
x
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और शानदार प्रदर्शन के कारण लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में अपनी खास पहचान बना ली है। आईपीएल से लेकर अंडर-19 क्रिकेट तक वैभव ने कई यादगार पारियां खेली हैं। उनकी बल्लेबाजी देखकर कई पूर्व क्रिकेटर उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बता रहे हैं। हालांकि, भारत के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता कपिल देव ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। कपिल देव का मानना है कि किसी युवा खिलाड़ी के शुरुआती प्रदर्शन को देखकर उसके भविष्य के बारे में जल्दबाजी में फैसला नहीं करना चाहिए। उन्होंने पूर्व भारतीय बल्लेबाज विनोद कांबली का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट में कई खिलाड़ी जबरदस्त प्रतिभा के साथ आए, लेकिन लंबे समय तक सफलता कायम नहीं रख पाए। कपिल देव के अनुसार, वैभव की असली परीक्षा आने वाले कुछ वर्षों में होगी, जब उनकी जीवनशैली और सोच में बदलाव आएगा।
कपिल देव ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्या कहा?
कपिल देव ने एक बातचीत के दौरान वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की सराहना की, लेकिन उनके भविष्य को लेकर संयम बरतने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि वैभव में क्षमता जरूर है, लेकिन यह तय करना अभी बहुत जल्दी होगा कि वह लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता हासिल कर पाएंगे या नहीं।कपिल देव ने कहा, "अभी बहुत जल्दी है। क्या उनमें क्षमता है? हां। लेकिन क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी आए हैं, जिनमें बहुत प्रतिभा थी और फिर वे गुम हो गए।"
पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि शुरुआती सफलता किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण होती है, लेकिन असली चुनौती लगातार अच्छा प्रदर्शन बनाए रखने की होती है।उनके मुताबिक, किसी क्रिकेटर की सफलता का आकलन केवल कुछ बेहतरीन पारियों के आधार पर नहीं किया जा सकता।
विनोद कांबली का उदाहरण देकर समझाई बड़ी बात
वैभव सूर्यवंशी के भविष्य पर चर्चा करते हुए कपिल देव ने पूर्व भारतीय बल्लेबाज विनोद कांबली का नाम लिया।कांबली ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। शुरुआती टेस्ट मुकाबलों में उन्होंने लगातार बड़े स्कोर बनाए और अपनी बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया।
एक समय उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में गिना जाता था। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर उतना लंबा नहीं चला, जितनी शुरुआत में उम्मीद की जा रही थी।कपिल देव ने इसी उदाहरण के माध्यम से कहा कि केवल प्रतिभा होना लंबे करियर की गारंटी नहीं है।
उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की आलोचना करने के बजाय यह समझाने की कोशिश की कि किसी खिलाड़ी का वास्तविक मूल्यांकन समय के साथ होने वाले प्रदर्शन और विकास के आधार पर किया जाना चाहिए।
वैभव को तीन साल देने की सलाह
कपिल देव ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि अभी उनकी उम्र केवल 15 साल है। ऐसे में उन्हें अपनी प्रतिभा विकसित करने और अनुभव हासिल करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
पूर्व कप्तान के अनुसार, वैभव को कम से कम तीन साल का समय देना चाहिए। इसके बाद उनके प्रदर्शन और क्रिकेट करियर की दिशा को लेकर बेहतर आकलन किया जा सकेगा।कपिल देव ने कहा कि आने वाले वर्षों में वैभव की जीवनशैली और सोच में बदलाव आएगा। तब यह समझना अधिक महत्वपूर्ण होगा कि वह खुद को किस तरह संभालते हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगले दो वर्षों में केवल बनाए गए रनों के बजाय खिलाड़ी की मानसिकता, अनुशासन और जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है।कपिल का मानना है कि युवा क्रिकेटरों को लगातार मिलने वाली लोकप्रियता के बीच अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए।
सिर्फ रन बनाना ही काफी नहीं
कपिल देव ने युवा खिलाड़ियों के करियर में अनुशासन और मानसिक मजबूती के महत्व पर भी जोर दिया।उनका कहना है कि क्रिकेट में शुरुआती सफलता हासिल करना और लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना दो अलग चुनौतियां हैं।
