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डेथ ओवर के नए बादशाह बने तिलक वर्मा, स्ट्राइक रेट ने चौंकाया

Rajeshwari Nishad
25 Oct 2026 12:18 PM IST
डेथ ओवर के नए बादशाह बने तिलक वर्मा, स्ट्राइक रेट ने चौंकाया
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स्पोर्ट्स। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। खासकर मैच के आखिरी पांच ओवरों में उनका आक्रामक अंदाज विपक्षी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। साल 2026 में 16वें से 20वें ओवर के बीच तिलक वर्मा का स्ट्राइक रेट 231.52 बताया गया है। इस दौरान कम से कम 75 गेंदों का सामना करने वाले 105 बल्लेबाजों में उनका स्ट्राइक रेट सबसे अधिक है। यह आंकड़ा बताता है कि तिलक अब केवल मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि मैच के अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने वाले खतरनाक खिलाड़ियों में भी शामिल हो गए हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भी तिलक वर्मा ने अपनी बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम मुश्किल परिस्थितियों में थी और न्यूजीलैंड के गेंदबाज लगातार दबाव बना रहे थे। ऐसे समय में तिलक ने जिम्मेदारी संभाली और नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डेथ ओवरों में तिलक वर्मा का जबरदस्त प्रदर्शन
टी20 क्रिकेट में आखिरी पांच ओवरों को डेथ ओवर कहा जाता है। यह मुकाबले का ऐसा समय होता है, जब बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं और गेंदबाज रन रोकने के लिए यॉर्कर, धीमी गेंद और दूसरी रणनीतियों का इस्तेमाल करते हैं।
इन परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। बल्लेबाज को कम गेंदों में अधिक रन बनाने के साथ अपना विकेट भी बचाना पड़ता है। लेकिन तिलक वर्मा ने इस चुनौती को अपनी ताकत बना लिया है।साल 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, डेथ ओवरों में उनका स्ट्राइक रेट 231.52 है। इसका मतलब है कि वह औसतन हर 100 गेंदों पर लगभग 232 रन बनाने की रफ्तार से बल्लेबाजी कर रहे हैं।
तिलक वर्मा का डेथ ओवर प्रदर्शन — 2026
स्ट्राइक रेट
231.52
तुलना में बल्लेबाज
105
ओवर
16 से 20
न्यूनतम गेंदें
75
आंकड़े उपलब्ध विवरण के अनुसार; स्वतंत्र सांख्यिकीय सत्यापन शेष है।
105 बल्लेबाजों में सबसे आगे तिलकटी20 क्रिकेट में दुनिया भर के कई बल्लेबाज अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन दिए गए आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 में कम से कम 75 गेंद खेलने वाले 105 बल्लेबाजों में तिलक वर्मा का स्ट्राइक रेट सबसे अधिक है।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि डेथ ओवरों में बल्लेबाजों को अक्सर विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों का सामना करना पड़ता है। गेंदबाज लगातार अपनी गति और गेंद की लंबाई में बदलाव करते हैं।ऐसी स्थिति में तेजी से रन बनाना बल्लेबाज की तकनीक, आत्मविश्वास और परिस्थितियों को समझने की क्षमता को दर्शाता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ 26 गेंदों में जड़ा नाबाद अर्धशतक
24 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 180 रन बनाए। ग्लेन फिलिप्स ने 46 गेंदों पर 70 रन और बेवन जैकब्स ने 46 गेंदों पर 58 रन की पारी खेली।
181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत लड़खड़ा गई। टीम ने 70 रन तक पांच विकेट गंवा दिए। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी पर दबाव बना दिया।ऐसे समय में तिलक वर्मा ने संयम के साथ पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने 26 गेंदों में छह चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 51 रन बनाए। भारत ने 19.5 ओवर में छह विकेट पर 181 रन बनाकर चार विकेट से जीत हासिल की।
आखिरी 17 गेंदों में ठोक दिए 41 रन
तिलक वर्मा की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनका सही समय पर आक्रामक होना रहा। उन्होंने शुरुआती नौ गेंदों में केवल 10 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद आखिरी 17 गेंदों पर 41 रन बटोर लिए।18वें ओवर में उन्होंने जैकब डफी के खिलाफ दो चौके लगाए। इसके बाद 19वें ओवर में नाथन स्मिथ की गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़कर मुकाबले का रुख भारत की ओर मोड़ दिया।अंतिम ओवर में भारत को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। तिलक ने पहली ही गेंद पर चौका लगाकर दबाव कम किया और टीम को जीत तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
नीतीश कुमार रेड्डी के साथ ऐतिहासिक साझेदारीतिलक वर्मा को इस मुकाबले में नीतीश कुमार रेड्डी का शानदार साथ मिला। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 30 गेंदों में 69 रनों की नाबाद साझेदारी की।नीतीश ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। इससे पहले नमन धीर ने 17 गेंदों में 31 रन बनाकर भारतीय टीम की वापसी की नींव रखी थी।तिलक और नीतीश की 69 रन की साझेदारी पूर्ण सदस्य देशों के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल लक्ष्य का पीछा करते हुए सातवें विकेट की संयुक्त रूप से दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी बनी।
मध्यक्रम में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल
तिलक वर्मा का प्रदर्शन केवल एक मैच तक सीमित नहीं है। साल 2026 में सफल लक्ष्य का पीछा करने वाले मुकाबलों में उन्होंने 19 पारियों में 533 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 76.14 रहा है।पांचवें से सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने इस साल 24 पारियों में 600 रन बनाए हैं। उनका औसत 50 और स्ट्राइक रेट 166.66 रहा है।
ये आंकड़े बताते हैं कि तिलक वर्मा तेजी से भारतीय टीम के महत्वपूर्ण फिनिशर बनते जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर वह पारी संभाल सकते हैं और अंतिम ओवरों में बड़े शॉट लगाकर मैच का परिणाम भी बदल सकते हैं।न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में शानदार प्रदर्शन के लिए तिलक वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
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