खेल

टिम विलिस की भारत यात्रा, बैडमिंटन खिलाड़ियों को स्ट्रिंगिंग की बारीकियों की दी जानकारी

Kavita2
28 May 2026 10:37 AM IST
टिम विलिस की भारत यात्रा, बैडमिंटन खिलाड़ियों को स्ट्रिंगिंग की बारीकियों की दी जानकारी
x

Sports स्पोर्ट्स: भारत के तीन प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में आयोजित एक विशेष बैडमिंटन मास्टरक्लास में ब्रिटेन के अनुभवी स्ट्रिंगिंग एक्सपर्ट टिम विलिस ने हिस्सा लिया। तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में उन्होंने 400 से अधिक बैडमिंटन प्रेमियों, खिलाड़ियों और कोचों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने रैकेट स्ट्रिंगिंग की तकनीक और खेल पर उसके प्रभाव को विस्तार से समझाया। यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए खास रहा जो बैडमिंटन के तकनीकी पहलुओं को गहराई से समझना चाहते हैं।

59 वर्षीय अंग्रेज़ Tim Willis एक प्रसिद्ध स्ट्रिंगर, सुपरवाइज़र और योनेक्स स्ट्रिंगिंग टीम के फाउंडिंग मेंबर हैं। वह पिछले तीन दशकों से बैडमिंटन रैकेट स्ट्रिंगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं और दुनिया के कई बड़े टूर्नामेंट्स में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर यह संदेश दिया कि बैडमिंटन में केवल रैकेट ही नहीं, बल्कि स्ट्रिंग का महत्व सबसे अधिक होता है।

कार्यक्रम के दौरान टिम विलिस ने कहा, “यह रैकेट नहीं है जिससे आप शटलकॉक मारते हैं, यह स्ट्रिंग है।” उनके इस कथन ने उपस्थित खिलाड़ियों और दर्शकों के बीच खासा ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि स्ट्रिंग की टेंशन, गुणवत्ता और उसकी फिटिंग सीधे खिलाड़ी के प्रदर्शन को प्रभावित करती है। उनके अनुसार, छोटे तकनीकी बदलाव भी खेल के परिणाम को बदल सकते हैं।

विलिस का बैडमिंटन से जुड़ाव बचपन से रहा है। वह खुद एक खिलाड़ी रह चुके हैं और शुरुआती दिनों में अपने रैकेट की मरम्मत और स्ट्रिंग बदलने का काम खुद करते थे। धीरे-धीरे उन्होंने यह काम अन्य खिलाड़ियों के लिए भी करना शुरू किया, जो बाद में उनका पेशेवर करियर बन गया। उनके अनुभव ने उन्हें इस क्षेत्र में एक विशेषज्ञ के रूप में स्थापित किया।

हैम्पशायर में जन्मे टिम विलिस को 1998 की ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में आधिकारिक स्ट्रिंगर के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद उनका करियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से आगे बढ़ा और उन्होंने ओलंपिक खेलों, वर्ल्ड चैंपियनशिप और बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के कई बड़े टूर्नामेंट्स में काम किया। उन्होंने दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ियों के रैकेट स्ट्रिंगिंग की जिम्मेदारी संभाली और उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया।

दिल्ली और मुंबई में एक दिन की वर्कशॉप करने के बाद टिम विलिस ने बेंगलुरु में अंतिम सत्र लिया। यहां बड़ी संख्या में खिलाड़ी और बैडमिंटन प्रेमी मौजूद रहे। इस सत्र में प्रतिभागियों ने रैकेट स्ट्रिंगिंग की तकनीक को करीब से समझा और अपने सवाल भी पूछे।

इस मास्टरक्लास का उद्देश्य खिलाड़ियों और शौकीनों को यह समझाना था कि खेल में उपकरणों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जा सकते हैं ताकि भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी जानकारी मिल सके और वे अपने खेल में सुधार कर सकें।

Next Story