किसी खिलाड़ी के जीवन में प्रसिद्धि बढ़ने के साथ कई बदलाव आते हैं। उसे लगातार मीडिया की चर्चा, प्रशंसकों की अपेक्षाओं और प्रदर्शन के दबाव का सामना करना पड़ सकता है।कपिल देव के अनुसार, ऐसे समय में खिलाड़ी की सोच और जीवनशैली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे क्रिकेटरों के लंबे करियर का उल्लेख करते हुए निरंतरता के महत्व को रेखांकित किया।इन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाए रखी। कपिल देव का मानना है कि युवा क्रिकेटरों के लिए यही बड़ी चुनौती होती है।
अंडर-19 विश्व कप में वैभव ने मचाया था धमाल
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने फरवरी 2026 में खेले गए अंडर-19 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी की थी।जिम्बाब्वे के हरारे में खेले गए फाइनल में वैभव ने महज 80 गेंदों पर 175 रन बनाए थे।
उनकी इस विस्फोटक पारी ने भारतीय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इतने बड़े मुकाबले में दबाव के बीच खेली गई इस पारी से उन्होंने अपनी बल्लेबाजी क्षमता का परिचय दिया।इसके अलावा वैभव ने भारत ए की ओर से खेलते हुए श्रीलंका ए के खिलाफ लिस्ट ए क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया।उन्होंने महज 11 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और 29 गेंदों पर 94 रन की आक्रामक पारी खेली।उनकी इन पारियों के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में उनकी चर्चा बढ़ी है।
आईपीएल में भी दिखाई अपनी बल्लेबाजी की ताकत
वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग में भी आक्रामक बल्लेबाजी से अपनी पहचान बनाई है।साल 2026 के आईपीएल सीजन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरेंज कैप हासिल की। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाए।उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का ध्यान खींचा।कम उम्र में बड़े गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता को उनकी प्रमुख विशेषता माना जा रहा है।
हालांकि, कपिल देव का मानना है कि आईपीएल और आयु वर्ग के क्रिकेट में सफलता के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रदर्शन करना अलग चुनौती होती है।इसी वजह से उन्होंने वैभव को लेकर जल्दबाजी में बड़ी भविष्यवाणियां करने से बचने की सलाह दी है।
भारतीय टीम में मौके का इंतजार
वैभव सूर्यवंशी भारतीय टी20 क्रिकेट की योजनाओं का हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि, टीम में पहले से कई अनुभवी बल्लेबाज मौजूद होने के कारण उन्हें नियमित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से सलामी बल्लेबाजी के लिए प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।ऐसे में युवा वैभव के सामने उपलब्ध अवसरों का बेहतर इस्तेमाल करने की चुनौती है।
कपिल देव ने उनके चयन को लेकर कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं की है। उनका जोर इस बात पर है कि वैभव को अपने खेल में सुधार करने और अनुभव हासिल करने के लिए समय दिया जाना चाहिए।
सचिन-विराट से तुलना पर भी कपिल का संदेश
वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन के बाद उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों से की जा रही है।हालांकि, कपिल देव पहले भी कह चुके हैं कि किसी युवा खिलाड़ी की इतनी जल्दी महान क्रिकेटरों से तुलना करना उचित नहीं है।उनके अनुसार, सचिन तेंदुलकर ने बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की थी, लेकिन लंबे समय तक सफलता बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।
इसी तरह विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन किया।कपिल देव का मानना है कि वैभव में प्रतिभा है, लेकिन उन्हें इन दिग्गजों की तरह लंबे समय तक सफल होने के लिए लगातार मेहनत करनी होगी।
वैभव सूर्यवंशी के लिए क्यों अहम है कपिल देव की सलाह?
भारतीय क्रिकेट में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी कम उम्र में सुर्खियों में आए हैं। हालांकि, हर खिलाड़ी का करियर एक जैसा नहीं रहा है।कपिल देव की टिप्पणी को युवा खिलाड़ियों के लिए अनुशासन और निरंतरता के महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।
वैभव सूर्यवंशी के सामने अभी लंबा क्रिकेट करियर है। उन्होंने शुरुआती दौर में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को लंबे समय तक स्थापित करना अभी बाकी है।
कपिल देव ने विनोद कांबली का उदाहरण देकर यही संदेश दिया है कि केवल प्रतिभा और शुरुआती उपलब्धियां सफलता की गारंटी नहीं होतीं।अब आने वाले वर्षों में वैभव का प्रदर्शन, उनकी मेहनत और खेल के प्रति उनका दृष्टिकोण यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि उनका क्रिकेट करियर किस दिशा में आगे बढ़ता है।
Next Story





