा इतिहास
दरभंगा: बिहार क्रिकेट के उभरते सितारे आयुष लोहारूका ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। दरभंगा के रहने वाले आयुष का लगातार तीसरी बार बिहार की रणजी ट्रॉफी टीम में चयन हुआ है। इस उपलब्धि के साथ वह लगातार तीन बार रणजी टीम में जगह बनाने वाले दरभंगा के एकमात्र खिलाड़ी बन गए हैं। युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के साथ खेलने वाले आयुष ने घरेलू क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके चयन से परिवार और जिले के क्रिकेट प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 के शुरुआती मुकाबलों के लिए टीम घोषित कर दी है। इसमें विकेटकीपर बल्लेबाज आयुष लोहारूका को शामिल किया गया है। बिहार का पहला मुकाबला 11 अक्टूबर से राजगीर के नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में उत्तर प्रदेश के खिलाफ खेला जाएगा। टीम की कप्तानी अनुभवी बल्लेबाज सकीबुल गनी को सौंपी गई है।
आयुष लोहारूका का अब तक का घरेलू क्रिकेट सफर शानदार रहा है। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दम पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। रणजी ट्रॉफी के 2024-25 सत्र में उन्होंने उत्तर प्रदेश के खिलाफ शतक लगाया था। इस पारी ने उनकी बल्लेबाजी क्षमता को सामने रखा और बिहार क्रिकेट में उन्हें नई पहचान दिलाई। इसके बाद 2025-26 के रणजी सत्र में आयुष ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ नाबाद 230 रन की शानदार पारी खेली। इस दोहरे शतक से उन्होंने साबित किया कि वह लंबी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। उनकी इस उपलब्धि को बिहार क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
आयुष केवल प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ही नहीं, बल्कि सीमित ओवरों के मुकाबलों में भी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं। विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में मणिपुर के खिलाफ उन्होंने 72 गेंदों पर 75 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। इस प्रदर्शन ने बिहार की जीत में अहम योगदान दिया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 260 रन बनाए और टीम के दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। आयुष का नाम उन खिलाड़ियों में भी शामिल है जिन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 56 गेंदों पर 116 रन बनाए थे। इस सूची में बिहार के कप्तान सकीबुल गनी और युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी भी शामिल रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने बिहार की बल्लेबाजी को मजबूती दी है।
आयुष लोहारूका इससे पहले अंडर-19 और अंडर-23 क्रिकेट में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। उन्होंने मुंबई और दिल्ली जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ शतकीय पारियां खेली हैं। जूनियर क्रिकेट से लेकर रणजी ट्रॉफी तक लगातार प्रदर्शन करना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है।
हाल ही में आयुष को दलीप ट्रॉफी के लिए स्टैंडबाय खिलाड़ियों की सूची में भी स्थान मिला था। इससे पहले उनकी बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था। अब लगातार तीसरी बार बिहार रणजी टीम में चयन होने से उनके घरेलू क्रिकेट करियर को और मजबूती मिली है।
दरभंगा के गुल्लोवाड़ा निवासी आयुष के पिता आनंद कुमार लोहारूका व्यवसायी हैं, जबकि उनकी माता का नाम रश्मि लोहारूका है। आयुष की क्रिकेट यात्रा में उनके माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने आयुष के प्रशिक्षण और खेल की तैयारियों में कोई कमी नहीं आने दी। आयुष के पिता ने बताया कि परिवार ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बेटे के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया। आयुष की सफलता के पीछे उनकी मेहनत के साथ परिवार का सहयोग भी रहा है।
उनके पूर्व कोच तारिकुर रहमान ने भी आयुष की प्रतिभा की सराहना की है। उनका मानना है कि आयुष में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता है। उन्होंने आयुष के लगातार बेहतर प्रदर्शन को उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम बताया। इस बीच बिहार की रणजी टीम में वैभव सूर्यवंशी शुरुआती दो मुकाबलों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट व्यस्तताओं के कारण उन्हें शुरुआती टीम में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, आयुष लोहारूका को एक बार फिर बिहार का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।
बिहार की टीम अब उत्तर प्रदेश के खिलाफ होने वाले मुकाबले की तैयारी में जुटी है। आयुष लोहारूका के सामने पिछले सत्रों के शानदार प्रदर्शन को जारी रखने की चुनौती होगी। लगातार तीसरी बार टीम में चयन उनके करियर में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दरभंगा के क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि आयुष इस रणजी सत्र में भी अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाएंगे। उनकी अब तक की उपलब्धियां यह बताती हैं कि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में निरंतर मेहनत और प्रदर्शन के जरिए अपनी जगह बनाई है।
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